इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत का मर्चैंडाइज़ निर्यात 111.9 बिलियन यूएस डॉलर और गैर-तेल निर्यात 97.8 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा
भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए भारत के निर्यात पूर्वानुमान जारी कर दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में, भारत के कुल मर्चैंडाइज़ निर्यात 111.9 बिलियन यूएस डॉलर और गैर-तेल निर्यात 97.8 बिलियन यूएस डॉलर के रहने का पूर्वानुमान है। मर्चैंडाइज निर्यात में जहां 0.3% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि का पूर्वानुमान है, तो वहीं गैर-तेल निर्यात में 3.5% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि का अनुमान है। साथ ही, इसी तिमाही के दौरान गैर-तेल और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 90.4 बिलियन यूएस डॉलर के रहने का पूर्वानुमान है, जिसमें 2.9% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि का पूर्वानुमान है।
गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि का एक कारण इन निर्यातों के बढ़ता भौगोलिक विविधीकरण हो सकता है। साथ ही, लक्षित आपातकालीन ऋण सहायता सहित समयोचित नीतिगत उपाय भी इस वृद्धि में सहायक रहे हैं। चुनिंदा देशों के साथ हाल ही में संपन्न हुई व्यापार वार्ताओं से बनी संभावनाओं के चलते गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि बने रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, वैश्विक मांग और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के चलते भी भारत के निर्यातों में वृद्धि हो सकती है। तथापि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में जारी अनिश्चितताओं के चलते, इस परिदृश्य में गिरावट का जोखिम भी बना हुआ है।
एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत के कुल मर्चैंडाइज़ निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) मॉडल के आधार पर संबंधित तिमाहियों के लिए मई, अगस्त, नवंबर और फरवरी के पहले पखवाड़े में जारी किए जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के लिए भारत के निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किए जाएंगे।
इस मॉडल में सुधार तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में डॉ. सत्यानंद साहू, सलाहकार, आर्थिक विश्लेषण और नीति विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई, प्रो. सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, निदेशक, मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, चेन्नई और प्रोफेसर सी. वीरामणि, निदेशक, विकास अध्ययन केंद्र, त्रिवेंद्रम शामिल हैं।
इस मॉडल में सुधार तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में डॉ. सत्यानंद साहू, सलाहकार, आर्थिक विश्लेषण और नीति विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई, प्रो. सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, निदेशक, मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, चेन्नई और प्रोफेसर सी. वीरामणि, निदेशक, विकास अध्ययन केंद्र, त्रिवेंद्रम शामिल हैं।
विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:-
श्री गौरव भंडारी, मुख्य महाप्रबंधक - शोध एवं विश्लेषण समूह
डॉ. विश्वनाथ जंध्याला, उप महाप्रबंधक - शोध एवं विश्लेषण समूह
भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV,जमनालाल बजाज मार्ग,नरीमन पॉइंट, मुम्बई 400021,
फोनः +91-22-2286 0310/ 0313,
ईमेल: gaurav[at]eximbankindia[dot]in/ viswanath[at]eximbankindia[dot]in
