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केरल से 6.7 अरब डॉलर के मर्चेंडाइज निर्यातों की नई संभावनाएं: एक्ज़िम बैंक का शोध अध्ययन

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) द्वारा प्रकाशित कराए गए एक शोध अध्ययन के अनुसार, 2018-19 में केरल से मर्चेंडाइज निर्यात 9.8 अरब यूएस डॉलर के रहे। हालांकि, हाल के कुछ वर्षों में केरल से निर्यातों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है, तथापि राज्य से करीब 6.7 अरब यूएस डॉलर के मर्चेंडाइज निर्यातों की संभावनाएं हैं, जिनका अभी तक दोहन नहीं किया गया है। यदि इन संभावनाओं को भुनाया जाए तो राज्य से मर्चेंडाइज निर्यात करीब 16.5 अरब यूएस डॉलर तक पहुंच सकता है। निर्यातों को बढ़ाने के लिए अनुकूल नीतियों और सघन प्रयासों से केरल 2024-25 तक 54.7 अरब यूएस डॉलर तक के निर्यात राजस्व के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।    

एक्ज़िम बैंक ने 14 अगस्त, 2020 को ‘केरल से निर्यात बढ़ाने की संभावनाएं’ विषय पर वेबिनार आयोजित किया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को राज्य में निहित संभावित निर्यात अवसरों की जानकारी देना तथा इन संभावनाओं को भुनाने के लिए प्रमुख निर्यात रणनीतियां बनाना था, ताकि केरल से उच्चतर निर्यात लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। वेबिनार में 70 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। केरल सरकार तथा एक्ज़िम बैंक के अधिकारी वेबिनार में वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।   

इस अवसर पर, एक्ज़िम बैंक के ‘केरल से निर्यातों का संवर्धनः चिंतन और नीतिगत परिप्रेक्ष्य’ शीर्षक वाले कार्यकारी आलेख का विमोचन भी किया गया। इस अध्ययन में, केरल के लिए छह-सूत्री निर्यात रणनीति सुझाई गई है। ये छह सूत्र हैं- उत्पादों और बाजारों के विविधिकरण के जरूरी आयाम, बुनियादी ढांचे का लाभ उठाना और उसे मजबूत करना, क्षमता निर्माण, वित्तीय प्रोत्साहन, निर्यात संवर्धन अभियान चलाना तथा संस्थागत समन्वय स्थापित करना। अध्ययन में, केरल से निर्यात की जाने वाली पारंपरिक वस्तुओं के अलावा प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, टेक्निकल टेक्सटाइल्स, थोक दवाएं तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी जैसे उच्चतर मूल्य वर्धित उत्पादों का विविधिकरण करने की रणनीति सुझाई गई है।         

इस अध्ययन में, निर्यात स्पर्धात्मकता में व्यापार के अनुकूल बुनियादी ढांचे की भूमिका का उल्लेख करते हुए, मौजूदा जलमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए अन्य के साथ-साथ, सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल अपनाने, छोटे बंदरगाहों पर निर्यात बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कोष बनाने, अलापुझा और पलक्कड़ जिलों में गोदामों की क्षमता बढ़ाने, कोल्ड-चेन नेटवर्क को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रायोजित योजनाओं का लाभ उठाने, कृषि उत्पादों की पहुंच और कनेक्टिविटी में सुधार लाने के लिए आईटी आधारित सेवाओं का उपयोग करने तथा एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स क्षेत्र के लिए राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करने जैसे उपाय सुझाए गए हैं।   

क्षमता विकास की दृष्टि से, इस अध्ययन में उन उत्पादों के लिए ब्रांडिंग रणनीति बनाने का सुझाव दिया गया है, जिनके लिए राज्य के पास भौगोलिक उपदर्शन (जीआई) है। इसके अलावा, निर्यातकों को सांविधिक प्रमाणीकरण प्राप्त करने में आने वाले खर्चों को रिफंड करने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत फंडिंग हासिल करने में फर्मों को सहयोग करना, केरल में अस्पतालों को विदेशी स्वास्थ्य संस्थाओं / अस्पतालों से गठजोड़ करने और वित्त तथा जोखिम कम करने वाले उत्पादों के बारे में जागरूकता फैलाने जैसे उपाय भी सुझाए गए हैं।  

केरल सरकार प्राथमिक क्षेत्रों में पूंजीगत सब्सिडी या अनुदान और निर्यात उन्मुख प्रमुख क्षेत्रों में बिजली शुल्क की प्रतिपूर्ति जैसे वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने पर विचार कर सकती है। निर्यात संवर्धन अभियान के रूप में, सरकार निर्यात पुरस्कार, केरल के उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए ब्रांड इक्विटी कोष स्थापित करने तथा ऐसे क्षेत्र चिह्नित करने के लिए, जिनके लिए विशेष उपाय करने की जररूत है, केरल में औद्योगिक क्लस्टरों का मूल्यांकन करने पर भी विचार कर सकती है। अध्ययन में, केरल से निर्यातों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य में प्रभावी संस्थागत इकोसिस्टम बनाने की जरूरत का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही, केरल सरकार के उद्योग विभाग के अंतर्गत केरल निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना करने की संस्तुति भी की गई है।       

इस अध्ययन का विमोचन, केरल सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा अनिवासी केरलवासियों संबंधी मामलों के विभाग के मुख्य सचिव डॉ. के. एलैंगोवन (आईएएस), द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. एलैंगोवन ने राज्य में निर्यातकों को सहयोग के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और उन्हें सहयोग प्रदान करने की केरल सरकार की आगामी योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया।  

एक्ज़िम बैंक के प्रबंध निदेशक श्री डेविड रस्कीना ने अपने स्वागत संबोधन में उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल का केंद्र बिंदु बना हुआ है और घरेलू उद्योग को इन योजनाओं के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु तैयार करने के लिए गवर्नैंस के तमाम स्तरों पर संयुक्त प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने वेबिनार के प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर निर्यातों को बढ़ावा देने के लिए एक्ज़िम बैंक द्वारा दिए जाने वाले वित्तपोषण, सुगमीकरण और संवर्धन संबंधी सहयोग की जानकारी भी दी। 

 

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 

श्री एस. प्रहलादन, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह  

भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र संकुल, मुंबई – 400005  

फोन: 91-22-2217 2704, फैक्स: 91-22-2218 0743, ई-मेल: prahalathan@eximbankindia.in