हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत विकास की चुनौतियों के समाधान के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएंगी ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका की विकासवित्त संस्थाएं और अग्रणी एजेंसियां
टोक्यो–ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका की विकास वित्त संस्थाएं –एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया (ईएफए), ऑस्ट्रेलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फायनैंसिंग फैसिलिटी ऑपर द पैसिफिक (एआईएफएफपी), भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक), जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन (जेबिक) और यूएस इंटरनैशनल डेवलपमेंट फायनैंस कॉर्पोरेशन (यूएस - डीएफसी) के प्रमुख,चतुर्भुज राष्ट्रों के नेताओं के सम्मेलन से पहले 23 मई, 2022 को टोक्यो में व्यक्तिगत और वर्चुअल रूप से जुड़े तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
वित्तीय संस्थाओं और एजेंसियों के प्रमुखों ने जलवायु परिवर्तन; सुरक्षित और विश्वेसनीय दूरसंचार नेटवर्क; ऊर्जा की सतत आपूर्ति; खाद्य और चिकित्सा सुरक्षा; और वैश्वि क आपूर्ति शृंखला से सापेक्षता सहित अन्य अनिवार्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्शकिया।
हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत विकास के लिए सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सभी के बीच मिलकर काम करने को लेकर सहमति बनी। उन्होंने 5जी शुरू करने सहित दूरसंचार नेटवर्क परियोजनाओं जैसी सुरक्षित और विश्वमसनीय प्रौद्योगिकी और स्वच्छ हाइड्रोजन सहित हरित परिवर्तन प्रौद्योगिकी प्रदान करने के लिए नवोन्मेष को बढ़ावा देने के एकीकृत प्रयास करने पर ज़ोर दिया। आपूर्ति शृंखला सापेक्षता के संबंध में प्रतिभागी संस्थाएं और एजेंसियां चर्चा जारी रखेंगी और आपूर्ति शृंखला संबंधी बाधाओं और जोखिमों को चिह्नित करेंगी। साथ ही, महत्त्वपूर्ण वस्तुओं और संबंधित आपूर्ति शृंखलाओं के स्रोतों का विविधीकरण करने के लिए निजी क्षेत्र सहित व्यापक स्टेकहोल्डरों के साथ सहयोग के जरिए समुचित उपाय तलाशने पर भी काम करेंगी।
इस सम्मेलन की मेजबानी जेबिक द्वारा की गई। जेबिक के गवर्नर तादाशी माइदा ने कहा, “चतुर्भुज राष्ट्रों के नेताओं की बैठक से अलग, चारों विकास संस्थाओं और एजेंसियों का आज का यह सम्मेलन एक प्रतीकात्मक पहल है। ये वित्तीय संस्थाएं और एजेंसियां इस नए युग में वैश्वि क चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया के बारे में
एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया (ईएफए), ऑस्ट्रेलिया की निर्यात ऋण एजेंसी है। ईएफए ऑस्ट्रेलियाई निर्यातकों को और विदेशी बुनियादी ढांचागत विकास के लिए वाणिज्यिक ऋण प्रदान करती है। ईएफए ऑस्ट्रेलियाई लघु और मध्यम उद्यमों और बड़ी कंपनियों को निर्यात अवसरों को भुनाने तथा निर्यात आपूर्ति शृंखला में योगदान देने या उन्हें निर्यातों से राजस्व बढ़ाने में भी मदद करती है।
एआईएफएफपी के बारे में
ऑस्ट्रेलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फायनैंसिंग फैसिलिटी फॉर द पैसिफिक (एआईएफएफपी), पूरे प्रशांत क्षेत्र और तिमोर लेस्ते में दूरसंचार, ऊर्जा, परिवहन और जल जैसे प्रमुख आर्थिक बुनियादी ढांचों में निवेश करती है। यह निवेश वित्तीय ऋण और ओडीए अनुदान दोनों प्रकार का होता है। 2019 में अपनी स्थापना के बाद से एआईएफएफपी द्वारा 10 प्रमुख बुनियादी ढांचागत कार्यों के लिए 950 मिलियन यूएस डॉलर से अधिक (730 मिलियन यूएस डॉलर के ऋण सहित) के वित्तपोषण के लिए मंजूरी दी जा चुकी है।ऋणों के संबंध में एआईएफएफपी को एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया का बैक-ऑफिस सहयोग मिलता है।
इंडिया एक्ज़िम बैंक के बारे में
भारतीय संसद के एक अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 1982 में भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में स्थापित इंडिया एक्ज़िम बैंक, भारत के वैश्विषक व्यापार और निवेश के वित्तपोषण, सुगमीकरण और संवर्धन में संलग्नत एक वित्तीय संस्था है। इंडिया एक्ज़िम बैंक अपनी स्थापना के समय से ही भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है और भारतीय कंपनियों को उनकी स्पर्धात्मकता बढ़ाने और उनके अंतरराष्ट्रीयकरण के प्रयासों में उनकी मदद करता है। बैंक विकासशील भागीदार देशों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है, ताकि विविध क्षेत्रों में तमाम परियोजनाओं में सकारात्मक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन परिलक्षित हो सकें। इंडिया एक्ज़िम बैंक, वैश्विेक व्यापार के डायनैमिक्स को ध्यान में रखते हुए तमाम क्षेत्रों में भागीदार देशों के साथ परस्पर लाभ के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं में नियमित रूप से नवाचार करता रहा है।
जेबिक के बारे में
जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन (जेबिक) जापान सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली पॉलिसी-आधारित वित्तीय संस्था है। इसका उद्देश्य जापानी और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था तथा समाज के विकास में योगदान देना, विदेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय कार्यकलापों का उत्तरदायित्व संभालना, जापान के लिए रणनीतिक महत्त्व के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, जापानी उद्योगों की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धात्मकता को बनाए रखना और उसे बढ़ाना, वैश्विंक पर्यावरण संरक्षण का प्रयोजन रखने वाले विदेशी व्यवसायों को बढ़ावा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में बाधाओं को रोकने या इस प्रकार की बाधाओं के प्रभाव के संबंध में समुचित उपायों को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सेवाएं प्रदान करना भी है।
डीएफसी के बारे में
यूएस इंटरनैशनल डेवलपमेंट फायनैंस कॉर्पोरेशन (डीएफसी) विकासशील देशों के सामने खड़ी सबसे गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर वित्तीय समाधान प्रदान करता है। डीएफसी ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे तमाम क्षेत्रों में निवेश करता है। डीएफसी उभरते बाजारों में रोजगार सृजन के लिए लघु व्यवसायों और महिला उद्यमियों को भी वित्तपोषण प्रदान करता है। डीएफसी के निवेशों में उच्च मानकों का पालन किया जाता है और पर्यावरण, मानवाधिकारों तथा श्रमिक अधिकारों का सम्मान किया जाता है।
