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भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान भारत का कुल माल निर्यात 125.3 अरब अमेरिकी डॉलर रहेगा, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 8.7% की वृद्धि दर्ज की जाएगी। वहीं, गैर-तेल निर्यात में 12.1% की वृद्धि के साथ 113.4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। गैर-तेल और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात का अनुमान है कि इसी तिमाही में यह 98 अरब अमेरिकी डॉलर रहेगा, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 5.7% की वृद्धि दर्ज की जाएगी।

इन पूर्वानुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के पूरे वर्ष के लिए भारत का कुल व्यापारिक निर्यात 455.6 अरब अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है, जिसमें 4.1% की वृद्धि होगी, जबकि गैर-तेल निर्यात 401.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जिसमें 7.3% की वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2026 में गैर-तेल और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 364.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है, जिसमें 5.7% की वृद्धि होगी।

लगातार बनी रहने वाली व्यापक आर्थिक स्थिरता, प्रतिस्पर्धी विनिमय दर और हालिया केंद्रीय बजट में किए गए उच्च पूंजीगत व्यय के कारण समग्र प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि से भारत के निर्यात दृष्टिकोण में और सुधार होने की उम्मीद है। निर्यात राहत उपायों के रूप में नीतिगत हस्तक्षेपों से इस गति को और बल मिल रहा है। निर्यात के भौगोलिक विविधीकरण में वृद्धि और चुनिंदा देशों के साथ हाल ही में संपन्न व्यापार वार्ताओं की अनुकूल संभावनाओं से भी निर्यात में सकारात्मक वृद्धि होने की उम्मीद है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता और कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता के कारण इन वृद्धि अनुमानों में गिरावट का जोखिम भी है।

भारत के कुल व्यापारिक निर्यात, गैर-तेल निर्यात और गैर-तेल और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात में वृद्धि का पूर्वानुमान एक्जिम बैंक द्वारा तिमाही आधार पर जारी किया जाता है। यह पूर्वानुमान संबंधित तिमाहियों के लिए मई, अगस्त, नवंबर और फरवरी के पहले पखवाड़े में जारी किया जाता है, जो इसके निर्यात अग्रणी सूचकांक (ईएलआई) मॉडल पर आधारित होता है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अर्थात अप्रैल-जून 2026) के लिए भारत के निर्यात की वृद्धि का अगला पूर्वानुमान मई 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किया जाएगा।

मॉडल में किए गए सुधारों और पूर्वानुमान परिणामों की समीक्षा डॉ. सत्यानंद साहू, सलाहकार, आर्थिक एवं नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई; प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता; प्रोफेसर एन. आर. भानुमूर्ति, निदेशक, मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, चेन्नई; और प्रोफेसर सी. वीरमणि, निदेशक, विकास अध्ययन केंद्र, तिरुवनंतपुरम सहित संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है।

अपनी सतत अनुसंधान पहलों के अंतर्गत, एक्ज़िम बैंक ने भारत के निर्यात में तिमाही आधार पर होने वाले उतार-चढ़ाव पर नज़र रखने और पूर्वानुमान लगाने के लिए एक निर्यात अग्रणी सूचकांक (ईएलआई) तैयार करने हेतु एक आंतरिक मॉडल विकसित किया है। ईएलआई देश के निर्यात के दृष्टिकोण का आकलन करता है और इसे मूल रूप से कुल व्यापारिक वस्तुओं, गैर-तेल निर्यात और गैर-तेल एवं गैर-रत्न वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक अग्रणी संकेतक के रूप में विकसित किया गया है। देश के आभूषण निर्यात का तिमाही विश्लेषण कई बाहरी और घरेलू कारकों के आधार पर किया जाता है जो निर्यात को प्रभावित कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें: श्री गौरव भंडारी/डॉ. विश्वनाथ जंध्याला, मुख्य महाप्रबंधक/उप महाप्रबंधक, अनुसंधान एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, आठवीं मंजिल, मेकर चैंबर IV, नरीमन पॉइंट, मुंबई 400021, टेलीफोन: 91-22-2286, 0310/0313 ईमेल: gaurav@eximbankindia.in/viswanath@eximbankindia.in