भारत के निर्यात-आयात कारोबार का मार्गदर्शन
भारतीय निर्यात-आयात बैंक देश का प्रमुख निर्यात वित्त संस्थान है जो विदेशी व्यापार और निवेश को भारत के आर्थिक उत्थान के साथ एकीकृत करके मूल्य निर्माण का प्रयास करता है।
बैंक को बोर्ड स्तर पर वरिष्ठ नीति निर्माताओं, विशेषज्ञ बैंकरों, उद्योग और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अग्रणी खिलाड़ियों के साथ-साथ निर्यात, आयात या वित्तपोषण के क्षेत्र के पेशेवरों द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त है। भारत के चारों कोनों और दुनिया के रणनीतिक स्थानों पर बैंक के कार्यालय हैं। बैंक अपने इन कार्यालयों के जरिए उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों का व्यवसाय बढ़ाने में सहयोग करता है।
निदेशक मंडल
स्थापना के बाद से ही एक्ज़िम बैंक का नेतृत्व करने वाली शख्सियतों ने हमारे अनूठे दृष्टिकोण और अनुभव को समृद्ध बनाने वाली नीतियों को लागू किया है| उन्होंने मार्गदर्शक के रूप में हमें आगे बढ़ाया है और आज भी भविष्य का रास्ता दिखा रहे हैं|
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले निदेशक
श्री सुधाकर दलेला
सचिव (ईआर)
विदेश मंत्रालय
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले निदेशक
श्री सुधाकर दलेला
विदेश मंत्रालय
श्री सुधाकर दलेला ने 1993 में भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश लिया। उन्होंने अपने राजनयिक करियर की शुरुआत इज़राइल के तेल अवीव से की। तब से वे ब्रासीलिया, शिकागो, ढाका, जिनेवा, थिम्फू और वाशिंगटन डी.सी. में भारतीय दूतावासों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में, उन्होंने भूटान में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया (2022-2025)।
श्री दलेला ने नई दिल्ली में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक (2009-2011) का पद भी शामिल है, जहां उन्होंने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों, पूर्वी एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र, खाड़ी देशों, मध्य पूर्व और अफ्रीका के देशों के साथ भारत के संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विदेश मंत्रालय में निदेशक (उत्तर) (2006-2007) और बाद में संयुक्त सचिव (उत्तर) (2016-2019) के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने भूटान और नेपाल के साथ भारत के संबंधों की देखरेख की।
वे व्यापार और आर्थिक नीति के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य विभाग में निदेशक (व्यापार नीति) के रूप में और विश्व व्यापार संगठन में भारत के स्थायी दूतावास में दो बार कार्य किया है, जिसमें 2014-2016 तक भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि के रूप में उनका कार्यकाल भी शामिल है।
श्री दलेला ने संयुक्त राज्य अमेरिका में विभिन्न पदों पर कार्य किया है: शिकागो में भारत के महावाणिज्यदूत (2019-2020); राजनीतिक मामलों के मंत्री (2011-2014), और वाशिंगटन डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख (2020-2022) के रूप में।
उन्होंने 1 सितंबर 2025 को विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) का पदभार ग्रहण किया। वर्तमान में वे भारत की आर्थिक कूटनीति; वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ विकास साझेदारी; अफ्रीका के साथ साझेदारी; बहुपक्षीय आर्थिक संबंध; और नई एवं उभरती रणनीतिक प्रौद्योगिकियों का प्रबंधन करते हैं। वे ब्रिक्स, आईबीएसए और आई2यू2 के लिए भारत के प्रतिनिधि हैं।
भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने से पहले, श्री दलेला ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उनका विवाह नम्रता से हुआ है, जो एक वस्त्र संरक्षक हैं, और उनकी एक बेटी अदिति और एक बेटा अनंत है।
श्री सुचिंद्र मिश्रा
विशेष सचिव
वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले निदेशक
श्री सुचिंद्र मिश्रा
वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
श्री सुचिंद्र मिश्रा, भारतीय रक्षा लेखा सेवा के 1992 बैच के अधिकारी हैं, और 1 जनवरी, 2026 से वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
रक्षा लेखा विभाग में विभिन्न पदों के अतिरिक्त, उन्होंने वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, साथ ही विनिवेश विभाग (अब DIPAM) और व्यय विभाग में उप सचिव और निदेशक के रूप में भी कार्य किया है।
इससे पहले वे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के साथ-साथ वित्तीय क्षेत्र के नियामक निकायों के बोर्ड में सरकारी नामित सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
वे दिल्ली विश्वविद्यालय और XLRI – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर (PGDM) के पूर्व छात्र हैं।
सुश्री हिमानी पांडे
अपर सचिव
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार, विभाग वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले निदेशक
सुश्री हिमानी पांडे
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार, विभाग वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
1998 बैच की आईएएस अधिकारी सुश्री पांडे झारखंड राज्य में कार्यान्वयन के साथ-साथ सार्वजनिक नीति नियोजन में विभिन्न कार्यभार संभाल चुकी हैं।
आप प्रकृति प्रेमी हैं और ट्रेकिंग करना आपको पसंद है।
सुश्री अपर्णा भाटिया
सलाहकार
आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले निदेशक
सुश्री अपर्णा भाटिया
आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
सुश्री अपर्णा भाटिया, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार में सलाहकार हैं और द्विपक्षीय सहयोग तथा सिक्का और मुद्रा एवं प्रशासन तथा समन्वय संबंधी कामकाज संभालती हैं।
सुश्री अपर्णा भाटिया भारतीय आर्थिक सेवा की 1996 बैच की अधिकारी हैं।
इससे पहले आपको आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध सलाहकार के रूप में कार्य का अनुभव रहा है और सार्क विकास कोष में निदेशक के रूप में आप भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। साथ ही, आप भारत के जी20 शेरपा की साओ-शेरपा रही हैं और फायनैंस डेप्यूटी की डेप्यूटी भी रही हैं। इस भूमिका में आपने ओईसीडी, ब्रिक्स, फायनैंस ट्रैक, आसियान आदि से संबंधित सभी मामले संभाले हैं।
सुश्री भाटिया इससे पहले, आर्थिक कार्य विभाग में निदेशक (बहुपक्षीय संस्थान) के रूप में सेवारत रही हैं और आपने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी), न्यू डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक (वित्त, अवसंरचना और आपदा राहत परियोजनाएं) संबंधी उत्तरदायित्व संभाले हैं। आपने न्यू डेवलपमेंट बैंक में भारत के निदेशक की सलाहकार के रूप में भी काम किया है। आपने नई दिल्ली में आईएमएफ के एसएआरटीटीएसी- दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता केंद्र की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई है।
आप आर्थिक कार्य विभाग के सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) प्रकोष्ठ की छह साल तक प्रमुख रही हैं और यह वह समय रहा, जिस दौरान भारत में विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों में पीपीपी परियोजनाएं अपने सर्वोच्च स्तर पर रही।
सुश्री भाटिया पांच वर्षों के लिए नागालैंड सरकार की विशेष कार्याधिकारी के रूप में भी पदस्थ रहीं, जहां आपने राज्य में बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं, शहरी विकास, स्व-रोजगार के लिए कौशल विकास, आयोजना, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी तथा मूल्यांकन जैसे कार्यभार संभाले।
सुश्री भाटिया ने नागालैंड राज्य मानव विकास रिपोर्ट लिखी है, पीपीपी परियोजनाओं के लिए वेबसाइटें डिज़ाइन की हैं, पीपीपी नीतियां और ऑनलाइन पीपीपी टूलकिट तैयार की हैं। इसके अलावा, आपने भारत में पीपीपी पर करीब तीस दस्तावेज तैयार करने वाली टीम का नेतृत्व किया है- जिनमें पीपीपी कार्यक्रम, सड़कों, जल आपूर्ति, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के संबंध में सर्वश्रेष्ठ कार्य पद्धतियों से संबंधित दस्तावेज तथा पीपीपी में केस स्टडी जैसे दस्तावेज शामिल रहे हैं।
डॉ. अभिजीत फुकन
आर्थिक सलाहकार
वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले निदेशक
डॉ. अभिजीत फुकन
वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय
डॉ. अभिजीत फुकन के भारतीय आर्थिक सेवा (IES 2004 बैच) के अधिकारी हैं। वर्तमान में आप वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) में आर्थिक सलाहकार तथा मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सिसो) के रूप में कार्यरत हैं।
आप वित्त में पीएचडी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। आपने मानव संसाधन विकास और मार्केटिंग में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया है। अर्थशास्त्र, प्रबंधन एवं वित्त से संबंधित विभिन्न विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लब्धप्रतिष्ठ जर्नलों में आपके कई शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।
आपको शैक्षणिक, अनुसंधान और लोक नीति में विभिन्न विभागों में गवर्नैंस का बीस वर्षों से अधिक का अनुभव है। आपको संपोषी वित्त/सीएसआर/सतत विकास लक्ष्यों/पर्यावरणीय, सस्टैनेबिलिटी और गवर्नैंस, कॉर्पोरेट गवर्नैंस, विनियामकीय एवं अनुपालन, ऊर्जा एवं विद्युत क्षेत्र, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी), अंतरराष्ट्रीय व्यापार आदि में विशद अनुभव और विशेषज्ञता है।
आप वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में सचिव सहित विभिन्न पदों पर रहे हैं। इसके अलावा, आप राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) में भी सेवारत रहे हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए आप आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सुधार और नीतिगत फ्रेमवर्कों के अगुआ रहे हैं।
अन्य संस्थाओं और वाणिज्यिक बैंकों से निदेशक
श्री अर्नब कुमार चौधरी
कार्यकारी निदेशक
आरबीआई
संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक
श्री अर्नब कुमार चौधरी
आरबीआई
श्री अर्नब कुमार चौधरी ने 1994 में भारतीय रिज़र्व बैंक में कार्यभार संभाला। उन्होंने वित्तीय संस्थाओं के पर्यवेक्षण के क्षेत्र में व्यापक कार्य किया है। उन्होंने कॉर्पोरेट रणनीति, बजट, लेखांकन आदि क्षेत्रों में भी कार्य किया है। वे कई समितियों और कार्य समूहों के सदस्य रहे हैं और नीति निर्माण में योगदान देते रहे हैं।
कार्यकारी निदेशक (ईडी) के पद पर पदोन्नत होने से पहले, श्री चौधरी पर्यवेक्षण विभाग के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक थे।
श्री चौधरी को 3 जून, 2024 से कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया। कार्यकारी निदेशक के रूप में, श्री चौधरी विदेशी मुद्रा विभाग, अंतर्राष्ट्रीय विभाग और जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम का कार्यभार संभाल रहे हैं।
श्री राकेश शर्मा
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ
आईडीबीआई बैंक लिमिटेड
संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक
श्री राकेश शर्मा
आईडीबीआई बैंक लिमिटेड
श्री राकेश शर्मा आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। इससे पहले, श्री शर्मा केनरा बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं। केनरा बैंक में रहते हुए उन्होंने केनरा बैंक की समूह कंपनियों में अध्यक्ष का पद भी संभाला।
श्री शर्मा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया [एसबीआई] में मुख्य महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे, जिसके बाद वे 2014 में लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड में शामिल हुए। एसबीआई में उन्हें 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश क्षेत्र में मध्य कॉर्पोरेट खातों के प्रमुख, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खुदरा परिचालन की देखरेख, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग समूह में बैंकिंग परिचालन, विशेष शाखाओं/प्रशासनिक कार्यालयों में क्रेडिट संबंधी कार्यभार आदि जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
श्री राकेश शर्मा अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और सीएआईआईबी प्रमाणित हैं।
श्री सृष्टिराज अम्बास्था
अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक
ईसीजीसी लिमिटेड
संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक
श्री सृष्टिराज अम्बास्था
ईसीजीसी लिमिटेड
श्री श्रीस्तराज अम्बास्था 16.12.2024 से ईसीजीसी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हैं। वे 01.09.2023 से ईसीजीसी लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक और 01.11.2023 से अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) हैं। भारत की प्रमुख निर्यात ऋण एजेंसी ईसीजीसी में उनका 29 वर्षों का करियर अल्पकालिक और मध्यम-दीर्घकालिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक कार्यक्षेत्रों को समेटे हुए है, जिनमें उत्पाद और नीति विकास, विपणन, लेखापरीक्षा और अनुपालन, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण, ऋण पद्धतियाँ, अंतर्राष्ट्रीय संबंध और ईसीजीसी के नए पीढ़ी के सूचना प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख के रूप में, उन्होंने विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर ईसीजीसी की बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कंपनी का प्रतिनिधित्व किया है। वे कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में वक्ता रहे हैं।
वे कंपनी के बोर्ड में पूर्णकालिक निदेशक होने के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा परियोजना निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्थापित राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता (एनईआईए) के अध्यक्ष न्यासी भी हैं। वे इंडिया एक्जिम बैंक के बोर्ड में निदेशक हैं। जुलाई 2024 में, उन्हें ईसीजीसी लिमिटेड के माध्यम से भारत गणराज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए अफ्रीकन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट इंश्योरेंस (एटीआईडीआई), केन्या के बोर्ड में वैकल्पिक निदेशक नियुक्त किया गया।
उन्होंने 2020 से 2023 तक ईसीजीसी के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के रूप में कार्य किया है। सीवीओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कंपनी की प्रणालियों और प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई पहल कीं।
उनके पास राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ-साथ विपणन में एमबीए और मानव संसाधन प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की पेशेवर योग्यता भी है।
वे 14 नवंबर 2023 से कंपनी के बोर्ड में निदेशक हैं।
श्री चाल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी
अध्यक्ष
भारतीय स्टेट बैंक
संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक
श्री चाल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी
भारतीय स्टेट बैंक
श्री चाल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने 28 अगस्त 2024 को अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। वे जनवरी 2020 में प्रबंध निदेशक के रूप में एसबीआई के बोर्ड में शामिल हुए और वर्ष 2020 से 2022 तक खुदरा एवं डिजिटल बैंकिंग विभाग का नेतृत्व किया तथा उसके बाद बैंक के अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग, वैश्विक बाजार एवं प्रौद्योगिकी पोर्टफोलियो का कार्यभार संभाला। वे भारत सरकार द्वारा गठित विभिन्न कार्य बलों/समितियों के प्रमुख भी रहे हैं।
कृषि में स्नातक की डिग्री प्राप्त और भारतीय बैंकर संस्थान के प्रमाणित एसोसिएट, उन्होंने 1988 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया। तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में, उन्हें कॉर्पोरेट ऋण, खुदरा, डिजिटल और अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग तथा विकसित बाजारों में बैंकिंग का व्यापक अनुभव है। श्री सेट्टी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में भारत और विदेश दोनों में तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रबंधन, कॉर्पोरेट बैंकिंग, मध्य-कॉर्पोरेट बैंकिंग, वैश्विक बाजार, प्रौद्योगिकी और सिंडिकेशन में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
श्री अश्वनी कुमार
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ
यूको बैंक
संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक
श्री अश्वनी कुमार
यूको बैंक
श्री अश्वनी कुमार चार्टर्ड अकाउंटेंट, वाणिज्य में स्नातकोत्तर और भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान (आईसीआई) के प्रमाणित सदस्य हैं। उन्हें बैंकिंग क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव है।
श्री अश्वनी कुमार ने बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉर्पोरेशन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन बैंक जैसे विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कार्य करते हुए तरक्की की है। उनके अनुभव में थोक बैंकिंग प्रभाग और औद्योगिक वित्त शाखाओं और बड़ी कॉर्पोरेट शाखाओं सहित कई शाखाओं के प्रमुख के रूप में कार्य करना शामिल है। महाप्रबंधक के रूप में, उन्होंने मध्यम कॉर्पोरेट और बड़ी कॉर्पोरेट शाखाओं का नेतृत्व किया है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधक और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) के रूप में भी कार्य किया है।
एक उत्साही शिक्षार्थी के रूप में, उन्होंने भारत और विदेश के प्रमुख संस्थानों, जिनमें आईआईएम और सीएएफआरएएल शामिल हैं, में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है। उन्होंने आईआईएम बैंगलोर का नेतृत्व विकास कार्यक्रम भी पूरा किया है, जिसे बैंक बोर्ड ब्यूरो द्वारा आईबीए और एगॉन ज़ेहंडर इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के परामर्श से तैयार किया गया था।
यूको बैंक में एमडी एवं सीईओ के रूप में शामिल होने से पहले, वे इंडियन बैंक के कार्यकारी निदेशक थे।
श्री रजनीश कर्नाटक
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ
बैंक ऑफ इंडिया
संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक
श्री रजनीश कर्नाटक
बैंक ऑफ इंडिया
श्री रजनीश कर्नाटक ने 29 अप्रैल, 2023 को बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे 21 अक्टूबर, 2021 से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य महाप्रबंधक थे। उन्होंने वाणिज्य में स्नातकोत्तर (एम.कॉम) की उपाधि प्राप्त की है और वे भारतीय बैंकर संस्थान (सीएआईआईबी) से प्रमाणित एसोसिएट हैं।
श्री कर्नाटक को बैंकिंग क्षेत्र में 31 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है और उन्हें विभिन्न शाखा एवं प्रशासनिक कार्यालयों में कार्य करने का अनुभव है। उन्होंने क्रेडिट मॉनिटरिंग, डिजिटल बैंकिंग और मिड कॉर्पोरेट क्रेडिट जैसे विभागों का नेतृत्व किया है। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक में क्रेडिट रिव्यू एवं मॉनिटरिंग डिवीजन और कॉर्पोरेट क्रेडिट डिवीजन का भी नेतृत्व किया है।
श्री कर्नाटक ने आईआईएम-कोझिकोड और जेएनआईडीबी हैदराबाद से विभिन्न प्रशिक्षण एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रमों में भाग लिया है और आईएमआई (अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन संस्थान) दिल्ली और आईआईबीएफ (भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान) में उन्नत प्रबंधन कार्यक्रमों में भी भाग लिया है। वे बैंक बोर्ड ब्यूरो द्वारा आईआईएम बैंगलोर और एगॉन ज़ेन्डर के नेतृत्व विकास कार्यक्रम के लिए चयनित वरिष्ठ अधिकारियों के पहले बैच का हिस्सा थे। उन्हें ऋण मूल्यांकन का अनुभव है, जिसमें परियोजना और कार्यशील पूंजी वित्तपोषण शामिल है, साथ ही जोखिम प्रबंधन में उनकी मजबूत विशेषज्ञता और ऋण जोखिम पर विशेष ध्यान है।
श्री कर्नाटक ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से यूबीआई सर्विसेज लिमिटेड के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उन्होंने यूबीआई (यूके) लिमिटेड के बोर्ड में गैर-स्वतंत्र गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। वे भारतीय बैंक प्रबंधन संस्थान (आईआईबीएम) गुवाहाटी के शासी बोर्ड के सदस्य थे। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की ओर से पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और इंडिया एसएमई एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के बोर्ड में नामित निदेशक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने आईएएमसीएल (आईआईएफसीएल एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) में बोर्ड ट्रस्टी के रूप में भी कार्य किया है।
उन्हें एक्जिम बैंक के निदेशक मंडल में निदेशक के रूप में नामित किया गया है। वे आईबीए वार्ता समिति, मानव संसाधन एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध संबंधी आईबीए स्थायी समिति, आईबीएसएफ गिफ्ट सिटी (आईबीए की बैंकिंग इकाइयाँ) संबंधी आईबीए क्षेत्रीय समिति, आईबीपीएस की वित्त समिति, आईबीपीएस कर्मचारी भविष्य निधि के प्रशासकों और आईबीपीएस शासी बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, वे कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों संबंधी आईबीए स्थायी समिति के वैकल्पिक अध्यक्ष और आईबीए प्रबंध समिति, एनआईबीएम शासी बोर्ड, एनआईबीएम परिसर समिति, एनआईबीएम वित्त समिति तथा सीआईआई की बैंकिंग संबंधी राष्ट्रीय समिति के सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं।
पूर्णकालिक निदेशक
सुश्री हर्षा बंगारी
प्रबंध निदेशक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
पूर्णकालिक निदेशक
सुश्री हर्षा बंगारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
सुश्री हर्षा बंगारी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (एक्जिम बैंक) की प्रबंध निदेशक हैं, जिनके पास सीमा पार वित्त और बैंकिंग में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। 1995 में एक्जिम बैंक में शामिल होने के बाद से, उन्होंने कोषागार एवं लेखा, विदेशी निवेश वित्त, कॉर्पोरेट बैंकिंग, प्रबंधन सूचना प्रणाली, जोखिम प्रबंधन और परियोजना वित्त सहित विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएँ निभाई हैं।
2018 में, सुश्री बंगारी को बैंक का मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त किया गया। दो साल बाद, वे बैंक की उप प्रबंध निदेशक बनने वाली पहली महिला बनीं। 2021 में, उन्हें प्रबंध निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया।
योग्यता से चार्टर्ड अकाउंटेंट, सुश्री बंगारी ने मुंबई विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वे केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (2018 बैच) के महिला वरिष्ठ नेतृत्व कार्यक्रम की पूर्व छात्रा हैं और उन्होंने भारत और विदेश में कई उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है। उन्हें स्पेनिश और फ्रेंच भाषाओं का बुनियादी ज्ञान है, और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजार, देनदारी प्रबंधन और परियोजना वित्त पर उनकी अंतर्दृष्टि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में अक्सर मांगी जाती है।
सुश्री बंगारी का विवाह श्री भूपेंद्र बंगारी से हुआ है और उनका एक बेटा है - अमल। अपने पेशेवर दायित्वों के अलावा, उन्हें योग करना और अपने पालतू कुत्ते के साथ समय बिताना पसंद है।
श्री तरुण शर्मा
उप प्रबंध निदेशक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
पूर्णकालिक निदेशक
श्री तरुण शर्मा
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
श्री तरुण शर्मा इंडिया एक्जिम बैंक के उप प्रबंध निदेशक हैं। इससे पहले, वे बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) थे और उन्होंने बैंक की प्रौद्योगिकी पहलों का नेतृत्व भी किया। उन्हें व्यापार, प्रतिस्पर्धा, उद्योग और अवसंरचना विकास एवं नीति के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का वैश्विक अनुभव है।
सीएफओ के रूप में अपने कार्यकाल से पहले, श्री शर्मा बैंक के नई दिल्ली कार्यालय के प्रमुख थे, जहां उनकी जिम्मेदारियों में भारतीय कंपनियों की क्षमता बढ़ाने के लिए वित्त संरचना तैयार करना; साझेदार देशों में सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं का समर्थन करना; सरकारी मामलों को संभालना और नीति निर्माण में योगदान देना शामिल था। इस दौरान, श्री शर्मा ने 'उभरते सितारे कार्यक्रम' नामक एक नई पहल भी शुरू की, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी, उत्पाद या प्रक्रिया के माध्यम से अपार संभावनाओं वाले उद्यमों की पहचान करना और उन्हें ऋण, इक्विटी और तकनीकी सहायता के मिश्रण के माध्यम से समर्थन देना था।
श्री शर्मा ने पिछले दो दशकों में बैंक के विभिन्न कार्यात्मक समूहों में काम किया है, जिनमें बैंक का नीति व्यवसाय, रणनीति निर्माण और अध्यक्ष के कार्यकारी सहायक के रूप में कार्य करना शामिल है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में स्थित बैंक के रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव (अमेरिका) के रूप में भी कार्य किया है, जिसके बाद उन्होंने विश्व बैंक की क्षमता विकास और साझेदारी इकाई में सलाहकार के रूप में भी काम किया।
श्री शर्मा ने 'प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट्स: कनेक्टिंग कॉन्टिनेंट्स विद इंडियन एक्सपर्टाइज' नामक पुस्तक लिखी है, जिसमें भारत के सतत तीव्र आर्थिक विकास के प्रयासों में परियोजना निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका का विश्लेषण किया गया है। उन्होंने पुणे से इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, उसके बाद मुंबई से प्रबंधन अध्ययन में स्नातकोत्तर कार्यक्रम और अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय से एडवांस्ड एक्जीक्यूटिव मैनेजमेंट कार्यक्रम किया है।
श्री शर्मा अपने खाली समय में पढ़ना, संगीत सुनना और प्रौद्योगिकी में रुचि रखते हैं।
सुश्री दीपाली अग्रवाल
उप प्रबंध निदेशक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
पूर्णकालिक निदेशक
सुश्री दीपाली अग्रवाल
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
सुश्री दीपाली अग्रवाल इंडिया एक्जिम बैंक की उप प्रबंध निदेशक हैं। इससे पहले वे बैंक की मुख्य वित्तीय अधिकारी थीं। लगभग तीन दशकों के अनुभव के साथ, उन्होंने बैंक के घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। कोषागार एवं लेखा, कॉर्पोरेट बैंकिंग, परियोजना निर्यात, संचार एवं ब्रांड प्रबंधन, जमीनी स्तर के उद्यमों का उत्थान, मानव संसाधन प्रबंधन एवं पुनर्प्राप्ति जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य करते हुए, उन्होंने संगठनात्मक लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। उन्होंने बैंक के पश्चिमी क्षेत्र और सिंगापुर प्रतिनिधि कार्यालय का नेतृत्व करते हुए बैंक का प्रतिनिधित्व किया।
सुश्री अग्रवाल भारतीय उद्योग परिसंघ-एक्जिम बैंक द्वारा दिए जाने वाले व्यावसायिक उत्कृष्टता पुरस्कार की योग्य मूल्यांकनकर्ता हैं, जिसकी स्थापना भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। एक मनोनीत निदेशक के रूप में, वे विभिन्न क्षेत्रों की कई कंपनियों के बोर्ड में रह चुकी हैं। उन्होंने नीति विकास से संबंधित सरकारी समितियों में कार्य समूह सदस्य के रूप में भाग लिया है और विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत विकास में योगदान दिया है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में बैंक की ब्रांड छवि और दृश्यता को बढ़ाना, जमीनी स्तर के कारीगरों का उत्थान और महिला सशक्तिकरण शामिल है, जिसके लिए उन्होंने नई पहलों की परिकल्पना, अवधारणा निर्माण और कार्यान्वयन किया है। उन्होंने परिसंपत्तियों के निर्माण, संसाधनों के संवर्धन, आय में वृद्धि में योगदान दिया है और बैंक के लिए महत्वपूर्ण वसूली करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
सुश्री अग्रवाल ने मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से वित्त में विशेषज्ञता के साथ प्रबंधन अध्ययन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने के बाद 1995 में बैंक में कार्यभार संभाला। उन्होंने केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के वरिष्ठ नेतृत्व कार्यक्रम में भाग लिया और आईआईएम बैंगलोर के सहयोग से बैंक बोर्ड ब्यूरो द्वारा आयोजित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ प्रबंधन के लिए नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भी भाग लिया।
