नए या उच्च-जोखिम वाले बाजारों में खरीदारों के साथ काम करते समय निर्यातकों को अक्सर साख पत्र (एलसी) की पुष्टि में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। वहीं, बैंकों के लिए भी ऐसे बाजारों में ट्रांज़ैक्शनों को सहयोग करना आसान नहीं होता, क्योंकि उनकी जोखिम लेने की क्षमता भी सीमित होती है। निर्यात प्रोत्साहन मिशन के अंतर्गत इस पहल के तहत एलसी‑आधारित ट्रांज़ैक्शनों के लिए गारंटी दी जाती है। इससे व्यापार संबंधी भुगतान को लेकर भरोसा बढ़ता है, बैंकों के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय ट्रांज़ैक्शनों को सहयोग प्रदान करना आसान हो जाता है, जहां ऐसे सहयोग के अभाव में ये ट्रांज़ैक्शन नहीं हो पाते हैं। साथ ही, भारतीय बैंकों और विदेशी स्थानीय बैंकों के बीच साझेदारी बढ़ती है।
प्रमुख विशेषताएं
गतान न होने के जोखिम के लिए आंशिक या पूर्ण सहयोग
पात्र उपकरणों के लिए एक्ज़िम बैंक द्वारा 100% तक कवरेज
NCGTC द्वारा प्रबंधित ट्रस्ट फंड से ट्रांज़ैक्शन मूल्य के 10% से 80% तक जोखिम प्रतिभागिता सहयोग
अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, यूरोप और CIS क्षेत्र के 72 देशों के साथ व्यापार के लिए सहायता
भागीदार बैंकों को जोखिम कवरेज
पात्रता
अंतरराष्ट्रीय मूल्य शृंखलाओं में शामिल सभी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs), जिनके पास वैध आयातक-निर्यातक कोड [अस्वीकृत इकाई सूची (Denied Entity List) में शामिल न हों) और वैध MSME उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर हो।
भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत निर्यातों के लिए अनुमत सभी वस्तुएं, जो योजना के तहत निर्धारित निगेटिव लिस्ट में न हों।
योजना के अंतर्गत चिह्नित ऐसे बाज़ारों में ट्रांज़ैक्शनों के लिए सहायता उपलब्ध होगी, जहां इस प्रकार की सहायता अभी तक बेहद सीमित रही है। इन बाजारों के साथ भारत के एकीकरण, इन बाज़ारों में मांग और भारत की अप्रयुक्त संभाव्यताओं के आधार पर इन बाजारों की सूची की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
योजना संबंधी दस्तावेज़ और दिशा-निर्देश
72 देशों में
उपलब्ध है
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