self

भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग का नया स्तंभः हरित अर्थव्यवस्था

भारत-अफ्रीका विकास भागीदारी पर 14, जून, 2023 को नई दिल्ली में 18वें सीआईआई-एक्ज़िम बैंक कॉन्क्लेव का आगाज़ हुआ। इसका उद्‍घाटन माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किया। उन्होंने इंडिया एक्ज़िम बैंक के दो शोध प्रकाशनों का विमोचन किया। ये शोध प्रकाशन ‘हरित पहलों के जरिए भारत-अफ्रीका की संपोषी भागीदारी को बढ़ाना’ और ‘अफ्रीका में भारतीय निवेश संभावनाएं’ शीर्षक से किए गए हैं। इस अवसर पर ज़िम्बाब्वे के माननीय उप राष्‍ट्रपति, जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. सीजीडीएन चिवेंगा, लोकतांत्रिक गणराज्य कोंगो के माननीय उप प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रीय अर्थशास्त्र मंत्री श्री वाइटल कैमर्ही ला कानीगिन्यी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों सहित इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी उपस्थित रहीं। 

कॉन्क्लेव में भारत और विदेशों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि वैश्‍विक संतुलन के लिए अफ्रीका का उभरना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि भारत, अफ्रीका की ज़रूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास भागीदारी को बढ़ाने में यकीन रखता है। इस दौरान इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने अपने वक्तव्य में भारत और अफ्रीका के विभिन्‍न क्षेत्रों और उद्योगों में परस्पर निर्भरता को रेखांकित किया, जिससे इस विकास भागीदारी की बुनियाद और भी मजबूत हो जाती है। कार्यक्रम के दौरान इंडिया एक्ज़िम बैंक के दो शोध प्रकाशनों का विमोचन भी हुआ।

इंडिया एक्ज़िम बैंक के ‘हरित पहलों के जरिए भारत-अफ्रीका की संपोषी भागीदारी को बढ़ाना’ शीर्षक वाले शोध प्रकाशन में अफ्रीका के साथ भारत के द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को आधार बनाते हुए हरित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में संबंधों को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर फोकस किया गया है। वैश्‍विक औसत की तुलना में भारत और अफ्रीका का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन काफी कम होने के बावजूद दोनों देश जलवायु परिवर्तन के प्रति अतिसंवेदनशील श्रेणी में गिने जाते हैं। हरित पहलों के जरिए भारत-अफ्रीका भागीदारी को बढ़ाना, संपोषी विकास के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने और दोनों क्षेत्रों के बीच परस्पर सहयोग बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

भारत और अफ्रीका का द्विपक्षीय व्यापार 2022 में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। इस संबंध में, अध्ययन में भारत और अफ्रीका में हरित व्यापार के स्तर का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, अध्ययन में, वर्तमान में अफ्रीका में जलवायु वित्तपोषण प्रवाहों और मौजूदा अंतरों का भी विश्लेषण किया गया है, जिन्हें विकास प्रभाव के लिए हरित निवेश अवसरों के जरिए भरा जा सकता है। इस शोध अध्ययन में अन्य के साथ-साथ परिवहन के लिए संपोषी ईंधन और खनिज, ग्रीन हाउसिंग, नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु स्मार्ट कृषि, जल और अपशिष्‍ट जल प्रबंधन, सर्कुलर इकनॉमी जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। भारत अफ्रीका का विश्‍वसनीय पार्टनर है, और निजी क्षेत्र के सहयोग के साथ-साथ रियायती वित्तपोषण के जरिए भी सहायता कर सकता है।   

यह तथ्य है कि अफ्रीका में ऐसी अपार निवेश संभाव्यताएं मौजूद हैं, जिन्हें अब तक भुनाया नहीं जा सका है। एक्ज़िम बैंक के ‘अफ्रीका में भारतीय निवेश संभावनाएं’  शीर्षक वाले शोध अध्ययन में यह रेखांकित किया गया है कि 54 अफ्रीकी देशों में उच्च क्षमता वाले 16 देश ऐसे हैं, जहां भारतीय कंपनियां अपनी आर्थिक गतिविधियों को और बेहतर कर लाभान्वित हो सकती हैं। इनमें दक्षिण अफ्रीका, कोत दि’वार, बोत्सवाना, तंजानिया, मिस्र, केन्या, मोजाम्बिक, कैमरून, माली, ट्यूनीशिया, घाना, मोरक्को, जाम्बिया, नाइजीरिया, अल्जीरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य शामिल हैं। 

इस गहन विश्लेषण में इन अर्थव्यवस्थाओं में भारत के साथ उच्च निवेश लिंकेज वाले विशिष्‍ट उद्योगों को भी चिह्नित किया गया है। वस्तुतः, अफ्रीका में परिचालनरत भारतीय कंपनियों के लिए व्यापक निवेश संभावनाओं वाला एक सर्वेक्षण किया गया था। इसके निष्कर्ष में यह तथ्य सामने आया कि कच्चे माल की सुरक्षा और स्थिरता, बाजार का आकार, आकर्षक आवक निवेश नीति, मुनाफे का प्रत्यावर्तन, राजनीतिक स्थिरता और भावी निवेशकों के लिए कानूनी प्रणाली का होना इन कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करता है। यह देखा गया है कि भारतीय निवेशकों के लिए अफ्रीकी बाजारों में निवेश के बाद का अनुभव दोनों ही तरीके से अच्छा रहा, चाहे वह उत्पाद की स्वीकार्यता हो या राजस्व सृजन। 'अफ्रीका में भारतीय निवेश संभावनाएं' शीर्षक वाला यह शोध अध्ययन अफ्रीका में कदम रखने के इच्छुक भारतीय व्यवसायों और नीति निर्माताओं के सुलभ संदर्भ के लिए उपयोगी होगा।

 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्‍लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केन्द्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्‍व व्यापार केन्द्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400005 फोन +91-22-2286 0363; ईमेल: dsinate@eximbankindia.in