एफआईआरसी की प्रतिलिपि

अपने ग्राहक को जानिए (के वाई सी), और धन शोधन निवारण (ए एम एल) तथा धन शोधन निवारक (पी एम एल) उपायों आदि के लिए बैंक द्वारा बनाई गई नीति संरचना का सारांश।

बैंक ने निम्नलिखित को प्रमुख तत्व मानते हुए ग्राहक पहचान (के वाई सी) नीति बनाई हैः

  • ग्राहक स्वीकार्यता नीति
  • ग्राहक पहचान प्रक्रिया
  • संव्यवहारों की मॉनिटरिंग
  • जोखिम प्रबंधन

ग्राहक स्वीगकार्यता नीति

  • बैंक अनजान अथवा क्षद्म/ बेनामी सत्ताओं /शेल बैंकों के साथ किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संबंध स्थापित नहीं करेगा।
  • बैंक अपने ग्राहक की पहचान संबंधी विवरण गोपनीय रखेगा तथा इन्हें प्रति बिक्री (क्रॉस रोलिंग) अथवा किसी भी अन्य उददेश्य के लिए ग्राहक की सहमति के बिना किसी को भी जाहिर नहीं करेगा।
  • यदि बैंक ग्राहक की पहचान के संबंध में उठाए गए समुचित उपायों, अर्थात ग्राहक की पहचान का सत्यापन करने और/अथवा ग्राहक के सहयोग न करने पर बैंक के जोखिम वर्गीकरण के अनुसार अपेक्षित दस्तावेज प्राप्त करने अथवा बैंक को प्रस्तुत सूचना के विश्वसनीय न होने के कारण असफल रहता है तो वह ऐसे नए ग्राहकों से व्यावसायिक संबंध नहीं बनाएगा और पहले से चल रहे व्यावसायिक संबंध बंद कर देगा।
  • नए उधारकर्ताओं को ऋण देने से पहले बैंक जांच पड़ताल करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उधारकर्ता की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि न हो और किसी प्रतिबंधित संस्था से संबंध न रखता हो|

ग्राहक पहचान प्रक्रिया (सी आइ पी):

ग्राहकों की पहचान के संबंध में बैंक में एक सुस्था्पित प्रक्रिया विद्यमान है जिसके अंतर्गत ग्राहकों की श्रेणी (स्टे टस) के अनुसार उनसे दस्तावेज प्राप्त किए जाते हैं।

संव्यवहारों की निगरानी

  • ग्राहकों को किए जाने वाले सभी संवितरण तथा प्राप्तियों संबंधी सभी संव्यवहार अनिवार्य रूप से क्रॉस्ड चेकों/ड्राफ्टों तथा अन्य बैंकिंग चैनलों यथा खातों से अंतरण के माध्यम से किए जाएंगे।
  • बैंक सामान्यतः प्रशासनिक उद्देश्यों से कुछ छोटे नकदी संव्यवहारों (ट्रॉंजैक्शन) को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार का नकदी संव्यवरहार नहीं करेगा।

सूचना अभिलेख

एक्जिम बैंक सभी संदेहास्पद संव्यवहारों का रिकार्ड रखेगा। संदेहास्पद संव्यहवहारों से तात्पर्य नकद अथवा किसी अन्य रूप में किए गए ऐसे संव्यव्हारों से है जिसमें (क) पर्याप्त संदेह की गुंजाइश है कि इसमें आपराधिक राशि शामिल है (ख) निवेश असामान्य परिस्थितियों अथवा अविश्वसनीय जटिल परिसंपत्तियों में किया गया है, अथवा (ग) जिसका कोई तार्किक एवं आर्थिक आधार नहीं है तथा किसी वास्तविक उद्देश्य के लिए प्रतीत नहीं होता है। ऐसे संदिग्ध संव्यवहारों के विवरण की तारीख, संव्यवहार की प्रकृति, संव्यंवहार की राशि तथा संव्यवहार की मुद्रा जिसमें इसे किया गया है आदि का रिकार्ड रखा जाएगा।

सूचना का रख-रखाव

एक्जि़म बैंक अपने ग्राहकों के उक्त संदर्भित संव्यवहारों को कागजी अभिलेखों सहित इलेक्ट्रॉनिक (सॉफ्ट कॉपी) रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड जैसा भी मामला हो के द्वारा विनिर्दिष्ट तरीके में रखेगा।

रिकार्ड रखने की अवधि

उक्त पैरा (घ) में संदर्भित रिकार्ड ऐसे संव्यवहारों के प्रारंभ से 10 वर्ष तक की अवधि तक रखे जाएंगे।

मुख्य अधिकारी की नियुक्ति

एक्जिम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को मुख्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है जो के वाई सी, ए एम एल तथा पी एम एल के लिए विधि द्वारा अपेक्षित सभी संव्यवहारों की निगरानी रिपोर्टंग तथा सूचना के आदान-प्रदान के लिए जिम्मेदार हैं।

मुख्य अधिकारी के संपर्क विवरण :

मंजिरी भालेराव
इ-मेल : manjiri@eximbankindia.in