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वित्तीय वर्ष 2023 में दोगुना हुआ इंडिया एक्ज़िम बैंक का लाभ

कॉर्पोरेट ऋण में 35% की वर्ष दर वर्ष वृद्धि; 14% बढ़ी ऋण आस्तियां

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी और उप प्रबंध निदेशक- श्री एन. रमेश और श्री तरुण शर्मा ने शुक्रवार, 12 मई, 2023 को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बैंक के वित्तीय परिणामों की घोषणा की। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बैंक के वित्तीय परिणामों की खास बातें निम्‍नलिखित अनुसार हैं:

वित्तीय कार्य निष्पादन

 

मानदंड

(A – J ₹ करोड़ में, K – M % में)

2021-22
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2022-23
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2021-22
सेवृद्धि
A.        निवल ऋण पोर्टफोलियो1,17,6191,34,52314.37%
B.        गैर-निधिक पोर्टफोलियो15,24717,00011.50%
C.        ग्राहक आस्ति पोर्टफोलियो (A+B)1,32,8661,51,52314.04%
D.       निवल निवेश10,90312,31112.91%
E.        कुल उधारियां1,07,4771,28,42319.49%
F.        कुल व्यवसाय (C+D+E)2,51,2462,92,25716.32%
G.       प्रति कर्मचारी व्यवसाय  73781410.45%
H.       परिचालन लाभ3,1303,59914.98%
I.         कर पूर्व लाभ2,1502,089(2.84)%
J.         कर पश्‍चात लाभ7381,556110.84%
K.        निवल अनर्जक आस्तियां        -0.71%-
L.        जोखिम भारित पूंजी आस्ति अनुपात30.49%25.43%(506) बीपीएस
M.     प्रावधान कवरेज अनुपात100%94.56%(544) बीपीएस

व्यवसाय निष्पादन

एक्ज़िम बैंक ने मित्र देशों की विकास प्राथमिकताओं में सहयोग प्रदान करने और भारतीय कंपनियों की निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, कुल 79,764 करोड़ के ऋणों को मंजूरी दी।

बैंक का भारत सरकार समर्थित 303 ऋण-व्यवस्थाओं का पोर्टफोलियो है, जिसके अंतर्गत कुल 31.85 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण प्रतिबद्धताएं हैं, जो क्रियान्वयन के विभिन्‍न चरणों में हैं। ये ऋण-व्यवस्थाएं अपनी बढ़ती पहुंच के साथ अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, ओशिआनिया और सीआईएस क्षेत्रों में 68 देशों में आर्थिक विकास में तेजी लाने में सहायक रही हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, बैंक ने 1 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक के 37 नए कॉन्ट्रैक्टों को सहायता प्रदान की। भारत से परियोजनाओं, वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में सहयोग के लिए भारत सरकार की ओर से बैंक द्वारा 670.32 मिलियन यूएस डॉलर की सात ऋण-व्यवस्थाएं मंजूर की गईं।

 

वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, बैंक ने वाणिज्यिक व्यवसाय के तहत भारतीय कंपनियों में निर्यात क्षमता सृजन और उनकी निर्यात स्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए 72,521 करोड़ की सहायता प्रदान की। इसके अलावा, बैंक ने अपने वाणिज्यिक पोर्टफोलियो के अंतर्गत 37 देशों में 43,421 करोड़ के 75 परियोजना निर्यात कॉन्ट्रैक्टों को भी सहायता प्रदान की। बैंक ने रोजगार सृजन, नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, बैकवर्ड और फॉरवर्ड एकीकरण, और क्षमता सुधार में योगदान देते हुए 78 देशों में 495 भारतीय कंपनियों द्वारा स्थापित 671 संयुक्त उद्यमों/ पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों को 67,082 करोड़ का विदेशी निवेश वित्त प्रदान किया।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सहायता पर फोकस करने और इस खंड में अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के क्रम में, बैंक के उभरते सितारे कार्यक्रम (यूएसपी) और हालिया पहल- व्यापार सहायता कार्यक्रम (टैप) को गति मिली है। यूएसपी के अंतर्गत एयरोस्पेस, ऑटो, फार्मासूटिकल, मेडटेक, पर्यावरण संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उद्योग 4.0 और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में 42 कंपनियों को कुल 638.34 करोड़ की ऋण सुविधाएं प्रदान की गई। टैप के अंतर्गत पहले ही वर्ष में वृद्धिशील निर्यातों में सहयोग देते हुए कुल 304.76 मिलियन यूएस डॉलर के 122 ट्रांज़ैक्शनों के लिए सहायता प्रदान की गई।

संसाधन एवं ट्रेजरी

वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, बैंक ने 3.47 बिलियन यूएस डॉलर के विदेशी मुद्रा संसाधनों सहित कुल 52,156 करोड़ के संसाधन जुटाए। बैंक ने अपने ईएसजी फ्रेमवर्क के अंतर्गत जनवरी 2023 में 1 बिलियन यूएस डॉलर के बेंचमार्क साइज के संपोषी बॉन्ड के साथ भारतीय निर्मगकर्ताओं के लिए अंतरराष्‍ट्रीय बाजार खोले। इस बॉन्ड से प्राप्य राशियों को अक्षय ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, मूलभूत सेवाओं और आधारभूत बुनियादी ढांचे, किफायती आवास, जल और अपशिष्‍ट प्रबंधन जैसी परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जा रहा है।     

बैंक को मूडीज द्वारा बीएए3 (स्थिर), एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स द्वारा बीबीबी- (स्थिर), फिच रेटिंग्स द्वारा बीबीबी-(ऋणात्मक) तथा जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा बीबीबी+ (स्थिर) रेटिंग प्रदान की गई है। ये सभी रेटिंग निवेश ग्रेड या इससे ऊपर की हैं और संप्रभु रेटिंग के समान हैं।

ऋण-व्यवस्थाओं के अंतर्गत अपनाया प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी प्लैटफॉर्म, आसान हुई प्रक्रियाएं

भारतीय विकास और आर्थिक सहायता योजना दिशानिर्देशों में परिवर्धन से ऋण-व्यवस्थाओं और रियायती वित्तपोषण योजना के अंतर्गत वित्तपोषित परियोजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन संबंधी प्रक्रियाएं और आसान हुई हैं। इन परियोजनाओं की निगरानी के लिए माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन द्वारा प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी प्रणाली, “न्यू ई-ट्रैकिंग एंड रिमोट एडमिनिस्ट्रेशन” (नेत्र) का उद्घाटन किया गया।

 

सस्टेनेबिलिटी और संस्थागत क्षमता सृजन पर फोकस

बैंक ने ईएसजी जोखिमों को चिह्नित करने के लिए ईएसजी ड्यू डिलिजेंस को समग्र ऋण जोखिम मूल्यांकन फ्रेमवर्क के साथ एकीकृत किया है। बैंक को बारबाडोस में निर्यात ऋण एजेंसी की स्थापना के लिए ‘एक्सपोर्ट बारबाडोस द्वारा एक परामर्शी कार्य सौंपा गया। वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी बैंक को मुक्त व्यापार करारों के प्रभाव विश्लेषण संबंधी कार्य सौंपा गया है।

निर्यात सुगमीकरण

बैंक ने भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से निर्यातों को सुगम बनाने के लिए नए संस्थागत संबंध स्थापित किए हैं। बैंक के व्यापार सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष के दौरान, 12 विदेशी बैंकों के साथ इशूइंग बैंक करारों, 10 बैंकों के साथ मास्टर जोखिम प्रतिभागिता करारों और 4 भारतीय बैंकों के साथ कंफर्मिंग बैंक करारों पर हस्ताक्षर किए गए। गिफ्ट सिटी स्थित आईटीएफएस प्लैटफॉर्म के जरिए निर्यात प्राप्य राशियों के वित्तपोषण के लिए आरएक्सआईएल ग्लोबल आईएफएससी लिमिटेड के साथ एक मास्टर करार पर हस्ताक्षर किए गए। बैंक ने आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली के नवोन्मेषी उद्यमिता उपक्रमों को इन संस्थानों द्वारा चिह्नित की गई निर्यात संभावनाओं वाली कंपनियों के आगामी विकास के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की।

बैंक ने निर्यात जागरूकता, व्यवसाय अवसर, उद्योग, देशगत व क्षेत्रगत फोकस और भारतीय राज्यों में निर्यात संभाव्यताएं जैसे विषयों पर निर्यातकों के लिए 34 कार्यक्रमों का आयोजन किया। कर्नाटक के बीदरीवेयर दस्तकारों और राजस्थान में अनूठी इंडिया की महिला दस्तकारों के कौशल विकास और उनके उत्पादों को विभिन्‍न बाजारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यशालाएं आयोजित की गई। भारत सरकार की ’निर्यात केंद्र के रूप में जिला’ पहल के अंतर्गत बैंक ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर लाल मिर्च किसानों को मशीनरी और कीटनाशी किटों के लिए अनुदान प्रदान किए।

सामाजिक पहलें

बैंक द्वारा शिक्षा और कौशल विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए दस राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में दस परियोजनाओं/कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई। वर्ष के दौरान क्रियान्वित की गई कुछ उल्लेखनीय परियोजनाओं में, कैंसर और एचआईवी संक्रमित वंचित बच्चों के लिए सहायता; वृंदावन में छात्रों को एक साल के लिए मिडडे मील; मिज़ोरम विश्‍वविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों को स्पॉन्सर करना; सोलापुर के 20 स्कूलों में सौर पैनल लगाना; तमिलनाडु में कैदियों, लेप्रोसी मरीजों और सुनामी पीड़ितों के बच्चों के लिए कक्षाओं का निर्माण; और लद्दाख में स्थानीय बुनकर समुदाय के लिए सभी मौसमों के अनुकूल शौचालय तथा प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। ‘आदर्श गांव’ पहल के अंतर्गत स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे, आजीविका और कौशल विकास में सुधार के लिए महाराष्‍ट्र के रायगढ़ जिले में दो गांव चिह्नित किए गए। संकल्पतरु फाउंडेशन के साथ मिलकर बैंक द्वारा छह राज्यों में 2000 से अधिक औषधीय / फलोत्पादक वृक्ष लगाए जा चुके हैं।    

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:श्री गौरव भंडारी, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, 21वीं मंज़िल, केंद्र एक भवन, विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400005; फोनः +91-22-22172829; ईमेलः ccg@eximbankindia.in.