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110 मिलियन यूएस डॉलर से अधिक की निर्यात क्षमता रखता है भारतीय खेल वस्तु उद्योग

भारत से खेल वस्तुओं का निर्यात 2019-20 में 278.9 मिलियन यूएस डॉलर का आंका गया था. “खेल वस्तु उद्योग में निर्यात संभावनाएं” विषय पर भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) की प्रस्तुति के अनुसार, इस क्षेत्र से 110 मिलियन डॉलर से अधिक की संभावनाएं हैं, जिन्हें अभी तक भुनाया नहीं गया है।  इस संभावना  को  भुनाने के लिए बैंक ने कुछ रणनीतियां भी सुझाई हैं। इनमें प्रमुख बाजारों में विनियामकीय जरूरतें पूरी करने के लिए मानकों, गुणवत्ता और प्रमाणीकरण व्यवस्था में सुधार करना, कच्चे माल और तैयार उत्पादों, दोनों के लिए चीन पर आयात निर्भरता कम करना, सामग्री विज्ञान और खेल विज्ञान में   उन्नत शोध को बढ़ावा देने और  निवेश के लिए एक अनुसंधान एवं विकास संस्थान स्थापित करना, तुलनात्मक रूप से कम दोहन किए गए भौगोलिक क्षेत्रों में बाजार पहुंच बढ़ाने की रणनीतियां बनाना, और खेल वस्तु क्लस्टरों के विकास के लिए बुनियादी ढांचा , नियमित रूप से सेमिनारों और कार्यशालाओं का आयोजन कर जागरूकता फैलाना और इस क्षेत्र में निवेशों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी जैसी प्रमुख रणनीतियां शामिल हैं।

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा 29 जनवरी, 2021 को आयोजित “भारतीय खेल वस्तु व्यवसाय को वैश्विक फलक पर ले जाना” विषयक वेबिनार के दौरान खेल वस्तुओं का निर्यात बढ़ाने के लिए संभावनाओं और रणनीतियों पर चर्चा की गई। वेबिनार में करीब 100 लोगों ने हिस्सा लिया और वक्ताओं में इंडिया एक्ज़िम तथा खेल वस्तु निर्यात संवर्धन परिषद के विशेषज्ञ शामिल रहे। 

इस अवसर पर खेल वस्तु परिषद के कार्यकारी निदेशक श्री तरुण दीवान ने भारत में खेल वस्तु उद्योग की क्षमताओं का उल्लेख किया और निर्यातकों की मदद के लिए किए जा रहे परिषद के प्रयासों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा खेल वस्तु आपूर्तिकर्ता देश बन सकता है। किन्तु इसके लिए सभी स्टेकहोल्डरों को केंद्रित प्रयास करने और एक साथ मिलकर खेल वस्तु विनिर्माताओं के लिए अनुकूल परिवेश बनाने की जरूरत है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश ने कहा कि दूसरे क्षेत्रों की तरह खेलों की दुनिया भी इस महामारी के कारण थम-सी गई थी और खेल विनिर्माण उद्योग को इस दौरान अप्रत्याशित गिरावट का सामना करना पड़ा, जो कि सबसे अधिक मांग वाला सीज़न होता है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि देश और दुनिया अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल हो रही है और ऐसे में खेल वस्तु उद्योग को नई भागीदारियां करने तथा इस क्षेत्र को इस प्रकार की गिरावट के लिए और अधिक लचीला बनाने की रणनीतियां बनाने की जरूरत है।   

इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध एवं विश्लेषण समूह में मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रहलादन अय्यर ने अपनी  प्रस्तुति  में इस बात पर जोर दिया कि भारतीय खेल वस्तु उद्योग को वैश्विक बनने के लिए अपने निर्यातों और बाजारों का विविधिकरण करने की जरूरत है। उन्होंने खेल वस्तु क्षेत्र से निर्यातों को बढ़ाने की संभावनाओं और वैश्विक निर्यातों में इन उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने वाली रणनीतियों का उल्लेख किया। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के व्यवसाय विकास समूह के  महाप्रबंधक श्री टी.डी. सिवाकुमार ने इंडिया एक्ज़िम बैंक के हाल ही में शुरू हुए उभरते सितारे कार्यक्रम सहित अन्य विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी और कहा कि निर्यातकों को इनका लाभ उठाना  चाहिए।  उन्होंने निर्यातकों को बैंक के ‘व्यापार वित्त पोर्टल’ एक्ज़िम मित्र की जानकारी भी दी और बताया कि  इस पोर्टल पर विभिन्न सलाहकारी और सहायता सेवाओं की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध है। इस पोर्टल के जरिए  निर्यातक अंतरराष्ट्रीय जोखिमों का मूल्यांकन करने के साथ-साथ निर्यात अवसरों और स्पर्धात्मकता में सुधार संबंधी जानकारी भी एक ही जगह पर पा सकते हैं।