एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की ओर से मॉरीशस सरकार को प्रदान की 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था
भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने भारत सरकार की ओर से मॉरीशस सरकार को 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था प्रदान की है। यह ऋण-व्यवस्था भारत से रक्षा संबंधी उपकरणों की खरीद के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई है।
इस ऋण व्यवस्था करार पर मॉरीशस के माननीय वित्त, आर्थिक आयोजना एवं विकास मंत्री श्री रेंगनादन पदाची और एक्ज़िम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री गौरव सिंह भण्डारी द्वारा 19 फरवरी, 2021 को हस्ताक्षर किए गए।
इस ऋण व्यवस्था करार के साथ ही एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से मॉरीशस सरकार को अब तक 764.80 मिलियन यूएस डॉलर की कुल 6 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। ये ऋण-व्यवस्थाएं रक्षा, कनेक्टिविटी तथा मेट्रो एक्सप्रेस लिमिटेड, सोशल हाउसिंग जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों की परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई हैं।
इस ऋण-व्यवस्था करार सहित एक्ज़िम बैंक द्वारा अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका तथा सीआईएस क्षेत्र के 62 देशों को 26.64 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण-प्रतिबद्धता के साथ कुल 269 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। यह राशि भारत द्वारा निर्यातों के वित्तपोषण हेतु उपलब्ध है। भारतीय निर्यात को प्रोत्साहन देने के अतिरिक्त एक्ज़िम बैंक की ऋण-व्यवस्थाएँ उभरते बाजारों में भारत की विशेषज्ञता और परियोजना निष्पादन क्षमताओं को भी प्रदर्शित करती हैं।
अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें: श्री गौरव सिंह भण्डारी, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, ऑफिस ब्लॉक, टावर-1, 7वीं मंज़िल, एड्जेसेंट रिंग रोड, किदवई नगर (पूर्व), नई दिल्ली – 110023, फोन :+91-11-24607700 ई- मेल: eximloc@eximbankindia.in वेबसाइट: www.eximbankindia.in
22 फरवरी, 2021 को 100 मिलियन यूएस डॉलर के ऋण-व्यवस्था करार का आदान-प्रदान करते मॉरीशस में भारत की उच्चायुक्त सुश्री के. नंदिनी सिंगला और मॉरीशस सरकार के कैबिनेट सचिव श्री एन.के.बल्ला। ऋण-व्यवस्था करार का आदान-प्रदान भारत के माननीय विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर के मॉरीशस दौरे के दौरान किया गया। इस करार पर मॉरीशस के माननीय वित्त, आर्थिक आयोजना एवं विकास मंत्री श्री रेंगनादन पदाची और एक्ज़िम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री गौरव सिंह भण्डारी द्वारा 19 फरवरी, 2021 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह ऋण-व्यवस्था भारत से रक्षा संबंधी उपकरणों की खरीद के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई है।
