हरित ऊर्जा, महत्त्वपूर्ण खनिजों और भावी मूल्य शृंखलाओं में मौजूद अवसरों में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और एलएसी देश
पराग्वे, 22 मई, 2026: विकास वित्त संस्थाओं के लैटिन अमेरिकी संघ (एलीडे) की पराग्वे में 22 मई, 2026 को हुई 26वीं महासभा के दौरान, "एलएसी क्षेत्र में भारत की आर्थिक मौजूदगी: व्यापार, निवेश और अवसर” विषय पर भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) के शोध अध्ययन का विमोचन किया गया। इसका विमोचन पराग्वे के राष्ट्रीय विकास बैंक (बीएनएफ) के अध्यक्ष, श्री मैनुएल ओचिपिंती और एलीडे के महासचिव एदगार्दो अल्वारेज़ द्वारा किया गया। इस दौरान, एक्ज़िम बैंक की ओर से एलएसी क्षेत्र के निवासी प्रतिनिधि, श्री बिस्वजीत गर्ग उपस्थित रहे। इस शोध अध्ययन में, लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई (एलएसी) देशों के साथ भारत की दीर्घकालिक, परस्पर लाभकारी साझेदारी के लिए भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया गया है। इस साझेदारी से व्यापार, निवेश और विकास में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।.
वर्तमान समय एलएसी देशों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, वर्ष 2024 में एलएसी देशों का मर्चैंडाइज़ व्यापार बढ़कर 2.9 ट्रिलियन यूएस डॉलर का रहा। यह पिछले दस वर्षों में लगातार बढ़ता रहा है। इस क्षेत्र की दृढ़ता क्षेत्रीय एकीकरण बढ़ाने के लिए निरंतर किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ, अपने व्यापार को कमोडिटी के अलावा विविध क्षेत्रों में बढ़ाने और अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक संतुलित और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासों में परिलक्षित होती है। एलएसी देशों में प्राकृतिक संसाधनों के विपुल भंडार हैं, कुशल कार्यबल से समृद्ध हैं, और संपोषी विकास और नवाचार पर जोर देते हैं। ऐसे में, भारत के साथ साझेदारी, एलएसी देशों के दीर्घकालीन, समावेशी और हरित विकास में सहायक सिद्ध होगी।
भारत और एलएसी देशों के लिए यह नया दौर है। पहले ये संबंध केवल कमोडिटी आधारित थे, लेकिन अब ये विविध क्षेत्रों में, नवाचारोन्मुख और जलवायु अनुकूल साझेदारी आधारित हो रहे हैं। पिछले दस वर्षों में भारत और एलएसी के बीच मर्चैंडाइज़ और सेवाओं का व्यापार लगातार बढ़ा है। इसके साथ ही दोनों अर्थव्यस्थाएं एक-दूसरे की पूरक की तरह कार्य कर रही हैं। लैटिन अमेरिका में भारत का वित्तीय सहयोग भी बढ़ रहा है।
इस शोध अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि कृषि, खनन, ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, फार्मा और सेवा क्षेत्रों में एलएसी देशों की सुदृढ़ स्थिति है। ये सभी क्षेत्र भारत की विकास प्राथमिकताओं और औद्योगिक क्षमताओं के अनुरूप हैं। शोध अध्ययन में भारतीय कंपनियों के लिए कई महत्त्वपूर्ण अवसर चिह्नित किए गए हैं। इनमें लिथियम, तांबा और अन्य धातुओं, अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन, कृषि व्यापार और एग्रीटेक, डिजिटल और फिनटेक के साथ-साथ बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र शामिल हैं।
इस शोध अध्ययन में भारत-एलएसी के परस्पर आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए बहु-आयामी रणनीति सुझाई गई है। पहली, इनमें भारत द्वारा एलएसी देशों / कुछ देशों के साथ व्यापक या विशेष क्षेत्र आधारित व्यापार करार करने जैसी रणनीतियां शामिल हैं। साथ ही, नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करने के लिए परस्पर मान्यता करार (एमआरए) और विनियामकीय सहयोग बढ़ाने पर विचार करने का सुझाव दिया गया है। दूसरी, बेहतर कनेक्टिविटी के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए वैश्विक शिपिंग नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल करने, एलएसी में वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स साझेदारी बढ़ाने तथा परिवहन लागत को कम करने के लिए अपने घरेलू इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने जैसी रणनीतियां भी सुझाई गई हैं।
उपरोक्त के अलावा, तीसरा सुझाव है कि परियोजना निर्यातों में मौजूद अवसरों को भुनाने और महत्त्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखला में एकीकरण के लिए भारत, एलएसी की विकास वित्त संस्थाओं में सदस्यता लेने पर विचार कर सकता है। इसके लिए क्षेत्र विशेष आधारित निर्यात रणनीतियां तैयार करनी होंगी, एलएसी के प्रमुख बाजारों में विनिर्माण बढ़ाना होगा और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को वित्तपोषण, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स जैसी सुविधाओं के लिए लक्षित सहयोग देना होगा। भारत और एलएसी के बीच परस्पर आर्थिक संबंधों में मौजूद अवसरों को पूरी तरह भुनाने के लिए इस शोध अध्ययन में, समग्र रूप से व्यापार व्यवस्था बेहतर करने, सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स, संस्थागत समन्वय और आपूर्ति शृंखला एकीकरण करने पर जोर देने की अनुशंसा की गई है।
इस शोध अध्ययन में, व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद अवसरों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत कर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। एक ऐसा रोडमैप, जिससे भारत और एलएसी के नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थाओं और व्यवसायों को मिलकर आगे बढ़ने में एक मजबूत, समावेशी तथा संपोषी आर्थिक साझेदारी विकसित करने में मदद मिलेगी।
विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिए:
श्री गौरव भंडारी मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह,
भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
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