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वित्तीय वर्ष 2020-21 में 100% से अधिक बढ़ा इंडिया एक्ज़िम बैंक का कर पश्चात लाभ

इंडिया एक्ज़िम बैंक के प्रबंध निदेशक श्री डेविड रस्कीना और उप प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी और श्री एन. रमेश ने शुक्रवार, 21 मई, 2021 को मुंबई में वर्चुअल प्रेस वार्ता कर वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बैंक के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बैंक के वित्तीय परिणामों की प्रमुख विशिष्टताएं निम्नलिखित अनुसार रहीं:

वित्तीय कार्य निष्पादन 

कारोबारी परिणाम  

ऋण-व्‍यवस्‍थाएं (एलओसी): वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान भारत सरकार की ओर से बैंक द्वारा भारत से परियोजनाओं, माल और सेवाओं के निर्यात में सहयोग के लिए 2.23 बिलियन यूएस डॉलर की 20 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की गईं। भारत सरकार की ओर से दी गई इन 272 ऋण-व्यवस्थाओं के पोर्टफोलियो के अंतर्गत 26.76 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण प्रतिबद्धताएं हैं। ये ऋण-व्यवस्थाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। ये ऋण-व्‍यवस्‍थाएं अपनी बढ़ती पहुंच के साथ अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, ओशिआनिया और सीआईएस क्षेत्रों में 64 देशों में आर्थिक विकास में तेजी लाने में मददगार रही हैं।

परियोजना निर्यातः वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान बैंक ने अपनी वाणिज्यिक ऋण योजना के अंतर्गत लगभग 3.6 बिलियन यूएस डॉलर के 38 परियोजना निर्यात कॉन्ट्रैक्टों को सहायता दी। बैंक द्वारा यह वित्तीय सहायता प्राप्त कुछ प्रमुख परियोजना निर्यात कॉन्ट्रैक्टों में निम्नलिखित शामिल रहेः बांग्लादेश में विद्युत ट्रांसमिशन परियोजनाएं; ऑस्ट्रेलिया में एक सौर परियोजना और विद्युत उपकरणों का इंस्टॉलेशन; थाइलैंड में सब-स्टेशनों का निर्माण। 

राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते के अंतर्गत क्रेता ऋण (बीसी-एनईआईए): वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान, एक्ज़िम बैंक ने 3.15 बिलियन यूएस डॉलर की 32 परियोजनाओं के लिए 2.88 बिलियन यूएस डॉलर के संवितरण किए। बैंक ने बीसी-एनईआईए के तहत कई अग्रणी भारतीय निर्यातकों की ओर से निष्‍पादित की जाने वाली 1.78 बिलियन यूएस डॉलर की 16 परियोजनाओं को सहयोग के लिए 1.58 बिलियन यूएस डॉलर की सहायता प्रदान करने के लिए सिद्धांततः प्रतिबद्धता भी दी है।

विदेशी निवेश वित्तः वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान, 5 कंपनियों को 2 देशों में उनके विदेशी निवेशों के आंशिक वित्तपोषण के लिए कुल ₹7.21 बिलियन की निधिक तथा गैर-निधिक सहायता मंजूर की गई। इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा अब तक 78 देशों में 476 कंपनियों द्वारा स्थापित 637 संयुक्त उद्यमों को वित्त प्रदान किया जा चुका है।  

संसाधन और ट्रेजरी

वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान बैंक ने विभिन्न इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए 2.03 बिलियन यूएस डॉलर के समतुल्य विदेशी मुद्रा संसाधन जुटाए।  जनवरी 2021 में इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 2.25% की कूपन दर पर 144ए/रेग-एस फॉर्मैट में 10 वर्ष के लिए 1 बिलियन यूएस डॉलर जुटाए। ये 10 वर्षीय यूएस डॉलर निर्गम के लिए किसी भी भारतीय संस्था द्वारा सबसे कम दर पर जुटाए गए संसाधन रहे। इस इश्यू को 3.5 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक के ऑर्डर मिले और उच्च गुणवत्ता वाले निवेशकों से 3.5 गुना से अधिक का सब्सक्रिप्शन मिला। 

वर्ष के दौरान, बैंक ने बैंकों / वित्तीय संस्थाओं से द्विपक्षीय ऋणों के जरिए भी वित्त जुटाया। बैंक द्वारा अब तक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, यूरो, ग्रेट ब्रिटेन पाउंड, जापानी येन, मैक्सिकन पेसो, ऑफशोर रेन्मिन्बी, सिंगापुर डॉलर, दक्षिण अफ्रीकी रैंड, स्विस फ्रैंक, तुर्की लीरा और यूएस डॉलर जैसी विभिन्न मुद्राओं में विदेशी मुद्रा संसाधन जुटाए जा चुके हैं। 

वर्ष के दौरान, बैंक को बजट आवंटन के जरिए से भारत सरकार से ₹13 बिलियन की पूंजी प्राप्त हुई। यथा 31 मार्च, 2021 को ₹151.59 बिलियन की चुकता पूंजी और ₹24.26 बिलियन की आरक्षित निधियों सहित बैंक के कुल संसाधन ₹1,272.02 बिलियन के रहे। 

रेटिंगः बैंक को मूडीज द्वारा बीएए3 (ऋणात्मक); एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स द्वारा बीबीबी- (स्थिर); फिच रेटिंग्स द्वारा बीबीबी- (ऋणात्मक) रेटिंग तथा जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा बीबीबी+ (स्थिर) रेटिंग प्रदान की गई है। ये सभी रेटिंग रेटिंग निवेश ग्रेड या उससे ऊपर की हैं और संप्रभु रेटिंग के समान हैं।

नई पहलः 

एक्ज़िम बैंक ने 'उभरते सितारे कार्यक्रम' नाम से एक नई पहल का परिचालन शुरू किया है। इस कार्यक्रम के जरिए ऐसी भारतीय कंपनियों को चिह्नित किया जाता है जिनमें अच्छी निर्यात क्षमता है और वे भविष्य में चैंपियन हो सकती हैं। इस पहल की घोषणा माननीय वित्त मंत्री द्वारा 01 फरवरी, 2020 को केंद्रीय बजट भाषण में की गई थी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान, एक्ज़िम बैंक द्वारा पांच कंपनियों को कुल ₹96.18 करोड़ के सहयोग की मंजूरी दी गई। ये मंजूरियां रक्षा ड्रोन, कृषि प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान की गईं। महामारी के बीच, बैंक द्वारा पात्र कंपनियों को चिह्नित करने और तकनीकी परामर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंकों, उद्योग संगठनों और आईआईटी, आईआईएम, आईआईएससी बैंगलोर जैसे अग्रणी शिक्षण संस्थानों के साथ स्टेकहोल्डर परिचर्चाओं सहित इस कार्यक्रम के अंतर्गत सफलतापूर्वक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। आज इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में 100 से अधिक कंपनियां पाइपलाइन में हैं।

निर्यात सुगमीकरण 

एक्ज़िम बैंक ने निर्यातकों के लिए 22 सेमिनार / कार्यशालाओं का आयोजन किया। ये कार्यक्रम मुख्य रूप से निर्यात क्षमता सृजन, व्यवसाय अवसरों, उद्योग, देश और क्षेत्रों पर फोकस तथा भारतीय राज्यों में निर्यात क्षमताओं जैसे विषयों पर केंद्रित रहे। महामारी के चलते इनमें से अधिकातर सेमिनार वर्चुअल प्लैटफॉर्म पर ही आयोजित किए गए।

एक्ज़िम बैंक अपनी ग्रासरूट पहलों के तहत ग्रामीण दस्तकारों, शिल्पकारों और किसानों को सहायता प्रदान करता रहा है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी पहुंच बढ़ सके। बैंक उनके लिए डिजाइन, कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कराता रहा है। वर्ष के दौरान आयोजित किए गए कार्यक्रमों में से कुछ कार्यक्रम भुवनेश्वर में अन्वेषा ट्राइबल आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स के आदिवासी कारीगरों के लिए; फलौदी (राजस्थान) में उर्मुल मरुस्थली बुनकर विकास समिति के बुनकरों; और नासिक में अंगूर की खेती करने वाले किसानों के लिए रखे गए।

एक्ज़िम बैंक सफलता शुल्क के आधार पर भारतीय फर्मों को उनके उत्पादों और सेवाओं के लिए विदेशों में वितरक / खरीदार / भागीदारों की तलाश में मदद करते हुए उनके वैश्वीकरण के प्रयासों में सहयोग करता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान बैंक ने तेल उत्खनन, प्लास्टिक के विशिष्ट पुर्जों, फैब्रिक और ऑटो पुर्जे क्षेत्र की चार कंपनियों के साथ करार पर हस्ताक्षर किए। 

सलाहकारी और परामर्शी सेवाएं 

एक्ज़िम बैंक और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) “पूर्वोत्तर भारत में निर्यात स्पर्धत्मकता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में क्षमता विकास” संबंधी एक परियोजना को संयुक्त रूप से क्रियान्वित कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य निर्यातों को बढ़ाने के लिए पूर्वोत्तर में एमएसएमई क्षेत्र को और सुदृढ़ करना है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान इस परियोजना के तहत कुछ प्रमुख पहलें इस प्रकार रहीं- कोविड-19 के चलते सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के सामने आने वाली समस्याओं को चिह्नित करने के लिए शोध अध्ययन करना, क्रेता-विक्रेता बैठकें आयोजित करना, जैविक खेती, कपड़ा, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा दिए जा रहे लाभों की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए "एग्रोलूम क्राफ्ट" डेटाबेस के तहत एक प्लैटफॉर्म स्थापित करना। विशेष रूप से पीपीई किट उत्पादन के लिए आइज़ोल के बुनकरों के लिए आयोजित कौशल उन्नयन कार्यक्रम क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का उल्लेखनीय उदाहरण है। ये पीपीई किट आज इस क्षेत्र के विभिन्न सरकारी संगठनों को प्रदान की जा रही हैं। 

एक्ज़िम बैंक राज्य स्तर पर निर्यात निष्पादन के मूल्यांकन और राज्यों की व्यापार स्पर्धात्मकता के विकास के लिए रणनीतियां बनाने के क्रम में विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करता रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में बैंक ने कर्नाटक और केरल के लिए ऐसे ही शोध अध्ययन किए। बैंक ने अगस्त 2020 में जारी किए गए निर्यात तत्परता सूचकांक तैयार करने के लिए नीति आयोग को अपने इनपुट भी प्रदान किए। इस सूचकांक में भारतीय राज्यों की निर्यात तत्परता और निष्पादन की जांच की जाती है, और राज्य स्तर पर एक सुविधाजनक विनियामक बुनियादी ढांचा तैयार करने में आने वाली चुनौतियों को चिह्नित करने का प्रयास किया जाता है। 

कोविड-19 संबंधी राहत और अन्य पहलें 

जून 2020 में एक्ज़िम बैंक के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) नीति लागू की गई थी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान, छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कोविड -19 संबंधी राहत, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा व स्वच्छता, और कौशल विकास एवं आजीविका संबंधी गतिविधियों जैसे क्षेत्रों में 12 परियोजनाओं / कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई। 

वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान कोविड-19 संबंधी राहत के लिए विभिन्न सीएसआर गतिविधियां शामिल रहीं, जैसे - सांगली (महाराष्ट्र) के उप-जिला अस्पताल में आईसीयू वेंटिलेटर की आपूर्ति करना; मुंबई के विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों को पीपीई किट, एन95 मास्क, डिस्पोजेबल दस्ताने, गाउन, सैनिटाइज़र और फेस शील्ड का वितरण करना; रायगढ़ (महाराष्ट्र) में 3 महीनों के लिए 100 परिवारों को बुनियादी स्वच्छता किट वितरित करना; एमसीजीएम के स्वास्थ्य कर्मियों को फेस मास्क का वितरण; और मुंबई पुलिस की महिला पुलिसकर्मियों को अंडर द मैंगो ट्री नामक सामाजिक उद्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले शहद का वितरण करना।

सीएसआर के तहत कार्यान्वित की जा रही कुछ उल्लेखनीय परियोजनाओं में कई और सहयोग शामिल हैं। इनमें प्रदान किए गए कुछ प्रमुख सहयोग इस प्रकार हैं- बारपेटा और रांची के अस्पतालों के लिए सहायता प्रदान करना; सिरोही (राजस्थान) में सरकारी जिला अस्पताल के लिए चिकित्सा संबंधी उपकरण उपलब्ध कराना; पालघर (महाराष्ट्र) के दहानू और तलासरी क्षेत्रों के आदिवासी समुदायों के नवजात शिशुओं को चिकित्सा देखभाल के लिए सुविधाएं बढ़ाना; लद्दाख में हर मौसम के अनुकूल शौचालयों का निर्माण और आम सुविधाएं उपलब्ध कराना; श्रीपेरंबुदूर के महात्मा गांधी हाईस्कूल में अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कराना; पूर्व सैनिकों की 41 बेटियों की शिक्षा के लिए एक वर्ष के लिए सहयोग करना; और भारत के पांच शहरों में कला और शिल्प के क्षेत्र में दिव्यांगों को प्रशिक्षित करना। 

बैंक ने टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के साथ मिलकर मुंबई में रक्तदान अभियान आयोजित किए। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान बैंक के अधिकारियों द्वारा पुणे के पास वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया।

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केन्‍द्र एक भवन, 21वीं मंज़ि‍ल, विश्‍व व्‍यापार केन्‍द्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई - 400005 फोनः 91-22-22172829; ई-मेल: ccg@eximbankindia.in