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अफ्रीका में भारतीय परियोजना निर्यातों को सहयोग के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अफ्रीका फायनैंस कॉर्पोरेशन (एएफसी) को दिया 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण

 

भारत और अफ्रीका के संबंध विभिन्‍न क्षेत्रों में साझेदारी पर आधारित रहे हैं और अफ्रीका के विकास में व्यापार की अहम भूमिका रही है। पिछले दस वर्षों में भारत, अफ्रीका के एक प्रमुख व्यापार साझेदार के रूप में उभरा है। यह साझेदारी केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रही। भारत ने अफ्रीका में बुनियादी ढांचे से लेकर क्षमता विकास तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में भी में निवेश किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में, अफ्रीका के साथ भारत का कुल व्यापार 81.90 बिलियन यूएस डॉलर का रहा। इसमें अफ्रीका को भारत से निर्यात 42.70 बिलियन यूएस डॉलर के रहे।

अफ्रीका और भारत में परस्पर मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। इसी क्रम में, भारत सरकार ने अफ्रीका के साथ देश के व्यापार को और सुदृढ़ करने के लिए अपनी “फोकस अफ्रीका” पहल के अंतर्गत एक नई शुरुआत की है। इसके अंतर्गत 19 मई, 2026 को इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अफ्रीका फायनैंस कॉर्पोरेशन (एएफसी) को 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-सुविधा प्रदान की है। इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों में भारत के परियोजना निर्यातों को सहयोग प्रदान करना है।

यह ऋण-सुविधा एएफसी को इससे पहले दी गई ऋण-सुविधा से अलग है। इससे पहले, अगस्त 2021 में कोविड-19 महामारी के बाद अफ्रीका की अर्थव्यवस्था को पुनः सुदृढ़ करने के क्रम में आवश्यक बुनियादी ढांचागत विकास के लिए भारत सरकार द्वारा एएफसी को 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान की गई थी। इसके अलावा, अफ्रीका में भारत के परियोजना निर्यातों को बढ़ावा देने के लिए मार्च 2026 में भी 100 मिलियन यूएस डॉलर की एक अन्य ऋण सुविधा प्रदान की गई थी।

एएफसी संधि-आधारित अखिल अफ्रीकी बहुपक्षीय वित्तीय संस्था है। इसका मुख्य फोकस अफ्रीका में बुनियादी ढांचे में निवेश पर है। एएफसी के कुल 48 सदस्य देश हैं, जो सभी संप्रभु राष्‍ट्र हैं।