बैंक का ऋण आवेदन फार्म यथासंभव व्यावहारिक और व्यापक होगा। यदि किसी विशिष्ट उत्पाद अथवा ट्रांज़ैक्शन के मामले में कोई विशिष्ट सूचना अपेक्षित है तो मामले-वार आधार पर इसकी जानकारी अलग से मांगी जाएगी।
बैंक द्वारा सभी ऋण आवेदनों की पावती प्रदान की जाएगी और इसमें ऋण प्रक्रिया पूरी करने की संभावित समयसीमा भी सूचित की जाएगी।
ऋण आवेदन प्राप्त होने के बाद एक तार्किक अवधि में इसकी जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा ऋण प्रस्ताव के मूल्यांकन के लिए आवश्यक अतिरिक्त सूचना/दस्तावेजों के संबंध में उधारकर्ता को तत्काल सूचित किया जाएगा।
प्रोसेसिंग संबंधी सभी प्रभारों / शुल्कों की जानकारी उधारकर्ता को अपफ्रंट प्रदान की जाएगी, ताकि उधारकर्ता को किसी विशेष क्रेडिट ट्रांजैक्शन के लिए ‘संपूर्ण लागत सहित’ ऋण की कुल लागत की जानकारी मिल सके।
प्रारंभिक स्तर प्रस्ताव पर विधिवत विचार के बाद यदि उसे गहन जांच (ड्यू डिलिजेंस) के लिए उपयुक्त पाया जाता है तो आवेदक को इसकी संपूर्ण लागत सहित शर्तें; अन्य के साथ-साथ प्रोसेसिंग के लिए देय शुल्क/ प्रभार, तथा बाद में प्रस्ताव को अस्वीकृत किए जाने या मंजूरी के निरस्तीकरण पर इन शुल्कों की वापसी, पूर्व भुगतान विकल्पों और उधारकर्ता के हितों को प्रभावित करने वाली अन्य शर्तों आदि के संबंध में पुष्टि के लिए स्पष्ट रूप से सूचित किया जाएगा।
बैंक द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस प्रकार के प्रभार /शुल्क भेदभाव रहित हों। इस प्रकार की सूचना ऋण उत्पादों की सभी श्रेणियों के लिए बैंक की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी
प्रस्ताव पर विधिवत विचार के बाद यदि उसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया जाता है तो सभी ऋण श्रेणियों में आवेदक को समुचित समयावधि में अस्वीकृति के कारण देते हुए लिखित में सूचित किया जाएगा, चाहे संबंधित ऋण की राशि कुछ भी हो।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्राहक की ऋण आवश्यकताओं का उचित मूल्यांकन हो। तथापि, ऋण राशि का निर्धारण, बैंक के ऋण मानदंडों तथा संबंधित ऋण कार्यक्रम के पैरामीटरों को ध्यान में रखते हुए ग्राहक के साथ विमर्श कर तय किया जाएगा।
मार्जिन तथा प्रतिभूतियों का निर्धारण सम्यक जांच और उधारकर्ता की साख के आधार पर समुचित जांच के जरिए किया जाएगा और बैंक मार्जिन तथा प्रतिभूतियों का उपयोग उधारकर्ता की साख के संबंध में सम्यक जांच के विकल्प के रूप में नहीं करेगा।
बैंक द्वारा उधारकर्ता को ऋण मंजूरी की शर्तों के संबंध में विधिवत सूचित किया जाएगा तथा उधारकर्ता द्वारा इन शर्तों की स्वीकारोक्ति / पुष्टि संबंधी रिकॉर्ड अपने पास सुरक्षित रखा जाएगा।
बैंक द्वारा मंजूर की गई ऋण सुविधाओं की शर्तें तथा उधारकर्ता से चर्चा के बाद निर्धारित किए गए अन्य नियमों को एक ऋण करार/वचन पत्र/ अन्य समरूपी दस्तावेज के रूप में तैयार करवाया जाएगा। ऐसे दस्तावेजों/करार की एक प्रतिलिपि उधारकर्ता को उनके रिकॉर्ड के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
उधारकर्ता से विचार विमर्श के उपरांत तैयार ऋण करार/वचनपत्र/अन्य समरूपी दस्तावेजों के प्रति बैंक की देयता/वचनबद्धता सीमित होगी जो मंजूर सीमा, व्यवसाय के विकास/विस्तार के लिए बिना किसी संशोधन/समीक्षा के अतिरिक्त वित्त की आवश्यकता और अथवा अतिरिक्त ऋण सीमाओं की मंजूरी तक ही सीमित होगी। खाते के अनर्जक हो जाने अथवा ऋण मंजूरी शर्तों का अनुपालन न करने पर बैंक को सभी सुविधाओं को वापस लेने का अधिकार होगा।
सामूहिक वित्तीयन (कंसोर्शियम लेंडिंग) के मामले में बैंक द्वारा ऋण प्रस्ताव का मूल्यांकन यथासंभव समयबद्ध ढंग से किया जाएगा तथा इस पर अपने निर्णय से समुचित समय में उधारकर्ता को सूचित किया जाएगा।
बैंक द्वारा मंजूर ऋणों का संवितरण समय पर सुनिश्चित किया जाएगा, बशर्ते कि ग्राहक द्वारा संवितरण प्रक्रिया व पहले से ही सूचित की गई शर्तों का अनुपालन किया जाता है।
उधारकर्ता को ऋण करार/वचन पत्र/अन्य समरूपी दस्तावेजों में विनिर्दिष्ट न किए जाने पर, ब्याज दर, सेवा प्रभार आदि सहित किसी भी शर्त एवं नियम में परिवर्तन के संबंध में अग्रिम रूप से सूचित किया जाएगा। ब्याज दरों एवं अन्य प्रभारों में कोई भी परिवर्तन, ऋण करार/वचन पत्र/ अन्य समरूपी दस्तावेजों में अन्यथा विशेष रूप से प्रावधान न होने की स्थिति को छोड़कर, केवल भावी आधार पर ही प्रभावी होंगे। तथापि, विनियामकीय/सरकारी प्राधिकारी द्वारा लगाए गए प्रभार ‘बैक टू बैक’ आधार पर लागू होंगे।
ग्रासरूट उद्यमों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा बैंक द्वारा भविष्य में लॉन्च किए जाने वाले अन्य नए उत्पादों के वित्तपोषण के मामलों में, जहां एक्सपोज़र ₹ 2 लाख से कम होगा, संवितरण के उपरांत बैंक/ बैंक के अभिकर्ता द्वारा पर्यवेक्षण इस प्रकार किया जाएगा कि उधारकर्ता को उत्पन्न होने वाली किसी भी ‘ऋणदाता-संबंधी’ वास्तविक कठिनाई का समुचित रूप से निवारण किया जा सके।
उधारकर्ताओं को बैंक द्वारा ऋण को रिकॉल करने, भुगतान में तेजी लाने या ऋण करार / वचन पत्र / अन्य समरूपी दस्तावेजों के अंतर्गत परफॉर्मैंस या अतिरिक्त प्रतिभूतियां मांगने संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले बैंक द्वारा उधारकर्ता को ऋण करार/ वचनपत्र अथवा समरूपी अन्य दस्तावेजों में विनिर्दिष्ट अनुसार, इस प्रकार की अवधि के संबंध में नोटिस दिया जाएगा और यदि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, तो समुचित समयावधि में नोटिस दिया जाएगा।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उधारकर्ता द्वारा बैंक को दी गई सभी प्रतिभूतियां ऋण की संतोषजनक / पूर्ण अदायगी पर निर्मुक्त कर दी जाएंगी, बशर्ते कि उधारकर्ता पर किसी अन्य दावे के संबंध में/किसी अन्य समूह/कंपनी में प्रवर्तक के रूप में उसके हितों की दृष्टि से अथवा गारंटर के रूप में बैंक का कोई अन्य दावा न बनता हो जिसके अंतर्गत बैंक को इन प्रतिभूतियों का तब तक अपने पास रखने का अधिकारी हो जब तक इसका भुगतान / निस्तारण न हो जाए।
बैंक उधारकर्ता के मामलों में तब तक कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा, जब तक कि इसके लिए ऋण मंजूरी दस्तावेजों में अन्यथा कोई प्रावधान न हो (तथापि, बैंक को कोई ऐसी सूचना प्राप्त होती है, जो उधारकर्ता द्वारा पहले प्रकट न की गई हो, तो बैंक हस्तक्षेप कर सकता है)।
बैंक ऋण देने के मामले में लिंग, जाति अथवा धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। तथापि, बैंक इस शर्त के रहते हुए भी समाज के कमजोर वर्गों के लिए तैयार की गई ऋण योजनाओं में भाग लेना जारी रखेगा।
ऋणों की वसूली के मामले में बैंक द्वारा उधारकर्ता को ऋण चुकौती के लिए गैर-वाजिब समय पर (ऑड आवर्स) परेशान नहीं किया जाएगा तथा ऋण वसूली के लिए किसी भी तरह के बल-प्रयोग का सहारा नहीं लिया जाएगा।
उधारकर्ता द्वारा अथवा उधारकर्ता के खाते का टेक ओवर करने वाले किसी भी बैंक / वित्तीय संस्था / अन्य ऋणदाता से उधारकर्ता के खाते के हस्तांतरण संबंधी कोई भी अनुरोध मिलने पर बैंक अपनी सहमति अथवा अन्यथा कोई निर्णय, अर्थात, बैंक की आपत्ति संबंधी सूचना अनुरोध प्राप्ति के 21 दिनों के अंदर प्रदान की जाएगी।
यह आचार संहिता बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
बैंक द्वारा सभी ऋण खातों/ मंजूरियों पर लागू दंडात्मक प्रभारों का विवरण बैंक की वेबसाइट https://www.eximbankindia.in/fair‑lending‑practice पर उपलब्ध है।
उधारकर्ता अपनी शिकायतों के निपटारे के लिए बैंक के प्राधिकृत वरिष्ठ अधिकारी को लिख सकते हैं, जिनका संपर्क विवरण बैंक की वेबसाइट तथा बैंक के अन्य प्रकाशनों में उपलब्ध रहेगा। उधारकर्ताओं को अपनी शिकायत में शिकायत की प्रकृति स्पष्ट रूप में लिखनी होगी और यदि अपेक्षित हो तो उसके साथ जरूरी दस्तावेज भी लगाने होंगे। पत्रों/फॉर्मों के जरिए मिली शिकायत की प्राप्ति सूचना उधारकर्ता को इसकी एक प्रति के साथ प्रदान की जाएगी।
प्राधिकृत अधिकारी शिकायत के तेजी से निपटान के लिए जरूरी कार्रवाई शुरू करेंगे तथा तेजी से इसका निस्तारण करेंगे, किन्तु किसी भी मामले में निस्तारण लगभग एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा।
प्राधिकृत अधिकारी के किसी निर्णय से असंतुष्ट होने पर उधारकर्ता, अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन कर सकते हैं। अपीलीय प्राधिकारी सामान्यतया बैंक के उप प्रबंध निदेशक होंगे/होंगी और उप प्रबंध निदेशक की अनुपस्थिति में प्रबंध निदेशक अपीलीय प्राधिकारी होंगे/होंगी। अपीलीय प्राधिकारी अभ्यावेदन पर विचार करेंगे और उपयुक्त अनुसार इस संबंध में आवश्यक जांच-पड़ताल कर उधारकर्ता को अपने निर्णय से एक माह के अंदर अवगत कराएंगे/कराएंगी।
बैंक में यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था लागू है कि निर्णयों से उठने वाले विवादों पर सुनवाई हो और कम से कम अगले उच्चतर स्तर पर उनका निपटारा किया जाए। इस संबंध में एक रिपोर्ट निदेशक मंडल को वार्षिक आधार पर प्रस्तुत की जाएगी।
