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वृद्धि और संपोषी विकास में अहम होगा भारतीय सौर क्षेत्रः इंडिया एक्ज़िम बैंक का शोध अध्ययन

एक आकलन के अनुसार, देश में 750 गीगावाट की सौर ऊर्जा संभाव्यता है। इसे देखते हुए 100 गीगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह बात इंडिया एक्ज़िम बैंक के एक शोध अध्ययन में कही गई है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की रिसर्च टीम द्वारा किए गए इस शोध अध्ययन में भारत के सौर ऊर्जा उद्योग का विश्लेषण किया गया है। साथ ही बीते वर्षों में इस क्षेत्र से निर्यातों के रुझान भी बताए गए हैं। शोध अध्ययन में देश में सौर ऊर्जा उद्योग के लिए मौजूदा सहायक ढांचे की भी पड़ताल की गई है, जो पिछले दशक के दौरान उल्लेखनीय रूप से विकसित हुआ है। इसके अलावा, शोध अध्ययन में चुनिंदा विकसित और विकासशील देशों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने वाली प्रमुख नीतियों और सहायता कार्यक्रमों की भी प्रमुखता से चर्चा की गई है, जो भारत में भी नीति निर्माण में उपयोगी हो सकते हैं।

“इंडियन सोलर सेक्टरः फॉस्टरिंग ग्रोथ एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” शीर्षक वाले इस शोध अध्ययन का विमोचन, 19 जनवरी, 2021 को बैंक द्वारा आयोजित एक वेबिनार के दौरान किया गया।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने वेबिनार में शामिल हुए प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया और कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए हाल ही में शुरू की गई पीएलआई योजना को हाथों-हाथ लिया जा रहा है। यह नीति निर्माताओं और सौर उद्योग के लोगों में नई उम्मीद भर रहा है। अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी की उप महानिदेशक सुश्री गौरी सिंह ने भारतीय परिदृश्य में सौर ऊर्जा के महत्त्व को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र किस तरह भारत के सीओपी26 अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश ने इस परिचर्चा का संचालन किया। इस परिचर्चा में अन्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी, एशियाई विकास बैंक, न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसी प्रतिष्‍ठित संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हुए।

यह शोध अध्ययन हाल ही में संपन्‍न सीओपी26 को देखते हुए और महत्त्वपूर्ण हो जाता है। भारत के साथ-साथ विभिन्‍न विकासशील देशों पर जलवायु परिवर्तन का बहुत प्रभाव पड़ने वाला है और ये देश इसे कम करने के लिए विभिन्‍न उपाय भी कर रहे हैं। संपोषी विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए भारत ने ‘एक सूर्य, एक विश्‍व, एक ग्रिड’ नामक पहल की है। इसका उद्‍देश्य पूरे विश्‍व के लिए एक सौर विद्युत ग्रिड विकसित करना है, ताकि सारा जहां हर समय अक्षय ऊर्जा से रौशन रह सके।

इस शोध अध्ययन में, हाल ही में सौर ऊर्जा क्षेत्र में वैश्‍विक वित्त के रुझानों का भी विश्लेषण किया गया है। साथ ही, वैश्‍विक वित्तीय संस्थाओं और बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा सौर ऊर्जा क्षेत्र को दिए जा रहे महत्त्व को भी रेखांकित किया गया है।

भारत में ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस शोध अध्ययन में कुछ रणनीतियां भी सुझाई गई हैं। इनमें अन्य के साथ-साथ वित्त सुलभ कराना, फ्लोटिंग सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना, भूमि संबंधी मामलों का समाधान करना, इलेक्ट्रिक वाहनों में सौर ऊर्जा का विकल्प देना, आरपीओ अनुपालन जैसी प्रमुख रणनीतियां शामिल हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिए 
श्री एस. प्रहलादन, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्‍लेषण समूह
भारतीय निर्यात-आयात बैंक, 8वीं मंज़िल, मेकर चैम्बर्स IV, नरीमन पॉइंट, मुंबई 400 021.
फोनः +91 22-2286 0333, ईमेलः prahalathan@eximbankindia.in