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इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अपनाई वैकल्पिक संदर्भ दरें

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने नववर्ष से वैकल्पिक संदर्भ दरों (एआरआर) में ट्रांज़ैक्शन शुरू कर दिया है। लाइबोर के समाप्त होने के साथ, बैंक अपने दैनिक परिचालन एआरआर में करने के लिए तैयार है। 

यूके फायनैंशल कंडक्ट अथॉरिटी ने 2017 में घोषणा की थी कि सतत ब्याज दर बेंचमार्क प्रदान करने के लिए वे बाजार अब इतने सक्रिय नहीं रहे हैं, जिनसे लाइबोर ली गई है। इसलिए घोषणा की गई कि सभी लाइबोर व्यवस्थाएं या तो किसी एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा प्रदान की जाएंगी या फिर 31 दिसंबर, 2021 के बाद से इसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। तदनुसार, विनियामकों ने नए उत्पादों और मौजूदा कॉन्ट्रैक्टों को भी वैकल्पिक बेंचमार्क दरों की ओर मोड़ने के लिए वित्तीय बाजारों को निरंतर तैयार किया। 

भारत की शीर्ष वित्तीय संस्था के रूप में, इंडिया एक्ज़िम बैंक भारतीय कंपनियों को उनकी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए विभिन्न उत्पाद और सेवाएं प्रदान करता है और बैंक की मुख्यतः डॉलराइज्ड बैलेंस शीट प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाइबोर से लिंक्ड है। तदनुसार, बैंक ने वैकल्पिक बेंचमार्क दरों को अपनाने के लिए उल्लेखनीय कदम उठाए हैं और इस संबंध में उल्लेखनीय प्रगति की है। 

प्रारंभिक कदम के रूप में, इंडिया एक्ज़िम बैंक लाइबोर से लिंक्ड अपने एक्सपोज़र की निरंतर निगरानी करता रहा है। बैंक ने लाइबोर ट्रांज़िशन के लिए एक बहु-आयामी आंतरिक संचालन समिति भी गठित की है, ताकि यह परिवर्तन सहजता से हो सके और बैंक के व्यवसाय में वैकल्पिक संदर्भ दरों को सुव्यवस्थित रूप से लागू किया जा सके। तदनंतर, लाइबोर ट्रांज़िशन से उत्पन्न होने वाले जोखिमों से निपटने के लिए बैंक के बोर्ड ने एक नीतिगत फ्रेमवर्क को भी मंजूरी दी है। 

वर्तमान में, बैंक अपने मौजूदा वित्तीय कॉन्ट्रैक्ट, रीनिगोशिएट करने और अपडेट करने तथा वर्तमान कॉन्ट्रैक्टों और ट्रांजैक्शनों को जारी रखने के लिए एआरआर निर्धारित करने की एडवांस स्टेज में है। बैंक ने विशेष रूप से डेरिवेटिव, उधारियों और ऋण देने संबंधी ट्रांजैक्शनों में इस परिवर्तन के चलते किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अपने आईटी सिस्टम्स को अपग्रेड कर लिया है।   

इस परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने आईएसडीए 2020 आईबोर फालबैक प्रोटोकॉल का भी पालन किया है। इससे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्टों के लिए वैकल्पिक बेंचमार्क ट्रांज़िशन से जुड़े जोखिम उत्पन्न होने की आशंका अत्यल्प रह गई है।

इस परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने और अपने मौजूदा तथा नए ग्राहकों को सहयोग करने के अपने प्रयास में, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने सामान्यतया पूछे जाने वाले प्रश्नों (यहां क्लिक करें) के जरिए तैयार किए हैं। बैंक ने अपने घरेलू और विदेश स्थित कार्यालयों के जरिए एआरआर आधारित उत्पाद प्रदान करना भी शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए, एआरआर के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए बैंक ने जुलाई 2021 में एक जीबीपी ऋण ट्रांज़ैक्शन को ओवरनाइट सोनिया (स्टर्लिंग ओवरनाइट इंटरबैंक एवरेज रेट) में करते हुए अपने एआरआर सफ़र की शुरुआत कर दी थी। इस ट्रांज़ैक्शन के साथ ही इंडिया एक्ज़िम बैंक भारत में सबसे पहले सोनिया-लिंक्ड ऋण प्रदान करने वाली कुछ संस्थाओं की फेहरिस्त में शामिल हो गया।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री तरुण शर्मा
मुख्य वित्तीय अधिकारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
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