प्रेस विज्ञप्ति

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    23-May-2022

    कोविड-19 से निपटने के लिए भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग, इंडिया एक्ज़िम बैंक और जेबिक में 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण करार

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    13-May-2022

    कैमरून में 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन एवं इससे संबन्धित सब-स्टेशनों के निर्माण के लिए आंशिक वित्तपोषण हेतु इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 164.69 मिलियन यूएस डॉलर का क्रेता ऋण सुविधा प्रदान की

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    12-May-2022

    वित्तीय वर्ष 2022 में तीन गुना बढ़ा इंडिया एक्ज़िम बैंक का लाभ ऋण आस्तियोंमें 13.26% की वृद्धि

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    06-May-2022

    परियोजनानिर्यातों के लिए वित्तपोषण का ढांचा मजबूत बनाना हो प्राथमिकताः श्री पीयूष गोयल

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    08-Apr-2022

    ‘भारत-ऑस्ट्रेलियाः बदलता व्यापार और निवेश परिदृश्य’ विषय पर एक्ज़िम बैंक का सेमिनार

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    21-Mar-2022

    इंडिया एक्ज़ि‍म बैंक ने की (ईरा) पुरस्का र 2020 के विजेता की घोषणा

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    17-Mar-2022

    संपोषी वित्तपोषणकी दिशा में बढ़ती प्रतिबद्धताः इंडिया एक्ज़िम बैंक ने बनाया अपनाईएसजी फ्रेमवर्क

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    14-Mar-2022

    इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2022 के दौरान 414 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक का रहेगा कुल वस्तु निर्यात, वित्तीय वर्ष 2022 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारत का वस्तु निर्यात 111.3 बिलियन यूएस डॉलर तथा 95.2 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा गैर-तेल निर्यात

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    03-Feb-2022

    एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की सहायता से श्रीलंका सरकार को प्रदान की 500 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था

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    20-Jan-2022

    वृद्धि और संपोषी विकास में अहम होगा भारतीय सौर क्षेत्रः इंडिया एक्ज़िम बैंक का शोध अध्ययन

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    03-Jan-2022

    इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अपनाई वैकल्पिक संदर्भ दरें

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    10-Dec-2021

    इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भारत का वस्तु निर्यात 105.8 बिलियन यूएस डॉलर तथा गैर-तेल निर्यात 89.1 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा

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    12-Nov-2021

    भारत से कृषि निर्यातों के लिए वरदान साबित होगी सुदृढ़ व्यापार नीतिः इंडिया एक्ज़िम बैंक का शोध अध्ययन

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    27-Oct-2021

    एफ्रीनेक्स के साथ लिस्ट हुआ इंडिया एक्ज़िम बैंक का 1 बिलियन यूएस डॉलर का 10 वर्षीय बॉन्ड

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    18-Oct-2021

    भारत और आसियान के बीच क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखला विकास के अवसरः इंडिया एक्ज़िम बैंक

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    14-Oct-2021

    एक्ज़िम बैंक ने गयाना सरकार को प्रदान की 7.29 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था

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    14-Oct-2021

    बेहतर सहयोग के जरिए व्यापार और निवेश के परे और मजबूत किए जा सकते हैं भारत-जापान संबंधः इंडिया एक्ज़िम बैंक

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    14-Oct-2021

    इंडिया एक्ज़िम बैंक का लक्ष्यः 7 बिलियन यूएस डॉलर के परियोजना निर्यातोंके लक्ष्य को प्राप्त करना

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    01-Oct-2021

    सूक्ष्म एवं ग्रासरूट उद्यमों की व्यवसाय संभावनाएं बढ़ाता एक्ज़िम बाज़ार शुरू

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    27-Sep-2021

    इंडिया एक्ज़िम बैंक ने राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते के अंतर्गत मालदीव सरकार को प्रदान कीं कुल 226.95 मिलियन यूएस डॉलर की क्रेता ऋण सुविधाएं

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कोविड-19 से निपटने के लिए भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग, इंडिया एक्ज़िम बैंक और जेबिक में 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण करार

(इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन के इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एन्वायर्नमेंट फायनैंस ग्रुप के प्रबंध कार्यकारी अधिकारी और ग्लोबल हेड श्री माकोतो उचिदा के साथ 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण सुविधा करार किया)

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने कोविड-19 महामारी से संबंधित भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग करने के लिए जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन (जेबिक) के साथ वर्चुअल रूप से 100 मिलियन यूएस डॉलर के एक ऋण करार पर हस्ताक्षर किए। यह ऋण करार 23 मई, 2022 को टोक्यो, जापान में हुए चतुर्भुज राष्ट्रों  के नेताओं के सम्मेलन के दौरान अलग से किया गया। बैंक ने यह ऋण करार तीन और जापानी निजी वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर किया है। ये संस्थाएं हैं- एमयूएफजी बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ क्योटो लिमिटेड और हाचीजुनी बैंक लिमिटेड। इन निजी वित्तीय संस्थाओं द्वारा सह-वित्तपोषित हिस्से के लिए जेबिक द्वारा गारंटी भी दी जाएगी। इस ऋण सुविधा का उद्देश्य कोविड-19 से मुकाबले के लिए भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग करने के साथ-साथ, टीका विनिर्माताओं, फार्मासूटिकल कंपनियों, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) विनिर्माताओं, चिकित्सा ऑक्सीजन या अन्य मेडिकल डिवाइस विनिर्माताओंऔर अस्पतालों तथा संबंधित अन्य गतिविधियों को सहयोग करना है। 

इस क्षेत्र की बाजार जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने के लिए, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने भारतीय औषधि निर्यात संवर्धन परिषद (फार्मेक्सिल) के साथ मिलकर जुलाई 2021 में एक वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया। इसमें जेबिक और भारत की कुछ सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा और फार्मासूटिकल कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने हिस्सा लिया। भारत में इस तरह की कंपनियों के लिए उपलब्ध फंडिंग सुविधाओं के और अधिक प्रचार-प्रसार के मकसद से इंडिया एक्ज़िम बैंक ने सितंबर 2021 में फार्मेक्सिल के साथ मिलकर एक वेबिनार भी आयोजित किया। 

इस ऋण सुविधा के जरिए इंडिया एक्ज़िम बैंक और जेबिक, भारत में कोविड-19 के टीकों और संबंधित फार्मासूटिकल तथा स्वास्थ्य सेवा संबंधी उत्पादों के सुरक्षित और प्रभावी विनिर्माण को विस्तार देने की दिशा में संयुक्त रूप से काम करेंगे।  

इंडिया एक्ज़िम बैंक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और फार्मासूटिकल वैल्यू चेन में सभी खंडों को सहयोग प्रदान करता रहा है। बैंक ने इन क्षेत्रों में कंपनियों की घरेलू विस्तार परियोजनाओं को सहयोग प्रदान करने के अलावा, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र (अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं, पैथोलॉजिकल लैब और संबंधित प्रशिक्षण  / शिक्षा सेवाओंसहित) में विभिन्नथ भारतीय कंपनियों के वैश्वीिकरण के प्रयासों में भी मदद की है। साथ ही, बैंक ने फार्मासूटिकल कंपनियों (दवा और फॉर्मुलेशन विनिर्माताओं सहित) और बायोसिमिलर / बायोफार्मा (जीवन विज्ञान सहित) कंपनियों को भी सहयोग प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, इंडिया एक्ज़िम बैंक अनुसंधान एवं विकास, नए उत्पाद विकास और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी सहयोग प्रदान करता रहा है। 

वर्ष 1982 में स्थापित इंडिया एक्ज़िम बैंक भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक भारतीय कंपनियों को अपने विभिन्न  उत्पादों और सेवाओं के व्यापक विकल्प मुहैया कराता है। साथ ही, उनकी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए शोध एवं विश्लेषण जैसे सहयोग भी प्रदान करता है। बैंक भारतीय निर्यातक कंपनियों, विशेष रूप से मध्यम आकार के उद्यमों को अपने विभिन्ना ऋण कार्यक्रमों के जरिए उनके वैश्वीकरण के प्रयासों में तत्परता से सहयोग प्रदान करता है। इंडिया एक्ज़िम बैंक, वैश्वििक व्यापार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पादों और सेवाओं को नियमित रूप से नवोन्मेषी बनाता रहा है, ताकि वे तमाम क्षेत्रों में भागीदार देशों के लिए परस्पर लाभदायी स्थिति में हों। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री तरुण शर्मा
मुख्य वित्तीय अधिकारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल
विश्वर व्यापार केंद्र संकुल कफ़ परेड
मुंबई 400005
फोन:+91-22-22172601
ईमेल: tag@eximbankindia.in

कैमरून में 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन एवं इससे संबन्धित सब-स्टेशनों के निर्माण के लिए आंशिक वित्तपोषण हेतु इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 164.69 मिलियन यूएस डॉलर का क्रेता ऋण सुविधा प्रदान की

 भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने कैमरून में 173.36 मिलियन यूएस डॉलर मूल्य की 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन एवं इससे संबन्धित सब-स्टेशनों के निर्माण के लिए कैमरून गणराज्य सरकार के साथ 11 मई, 2022 को एक क्रेता ऋण करार पर हस्ताक्षर किए। इस राशि को राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता (एनईआईए) योजना के तहत प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना से अन्य के साथ-साथ कैमरून के उत्तरी क्षेत्र में 8 मिलियन से ज्यादा लोगों को बिजली की आपूर्ति होगी, जिससे उनके सामाजिक-आर्थिक जीवन में सुधार होगा। यह परियोजना कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लि. (KPTL) द्वारा निष्पादित की जाएगी।      

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने इससे पहले भी एनईआईए योजना के तहत कैमरून में अन्य ट्रांसमिशन लाइन परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान कर चुका है। इसके अलावा, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने एनईआईए योजना के तहत भारत से परियोजना निर्यातों को बढ़ावा देने के लिए अफ्रीका में घाना, ज़ाम्बिया, मोरिटानिया, कोत दि’वार, मेडागास्कर, यूगांडा, तंज़ानिया तथा सेनेगल तथा एशिया में मालदीव एवं श्रीलंका तथा लैटिन अमेरिका में सूरीनाम को जल, बिजली, रेलवे, तथा सड़क जैसे क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। एनईआईए भारतीय परियोजना निर्यातकों को वित्तपोषण का सुरक्षित माध्यम प्रदान करने वाली अनूठी योजना है, जिससे भारतीय निर्यातकों को एनईआईए ट्रस्ट से कवर मिलता है।    

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिए :
श्री रिकेश चंद, महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400005
फोन : +91-22-22172340 ई-मेल : rikesh@eximbankindia.in. 

वित्तीय वर्ष 2022 में तीन गुना बढ़ा इंडिया एक्ज़िम बैंक का लाभ ऋण आस्तियोंमें 13.26% की वृद्धि

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी और उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश ने गुरुवार, 12 मई, 2022 को मुंबई में प्रेस वार्ता कर वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बैंक के वित्तीय परिणामों की घोषणा की। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बैंक के वित्तीय परिणामों की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित अनुसार रहीं : 

वित्तीय कार्य निष्पादन

मानदंड

(A-K`करोड़ में,L-N % में)

2020-21 में निष्पादन

2021-22में निष्पादन

2020-21 से वृद्धि

A. निवल ऋण पोर्टफोलियो

1,03,851

1,17,619

13.26%

B.  गैर-निधिक पोर्टफोलियो

14,229

15,247

7.15%

C.  ग्राहक आस्ति पोर्टफोलियो(A+B)     

1,18,080

1,32,866

12.52%

D.निवल निवेश

10,017

10,903

8.84%

E. कुल उधारियां

1,09,617

1,07,477

(1.95%)

F.  कुल व्यवसाय (C+D+E     

2,37,714

2,51,246

5.69%

G. प्रति कर्मचारी व्यवसाय  

683

737

7.86%

H. परिचालन लाभ      

2,823

3,130

10.87%

I. कर पूर्व लाभ        

356

2,150

503.93%

J. कर पश्चात लाभ      

254

738

190.55%

K. निवल अनर्जक आस्तियां       

533

-

(100%)

L. जोखिम भारित पूंजी आस्ति अनुपात       

25.89%

30.49%

460 bps

M. प्रावधान कवरेज अनुपात

96.74%

100%

326 bps

N. स्लिपेज अनुपात

1.52%

0.24%

(128 bps)

कारोबारी परिणाम

नीतिगत व्यवसाय: 

वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान, भारत सरकार की ओर से एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत से परियोजनाओं, माल और सेवाओं के निर्यात में सहयोग के लिए 1.13 बिलियन यूएस डॉलर की 6 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की गईं। बैंक के पासभारत सरकार की ओर से दी गई इन 310 ऋण-व्यवस्थाओं के पोर्टफोलियो के अंतर्गत 31.96 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण प्रतिबद्धताएं हैं। ये ऋण प्रतिबद्धताएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। ये ऋण-व्यवस्थाएं अपनी बढ़ती पहुँच के साथ अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, ओशिआनिया और सीआईएस क्षेत्रों में 66 देशों में आर्थिक विकास में तेजी लाने में मददगार रही हैं। राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते के अंतर्गत क्रेता ऋण (बीसी-एनईआईए) पोर्टफोलियो के तहत एक्ज़िम बैंक ने अब तक 3.01 बिलियन यूएस डॉलर की 34 निर्यात परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। भारत सरकार द्वारा एनईआईए ट्रस्ट को `1,650 करोड़ की अतिरिक्त राशि की घोषणाकी गई है और इसके अलावा ट्रस्ट की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए `33,000 की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। 

वाणिज्यिक व्यवसाय :वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान,एक्ज़िम बैंक द्वारा 39 देशों में अपने कमर्शियल पोर्टफोलियो के अंतर्गत `19,380.34 करोड़ की 75 निर्यात परियोजनाओं को सहायता प्रदान की गई। यथा 31 मार्च, 2022 को एक्ज़िम बैंक द्वारा 78 देशों में 483 भारतीय कंपनियों द्वारा स्थापित 652 संयुक्त उद्यमों/ स्वायत संस्थाओं को `63,877.51 करोड़ का ऋण प्रदान किया गया है। बैंक द्वारा हाल ही में प्रारंभ किए गए उभरते सितारे कार्यक्रम के अंतर्गत, अंतरिक्ष, ऑटो, फर्मासूटिकल्स, इंजीनियरिंग और उपभोक्त वस्तुओं के लिए 15 कंपनियों को `306.32 करोड़ की ऋण सुविधाएं प्रदान कीगईं।       

संसाधन एवं ट्रेजरी 

वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान भारत सरकार ने एक्ज़िम बैंक को अपनेव्यवसायको बढ़ाने के लिए `750 करोड़ की राशि प्रदान की। साथ ही भारत सरकार द्वारा 2022 के बजट में

`1, 500 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्रदान करने की भी घोषणा की गई है। 

वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान एक्ज़िम बैंक ने `19,046 करोड़ के रुपया संसाधन एवं विभिन्न इन्स्ट्रूमेंट्स के जरिए 2.05 बिलियन यूएस डॉलर के समतुल्य विदेशी मुद्रा संसाधन जुटाए। वर्ष के दौरान, जीएमटीएन कार्यक्रम के तहत बैंक ने 5 वर्षीय CNH 500 मिलियन बॉन्ड जारी किया। यह किसी भी मुद्रा में सबसे कम कूपन दर पर भारत से बाहर जारी किया जाने वाला बॉन्ड रहा। बैंक ने 435 मिलियन HKD का पहला HKD बॉन्ड भी जारी किया है।    

 

बैंक को मूडीज द्वारा बीएए 3 (स्थिर), एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स द्वारा बीबीबी- (स्थिर), फिच रेटिंग्स द्वारा बीबीबी-(ऋणात्मक) तथा जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा बीबीबी+(स्थिर) रेटिंग प्रदान की गई है। ये सभी रेटिंग्स निवेश ग्रेड या उससे ऊपर की हैं और संप्रभु रेटिंग के समान हैं।       

 

नई पहल

एक्ज़िम बैंक ने हरित, सामाजिक या संपोषी बॉन्ड्स/ ऋण जारी करने के लिए एक ईएसजी फ्रेमवर्क बनाया है। बाहरी एजेंसी सस्टेनलिटिक्स द्वारा इसकी समीक्षा की गई है, जिसने यह कहा है कि यह फ्रेमवर्क ‘विश्वसनीय और प्रभावशाली’ है तथा यह भी कहा है कि बैंक परियोजनाओं से जुड़े सामान्य पर्यावरणीय और सामाजिक जोखिमों से निपटने के लिए समुचित उपाय करने की स्थिति में है।

 

एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए एक्ज़िम बैंक ने व्यापार सहायता (ट्रेड असिस्टेंस) कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत, उभरते बाज़ारों में हिस्सा लेने वाले विदेशी बैंकों/ संस्थानों को ट्रेड लाइनप्रदान किया जाएगा और भारत में चिह्नित किए गए बैंकों के भुगतान दायित्वों को कवर करने के लिए वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देने की सीमा को बढ़ाया जाएगा। एक्ज़िम बैंक एमएसएमई निर्यातकों पर फोकस करने के साथ-साथ फैक्टरिंग व्यवसाय भी शुरू करने वाला है। 

निर्यात सुगमीकरण 

वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार ने एक्ज़िम बैंक को यूरोपीय संघऔर कनाडा के लिए मुक्त व्यापार करारों का प्रभावी मूल्यांकन करने की प्रक्रिया में भी शामिल किया है। बैंक आंध्र प्रदेश सरकार के साथ मिलकर राज्य के लिए निर्यात रणनीति पत्र तैयार कर रहा है। 

एक्ज़िम बैंक ने निर्यातकों के लिए 19 सेमिनारों/ कार्यशालाओं का आयोजन किया। कार्यक्रम मुख्य रूप से निर्यात क्षमता सृजन, व्यवसाय अवसरों, उद्योग, देश और क्षेत्रों पर फोकस तथा भारतीय राज्यों में निर्यात क्षमताओं जैसे विषयों पर केन्द्रित रहे। 

एक्ज़िम बैंक अपनी ग्रासरूट पहलों के तहत ग्रामीण दस्तकारों, शिल्पकारों और किसानों को सहायता प्रदान करता रहा है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में उनकी पहुंच बढ़ सके। बैंक उनके लिए डिजाइन, कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कराता रहा है। वर्ष के दौरान आयोजित किए गए कार्यक्रमों में से वाराणसी में बनारसी सिल्क बुनकरों के लिए तथा महाराष्ट्र के वारली दस्तकारों के लिए कार्यक्रम शामिल रहे। बैंक ने भारत सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना के अंतर्गत 11 जिलों से 12 उत्पादों को चिह्नित किया है और इससे संबंधित रणनीति के लिए संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। 

सामाजिक पहलें 

वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान, बैंक द्वारा सात राज्यों एवं एक केंद्र शासित प्रदेश को शिक्षा और कौशल विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य सेवा एवं स्वच्छता तथा जीविकोपार्जन गतिविधियों के लिए 12 परियोजनाओं/ कार्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की गई है। वर्ष के दौरान कार्यान्वित कुछ उल्लेखनीय परियोजनाओं में असम, झारखंड, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के अस्पतालों में नई सुविधाओं को बढ़ाना; सोलापुर (महाराष्ट्र) के 20 विद्यालयों में शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना; कौशल विकास के लिए मिज़ोरम की वंचित महिला बुनकरों को वित्तीय सहायता; तथा स्थानीय बुनकर समुदाय के लिए लद्दाख में हर मौसम में उपयुक्त शौचालयों का निर्माण एवं प्रशिक्षण केन्द्रों का नवीकरण करना आदि है। एक्ज़िम बैंक ने अपनी‘आदर्श गाँव’ पहल के तहत महाराष्ट्र के दो गाँवों को आदर्श गाँव बनाने के लिए चिह्नित किया है। इन गाँवों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं जीविकोपार्जन एवं कौशल विकास के क्षेत्र में समग्र रूप से सुधार लाकर इन्हें आदर्श गाँव के रूप में विकसित किया जाएगा।    

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिए : सुश्री दीपाली अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400005 फोन : +91-22-22172700ई-मेल : ccg@eximbankindia.in.

 

परियोजनानिर्यातों के लिए वित्तपोषण का ढांचा मजबूत बनाना हो प्राथमिकताः श्री पीयूष गोयल

“वित्तपोषण के नवोन्मेषी माध्यमों के जरिए परियोजना निर्यातों के लिए वित्तपोषण के ढांचे को मजबूत बनाना और निर्यात ऋण एजेंसियों के लिए विवेकसम्मत मानदंड जैसे विनियमों की समीक्षा करना प्राथमिकता होनी चाहिए।“यह बात माननीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) द्वारा 05 मई, 2022 को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन के दौरान कही। यह सम्मेलन ‘भारतीय परियोजना निर्यातकों के लिए वैश्विकक अवसर बढ़ाना’ विषय पर आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में अन्य के साथ-साथ, भारतीय परियोजना निर्यातकों के अलावा,भारत सरकार और भारत में विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधियों, विकास वित्त संस्थाओं, ऋण बीमा एजेंसियोंऔर भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में 150 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। 

सम्मेलन के दौरान श्री गोयल ने महामारी की बाधाओं के बावजूद भारतीय परियोजना निर्यातों के उल्लेखनीय स्तर पर बने रहने को रेखांकित किया। श्री गोयल ने उल्लेख किया कि देश वस्तुओं और सेवाओं, प्रत्येक के निर्यातों में 1 ट्रिलियनयूएस डॉलर के वृहत्तर लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और परियोजना निर्यातों जैसे उभरते क्षेत्र इसके लिए महत्त्वपूर्ण हैं। 

श्री गोयलने मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए बाजार पहुंच बढ़ाने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में बात की। श्री गोयल ने स्टेकहोल्डरों को महत्त्वपूर्ण परियोजना बाजारों में सामने आने वाली चुनौतियों वाली नॉन-टैरिफ बाधाओं को हाइलाइट करने को कहा, ताकि मुक्त व्यापार समझौता वार्ताओं में उनका प्रभावी तरीके से समाधान किया जा सके। परियोजना निर्यातों के लिए विकसित बाजारों में बड़े अवसरों और उन बाजारों में विविधता की जरूरतको रेखांकित करते हुए श्री गोयल ने परियोजना निर्यातकों को बाजार पहुंच में आने वाली समस्याओं को चिह्नित करने के लिए प्रेरित किया, ताकि सरकार द्वारा उनका समाधान किया जा सके। 

सम्मेलन के दौरान श्री गोयल ने एक्ज़िम बैंक के शोध अध्ययन ‘भारत से परियोजना निर्यातः बदलते परिवेश में संभावनाओं का पता लगाना’ का भी विमोचन किया और इस क्षेत्र में अध्ययन करने के लिए एक्ज़िम बैंक की सराहना की। स्टेकहोल्डरों के साथ परिचर्चा तथा डेस्क अनुसंधान पर आधारित इस शोध अध्ययन में भारत से परियोजना निर्यातों के परिदृश्य पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, भारतीय कंपनियों की कमजोरियों और शक्तियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है और कोविड-19 महामारी के प्रभाव का विश्लेषण करते हुए देश से परियोजना निर्यातों को बढ़ाने की रणनीतियां सुझाई गई हैं। श्री गोयल ने एक्ज़िम बैंक के एक और शोध अध्ययन ‘मुक्त व्यापार करारों में भारत की तत्परताः आगे की राह’ का भी विमोचन किया। इसमें भारत के प्रमुख व्यापार समझौतों और भारत के व्यापार पर इनके प्रभाव का विश्लेाषण किया गया है। 

उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की मुख्य आर्थिक सलाहकार, सुश्री रूपा दत्ता ने अपने उद्घाेटन संबोधन के दौरान इस सम्मेलन की सामयिकता की सराहना की, जब दुनिया के विभिन्नो देशों द्वारा बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचागत निवेश किया जा रहा है और परियोजना निर्यातों के लिए भावी अवसर बन रहे हैं। 

एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक, सुश्री हर्षा बंगारी ने 2019 में हुए पिछले सम्मेलन के दौरान हुए विचार-विमर्श से परियोजना निर्यातों के लिए उपजी चुनौतियों और उन चुनौतियों से निपटने के लिए किए गए उपायों के बारे में बात की। इन उपायों में अन्य के साथ-साथ, आयडियाज़ दिशानिर्देशों में परियोजनाओं के सह-वित्तपोषण को शामिल करना, यूरो वित्तपोषण की जरूरत, अतिरिक्त सिक्योरिटी उपाय के रूप में एस्क्रोमैकेनिज्म को लाना और हरित तथा सामाजिक रूप से उत्तरदायित्वपूर्णसंपोषी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के लिए ईएसजी नीति को क्रियान्वित करना शामिल है। 

अपने धन्यवाद ज्ञापन में सम्मेलन को सार रूप में प्रस्तुत करते हुए एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक, श्री एन. रमेश ने इन चर्चाओं से निकली प्रमुख अनुशंसाओं को एकसूत्र में पिरोया। उन्होंने इस चर्चा से उभरे प्रमुख विषयों,वृहत्तर सहयोग की  जरूरत, उद्योग की प्राथमिकताओं को भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाने और परियोजना निर्यातों में नॉन-टैरिफ बाधाओं का मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए समाधान करने जैसे उपायों पर बल दिया। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री एस. प्रहलादन, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV, नरीमनपॉइंट, मुंबई – 400021
फोनः91-22-2286 0333, 
ईमेलःprahalathan@eximbankindia.in

‘भारत-ऑस्ट्रेलियाः बदलता व्यापार और निवेश परिदृश्य’ विषय पर एक्ज़िम बैंक का सेमिनार

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 08 अप्रैल, 2022 को ‘भारत-ऑस्ट्रेलियाः बदलता व्यापार और निवेश परिदृश्य’ विषयक अपने वेबिनार के दौरान “ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का व्यापार और निवेश संबंधः हालिया रुझान और संभावना’ विषयक अपने शोध अध्ययन का विमोचन किया। इस शोध अध्ययन का विमोचन भारत में ऑस्ट्रेलिया के माननीय उच्चायुक्त श्री बैरी ओ’फैरेल एओ द्वारा किया गया। इस दौरान मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत श्री पीटर ट्रसवेल और इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही, एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया के मुख्य जोखिम अधिकारी और जनरल काउंसिल श्री जॉन हॉपकिन्स; ऑस्ट्रेड, मुंबई की वरिष्‍ठ व्यापार एवं निवेश आयुक्त डॉ. मोनिका केनेडी; ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिज़नेस काउंसिल के न्यू साउथ वालेस चैप्‍टर के प्रेसीडेंट श्री इरफान मलिक; और गेटवे हाउस मुंबई के सीनियर फैलो श्री अमित भंडारी भी उपस्थित रहे।  

इस शोध अध्ययन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और बढ़ाने के लिए मौजूद अवसरों का उल्लेख किया गया है। इसमें 2020 तक अवधि के दौरान दोनों देशों के बीच कुल व्यापार का विश्‍लेषण किया गया है। शोध अध्ययन में बताया गया है कि 2017 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 18 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंच गया था। इसमें निर्यात और आयात की बात की जाए तो भारत से ऑस्ट्रेलिया को 4 बिलियन यूएस डॉलर का निर्यात किया गया और ऑस्ट्रेलिया से भारत में 14 बिलियन यूएस डॉलर का आयात किया गया था। 

शोध अध्ययन में, व्यापार पूरकता विश्लेषण के जरिए ऐसी उपयुक्त उत्पाद श्रेणियां सुझाई गई हैं, जिनके निर्यातों में भारत बेहतर स्थिति में है और ये उत्पाद श्रेणियां उन उत्पादों के अनुरूप हैं, जिनकी ऑस्ट्रेलिया में भारी आयात मांग है। इस अध्ययन के अनुसार, मशीनरी और यांत्रिक उपकरणों, विद्युत मशीनरी और उपकरण, परिवहन वाहनों, दवा उत्पादों, अपैरल और कपड़ों से संबंधित सामग्री जैसी श्रेणियों में भारत के लिए अच्छी निर्यात संभावनाएं हैं। अध्ययन में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया निवेश संबंधों के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं। ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में अक्षय ऊर्जा, महत्त्वपूर्ण खनिजों आदि महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश के अवसर हैं और ये वे उद्योग हैं, जिन्हें इनमें भावी चैंपियन उद्योगों के तौर पर देखा जा रहा है। 

ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने अपने बीजवक्तव्य में कहा कि “भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की संभावनाओं के बारे में बात करना इससे पहले कभी इतना आसान नहीं रहा, जितना बीते कुछ हफ्तों के दौरान हुई प्रगति से अब हो गया है। पिछले हफ्ते हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार करार से हमारी अर्थव्यवस्थाओं के बीच होने वाले मौजूदा व्यापार के और अधिक फलने-फूलने के अवसर बढ़ेंगे और ये अवसर ख़ास तौर पर इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस शोध अध्ययन में बताए गए क्षेत्रों में बढ़ेंगे।” 

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने अपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुदृढ़ व सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। दोनों देशों के बीच होने वाले मौजूदा व्यापार तथा हालिया आर्थिक सहयोग और व्यापार करार (ईसीटीए) पर हस्ताक्षर से आने वाले समय में द्विपक्षीय सहयोग के अवसर कई क्षेत्रों में कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। सुश्री बंगारी ने यह भी कहा की ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का व्यापार 2020 में 10.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2021 में दोगुना से अधिक, 23 अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।

एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया के मुख्य जोखिम अधिकारी और जनरल काउंसिल श्री जॉन हॉपकिन्स ने ने अपने संबोधन में ऑस्ट्रेलिया और भारत के लिए आर्थिक और रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिजों में परियोजनाओं के वित्तपोषण पर एक साथ काम करने के बढ़ते अवसरों पर जोर दिया।   

सेमिनार के दौरान, वक्ताओं ने वर्ष 2021 में सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहे भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की। साथ ही, पारस्परिक हित के क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया में भारत का व्यापार और निवेश बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह
भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, 
विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400 005.
फोनः +91 22-2286 0363, ईमेलः dsinate@eximbankindia.in 

 

इंडिया एक्ज़ि‍म बैंक ने की (ईरा) पुरस्का र 2020 के विजेता की घोषणा

फोटो कैप्शनः इंडिया एक्ज़ि ‍म बैंक द्वारा 21 मार्च, 2022 को आयोजित वेबि‍नार में इंडिया एक्ज़ि‍म बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी द्वारा इंडि‍या एक्ज़िा‍म बैंक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक शोध वार्षिक (ईरा) पुरस्कार 2020 के लिए डॉ. संजना गोस्वामी के नाम की घोषणा की गई।

मुंबईः 21 मार्च, 2022:डॉ.  संजना गोस्वामी को भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक शोध वार्षिक (ईरा) पुरस्कार 2020 के लिए विजेता घोषित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार उनके शोध प्रबंध ''इंपैरिकल स्टडीज़ इन इंटरनैशनल ट्रेड'' के लिए दिया गया। इस पुरस्काार की घोषणा 21 मार्च, 2022 को आयोजित वेबिनार में इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने की। पुरस्कार के रूप में 3.50 लाख रुपये की राशि तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। डॉ. डी. एम. नाचणे, पूर्वकुलाधिपति, यूनिवर्सिटी ऑफ मणिपुर, प्रफेसर एमेरिटस एवंपूर्व निदेशक, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च, मुंबई,इस समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान,डॉ. संजना गोस्वामी के पुरस्कृजत शोध प्रबंध पर आधारित एक्ज़िम बैंक के प्रासंगिकआलेख का भी विमोचन किया गया।

इस अवसर पर डॉ. नाचणे ने भारत में आर्थिक शोध को बढ़ावा देने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों के लिए बैंक की सराहना की। महामारी और हालिया घटनाक्रमों के चलते प्रभावित वैश्विक व्यापार को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं को वैश्विंक व्यापारऔर इसके विभिन्न प्रभावों के संबंध को परखना चाहिए।

ईरा पुरस्कार के बारे में जानकारी देते हुए सुश्री हर्षा बंगारी ने बताया कि इस पुरस्कार की स्थाापना 1989 में की गई थी। यह पुरस्कार 32 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र, व्याापार, विकास तथा संबद्ध वित्तपोषण के क्षेत्र में भारतीय ना‍गरिकों द्वारा भारतीय अथवा विदेशी विश्वविद्यालयों में किए गए उत्कृष्ट शोध प्रबंधों के लिए प्रदान किया जाता है। सुश्री बंगारी ने कहा कि यह शोध अध्य्यन वैश्विक व्यापार संघर्षों के मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों पर इसके विस्तार संबंधी प्रभावों पर प्रकाश डालता है।

पुरस्कृैत शोध प्रबंध 

डॉ. संजना गोस्वामी ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, इर्विन, यूएसए से 2020में डॉक्टोरल डिग्री हासिल की। उन्होंने अपनी थीसिस प्रफेसर एंटोनियो रोड्रिग्ज़-लोपेज़, प्रफेसर प्रियरंजन झा तथा प्रफेसर यिंग-यिंग ली, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, इर्विन, यूएसए के निर्देशन में लिखी है। 

एक्ज़िम बैंक ईरा पुरस्कार 

एक्ज़िम बैंक ईरा पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, व्यापार तथा विकास व संबंधित वित्तपोषण के क्षेत्र में शोध एवं विश्लेषण को बढ़ावा देने का बैंक का एक प्रयास है। 

विस्तृत जानकाकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः

मुख्य महाप्रबंधक,शोध एवं विश्लेषण समूह,

भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केन्द्र  एक भवन, 21वीं मंज़िल,

विश्व् व्यापार केन्द्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई - 400 005.

फोनः 022- 2217 2708;

फैक्सः 022-2218 0743;

ई-मेल: iera@eximbankindia.in

संपोषी वित्तपोषणकी दिशा में बढ़ती प्रतिबद्धताः इंडिया एक्ज़िम बैंक ने बनाया अपनाईएसजी फ्रेमवर्क

भारत कीशीर्ष निर्यात वित्त संस्था, भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने संपोषीवित्तपोषण के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के साथ अपने पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) फ्रेमवर्क की घोषणा की

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने वैश्विकक ईएसजी पद्धतियों के अनुरूप हरित, सामाजिक या संपोषी बॉन्ड और ऋण जारी करने के लिए अपनाईएसजी फ्रेमवर्कबनाया है। इसका उद्देश्य अपने स्टेकहोल्डरों के साथ पारदर्शिता और संपर्क बढ़ाना है। यह फ्रेमवर्क बैंक की व्यवसाय रणनीति में सहयोग देते हुए ऐसी परियोजनाओं के लिए वित्त प्रदान करने की बैंक की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिनका पर्यावरण पर और या / समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। यह फ्रेमवर्क 6हरित और 4 सामाजिक क्षेत्रों में पात्रता मानदंडों को परिभाषित करता है। इनमेंअक्षय ऊर्जा, सतत जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन, प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण, स्वच्छ परिवहन, हरित भवन, बिजली की न्यूनतम खपत, आवश्यक सेवाओं और बुनियादी ढांचे तक पहुंच बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा और संपोषी खाद्य प्रणाली, एमएसएमई वित्तपोषण और किफायती आवासजैसे क्षेत्र शामिल हैं। 

इस फ्रेमवर्क की समीक्षा एक सेकंड पार्टी ओपिनियन (एसपीओ) प्रदाता –‘सस्टेनलिटिक्स’द्वारा की गई है। एसपीओ ने पुष्टिजकी है कि यह फ्रेमवर्क 'विश्विसनीय और प्रभावशाली' है और ‘सस्टेनेबिलिटी बॉन्ड गाइडलाइन्स 2021’, ग्रीन बॉन्ड सिद्धांत 2021 और सामाजिक बॉन्ड सिद्धांत 2021 के अनुरूप है। और अंतरराष्ट्री य पूंजी बाजार संघ (ICMA), और हरितऋण सिद्धांत 2021 और सामाजिक ऋण सिद्धांत 2021 द्वारा प्रशासित है। साथ ही,लोन मार्केट एसोसिएशन (एलएमए), एशिया पैसिफिक लोन मार्केट एसोसिएशन (एपीएलएमए) और ऋण सिंडिकेशन और ट्रेडिंग एसोसिएशन (एलएसटीए)द्वारा भी प्रशासित है। एसपीओ ने यह भी कहा कि बैंक परियोजनाओं से जुड़े सामान्य पर्यावरणीय और सामाजिक जोखिमों से निपटने के लिए समुचित उपाय करने की स्थिति में है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक संपोषी वित्तपोषण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के संबंध में, बाजार की अपनी समकक्षीसंस्थाओं से आगे रहा है। मार्च 2015 में, बैंक ने यूएस डॉलर मूल्यवर्ग में भारत कापहला 5वर्षीय रेग एसग्रीन बॉन्ड जारी किया था। यह उस वर्ष एशिया से बाहर जारी किया गया पहला बेंचमार्क-साइज्ड ग्रीन बॉन्ड भी था, जो अप्रैल 2020 में परिपक्वाहुआ था। 2019 में, बैंक ने यूएस डॉलर मूल्यवर्ग में सामाजिक उत्तरदायित्व वालाअपना पहला बॉन्ड जारी किया।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने कहा, "इस विकसित होतेपरिदृश्य मेंईएसजी संबंधी विषयों को अंतरराष्ट्रीय नीतिगत एजेंडा में प्रमुखता दी जाने लगी है। इस तरह के ईएसजी लक्ष्यों को चैनलाइज़ करने में ‘वित्त’एक अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में, सेकेंड पार्टी ओपिनियन के साथ अपने ईएसजी फ्रेमवर्क की घोषणा करते हुए हमें खुशी हो रही है। ईएसजी बॉन्डोंऔर ऋणों के लिए इस तरह के अंब्रेला फ्रेमवर्क से बैंक को सर्वोत्कृष्ट वैश्विनकपद्धतियों के अनुरूपसंपोषी वित्तपोषण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

इस फ्रेमवर्क के अनुसार, प्रत्येक संपोषी वित्तपोषण ट्रांजैक्शन में आय के उपयोग प्रबंधन, परियोजना मूल्यांकन एवं चयन, आय के प्रबंधन और रिपोर्टिंग संबंधी प्रक्रियाओं को अपनाया जाएगा। इस तरह के बॉन्ड की आय का उपयोग खास तौर पर आईसीएमए सिद्धांतों के अनुरूप नई या मौजूदा पात्र हरित और / या सामाजिक परियोजनाओं के पूर्ण या आंशिक वित्तपोषण या पुनर्वित्तपोषण के लिए किया जाना ज़रूरी है। बैंक ने एक संपोषी वित्तपोषण समिति (एसएफसी) भी गठित की है, जिसमें बैंक के परिचालन, अनुपालन और विधिक समूहों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति ऐसी परियोजनाओं का मूल्यांकन करेगी, जो इस फ्रेमवर्क के तहत पात्र हो सकती हैं। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री तरुण शर्मा ने कहा, "बैंक ने ईएसजी क्षेत्र में आगे बढ़ने केअपने जागरूक और निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप यह ईएसजी फ्रेमवर्क बनाया है। इंडिया एक्ज़िम बैंक बढ़ते हरित, सामाजिक और संपोषीबॉन्ड बाजारों में अपनी भूमिका को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में, बैंक की वार्षिक रिपोर्टिंग भी बाहरी सत्यापन के अधीन होगी।"

ईएसजी फ्रेमवर्क और एसपीओ को बैंक की वेबसाइट (https://www.eximbankindia.in/esg-framework-details.aspx) पर उपलब्ध करायागया है। बैंक मेंसंपोषी विकास/उत्तरदायित्वपूर्ण वित्तपोषण के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित ईएसजी नीति भी लागू है। इसके अलावा, ऊर्जा की खपत को कम करने लिए बैंक, ऊर्जा ऑडिट और संबद्ध उपाय कर ईएसजी से संबंधित मापदंडों के लिए अपने आंतरिक परिचालनों को भी सुव्यवस्थित करता रहा है।  

विस्तृतजानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें
श्री तरुण शर्मा
मुख्य वित्तीय अधिकारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल
विश्वर व्यापार केंद्र संकुल
कफ़ परेड मुंबई 400005
फोन +91-22-22172601 ई-मेल: tag@eximbankindia.in

 

इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2022 के दौरान 414 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक का रहेगा कुल वस्तु निर्यात, वित्तीय वर्ष 2022 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारत का वस्तु निर्यात 111.3 बिलियन यूएस डॉलर तथा 95.2 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा गैर-तेल निर्यात

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के लिए निर्यातों के पूर्वानुमान जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, भारत के कुल वस्तु निर्यात लगातार तीसरी तिमाही में 100 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक के रहेंगे। इन पूर्वानुमानों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए भारत के कुल वस्तु निर्यात 23% की वृद्धि दर्ज करते हुए 111.3 बिलियन यूएस डॉलर और गैर-तेल निर्यात 15.8% की वृद्धि दर्ज करते हुए 95.2 बिलियन यूएस डॉलर के रहेंगे। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही के दौरान ये निर्यात क्रमशः 90.4 बिलियन यूएस डॉलर और 82.2 बिलियन यूएस डॉलर के रहे थे। भारत के निर्यातों में यह बढ़ोत्तरी मुख्य रूप से वैश्‍विक वृद्धि के जारी रहने और इसके चलते वैश्‍विक आयात मांग बढ़ने के कारण हो सकती है। साथ ही, विशेष रूप से तेल की कीमतें बढ़ने के चलते कमोडिटी कीमतों के अनुकूल बने रहना भी निर्यातों में वृद्धि का अहम कारक है। पूरे वर्ष (अर्थात 2021-22) के लिए कुल वस्तु निर्यात 414.8 बिलियन यूएस डॉलर (42% वृद्धि) का रहने की उम्मीद है। वहीं इसी अवधि के दौरान गैर-तेल निर्यातों के 353.4 बिलियन यूएस डॉलर (33% वृद्धि) के रहने की संभावना है। ये पूर्वानुमान मुख्यतः वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के चलते कमोडिटी मूल्य में अस्थिरता और वैश्‍विक अर्थव्यवस्था में अनिश्‍चितताओं के अध्यधीन हैं। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत के कुल वस्तु निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान तिमाही आधार पर संबंधित तिमाहियों के लिए जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च के पहले सप्ताह में जारी किए जाते हैं। इस मॉडल में निरंतर सुधार का प्रयास किया जाता है। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) मॉडल पर आधारित हैं, जिसमें इस तिमाही में वृद्धि देखी गई है। वित्तीय वर्ष 2023 (अप्रैल-जून 2022) की पहली तिमाही के लिए भारत के निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान जून 2022 के पहले सप्ताह में जारी किए जाएंगे।

इस मॉडल तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर एवं संयोजक, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, अर्थशास्त्र  विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता; डॉ. सरत धल, निदेशक, अर्थशास्त्र और नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, वाइस चांसलर, बीएएसई यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू; तथा प्रोफेसर सी. वीरामणि, प्रोफेसर, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर), मुंबई शामिल हैं। 

एक्ज़िम बैंक द्वारा अपने निरंतर शोध प्रयासों की कड़ी में भारत के निर्यातों का तिमाही आधार पर ट्रैक रखने तथा वृद्धि में पूर्वानुमान के लिए एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) तैयार करने हेतु यह इन-हाउस मॉडल विकसित किया गया है। इस इंडेक्स को देश के निर्यातों पर प्रभाव डालने वाले विभिन्न बाह्य एवं घरेलू कारकों को ध्यान में रखते हुए देश के वस्तु निर्यातों में तिमाही आधार पर वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में विकसित किया गया है।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक/ डॉ. विश्‍वनाथ जंध्याला, सहायक महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, 8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV, जमनालाल बजाज मार्ग, नरीमन पॉइंट, मुम्बई 400021, फोनः +91-22-2286 0363/ 0310/ 0311,
ई-मेलः dsinate@eximbankindia.in/viswanath@eximbankindia.in
वेबसाइटः  www.eximbankindia.in

डिस्क्लेमरः उपर्युक्त परिणाम नीति निर्माताओं, शोधार्थियों और निर्यातकों के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध एवं विश्लेषण समूह द्वारा निकाले गए हैं। इसे इंडिया एक्ज़िम बैंक की राय न माना जाए। उपर्युक्त तिमाही के लिए ईएलआई मॉडल से निकाले गए ये पूर्वानुमान मुख्यतः वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के चलते कमोडिटी मूल्य में अस्थिरता और वैश्‍विक अर्थव्यवस्था में अनिश्‍चितता के अध्यधीन हैं। हालिया उपलब्ध डाटा में सुधार तथा अग्रिम पूर्वानुमान पद्धति को अपनाते हुए तथा विभिन्न तिमाहियों में प्राप्त टिप्पणियों, सुझावों और फीडबैक को शामिल करते हुए इस मॉडल में लगातार सुधार किया जाता रहेगा। वास्तविक निर्यात संबंधी आंकड़े आरबीआई के भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी डेटाबेस से लिए गए हैं।

 

एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की सहायता से श्रीलंका सरकार को प्रदान की 500 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्‍ज़िम बैंक) ने भारत सरकार की ओर से श्रीलंका सरकार को 500 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था प्रदान की है। यह ऋण-व्यवस्था पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद के लिए प्रदान की गई है। 

इस ऋण-व्यवस्था करार पर 02 फरवरी, 2022 को कोलंबो में हस्ताक्षर किए गए। इस पर श्री एस. आर. एट्टीगेल माननीय सचिव, वित्त मंत्रालय, श्रीलंका सरकार और श्री गौरव सिंह भंडारी, मुख्य महाप्रबंधक, एक्ज़िम बैंक ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्रीलंका के माननीय वित्त मंत्री श्री बसिल राजपक्षे और श्रीलंका में भारत के माननीय उच्चायुक्त श्री गोपाल बागले उपस्थित रहे।

500 मिलियन यूएस डॉलर के इस ऋण-व्यवस्था करार पर हस्ताक्षर के साथ ही एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से श्रीलंका सरकार को अब तक 2.18 बिलियन यूएस डॉलर की कुल 10 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। श्रीलंका सरकार को प्रदत्त ये ऋण-व्यवस्थाएं पेट्रोलियम उत्पादों, रेलवे परियोजनाओं, रक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आपूर्ति के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई हैं।

इस ऋण-व्यवस्था सहित एक्‍ज़िम बैंक द्वारा अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका तथा सीआईएस क्षेत्र के 61 देशों को 27.08 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण-प्रतिबद्धता के साथ कुल 276 ऋण-व्‍यवस्‍थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। यह राशि भारत से निर्यातों के वित्तपोषण हेतु उपलब्‍ध है। भारत से निर्यातों को बढ़ावा देने के अतिरिक्त एक्‍ज़िम बैंक की ऋण-व्‍यवस्‍थाएं उभरते बाजारों में भारत की विशेषज्ञता और परियोजना निष्‍पादन क्षमताओं को भी प्रदर्शित करती हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री गौरव सिंह भंडारी, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
ऑफिस ब्लॉक, टावर-1, 7वीं मंज़िल, एड्जेसेंट रिंग रोड, किदवई नगर (पूर्व), नई दिल्ली – 110023, फोन :+91-11-24607700 
ई- मेल: eximloc@eximbankindia.in वेबसाइट: www.eximbankindia.in

वृद्धि और संपोषी विकास में अहम होगा भारतीय सौर क्षेत्रः इंडिया एक्ज़िम बैंक का शोध अध्ययन

एक आकलन के अनुसार, देश में 750 गीगावाट की सौर ऊर्जा संभाव्यता है। इसे देखते हुए 100 गीगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह बात इंडिया एक्ज़िम बैंक के एक शोध अध्ययन में कही गई है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की रिसर्च टीम द्वारा किए गए इस शोध अध्ययन में भारत के सौर ऊर्जा उद्योग का विश्लेषण किया गया है। साथ ही बीते वर्षों में इस क्षेत्र से निर्यातों के रुझान भी बताए गए हैं। शोध अध्ययन में देश में सौर ऊर्जा उद्योग के लिए मौजूदा सहायक ढांचे की भी पड़ताल की गई है, जो पिछले दशक के दौरान उल्लेखनीय रूप से विकसित हुआ है। इसके अलावा, शोध अध्ययन में चुनिंदा विकसित और विकासशील देशों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने वाली प्रमुख नीतियों और सहायता कार्यक्रमों की भी प्रमुखता से चर्चा की गई है, जो भारत में भी नीति निर्माण में उपयोगी हो सकते हैं।

“इंडियन सोलर सेक्टरः फॉस्टरिंग ग्रोथ एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” शीर्षक वाले इस शोध अध्ययन का विमोचन, 19 जनवरी, 2021 को बैंक द्वारा आयोजित एक वेबिनार के दौरान किया गया।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने वेबिनार में शामिल हुए प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया और कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए हाल ही में शुरू की गई पीएलआई योजना को हाथों-हाथ लिया जा रहा है। यह नीति निर्माताओं और सौर उद्योग के लोगों में नई उम्मीद भर रहा है। अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी की उप महानिदेशक सुश्री गौरी सिंह ने भारतीय परिदृश्य में सौर ऊर्जा के महत्त्व को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र किस तरह भारत के सीओपी26 अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश ने इस परिचर्चा का संचालन किया। इस परिचर्चा में अन्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी, एशियाई विकास बैंक, न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसी प्रतिष्‍ठित संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हुए।

यह शोध अध्ययन हाल ही में संपन्‍न सीओपी26 को देखते हुए और महत्त्वपूर्ण हो जाता है। भारत के साथ-साथ विभिन्‍न विकासशील देशों पर जलवायु परिवर्तन का बहुत प्रभाव पड़ने वाला है और ये देश इसे कम करने के लिए विभिन्‍न उपाय भी कर रहे हैं। संपोषी विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए भारत ने ‘एक सूर्य, एक विश्‍व, एक ग्रिड’ नामक पहल की है। इसका उद्‍देश्य पूरे विश्‍व के लिए एक सौर विद्युत ग्रिड विकसित करना है, ताकि सारा जहां हर समय अक्षय ऊर्जा से रौशन रह सके।

इस शोध अध्ययन में, हाल ही में सौर ऊर्जा क्षेत्र में वैश्‍विक वित्त के रुझानों का भी विश्लेषण किया गया है। साथ ही, वैश्‍विक वित्तीय संस्थाओं और बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा सौर ऊर्जा क्षेत्र को दिए जा रहे महत्त्व को भी रेखांकित किया गया है।

भारत में ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस शोध अध्ययन में कुछ रणनीतियां भी सुझाई गई हैं। इनमें अन्य के साथ-साथ वित्त सुलभ कराना, फ्लोटिंग सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना, भूमि संबंधी मामलों का समाधान करना, इलेक्ट्रिक वाहनों में सौर ऊर्जा का विकल्प देना, आरपीओ अनुपालन जैसी प्रमुख रणनीतियां शामिल हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिए
श्री एस. प्रहलादन, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्‍लेषण समूह
भारतीय निर्यात-आयात बैंक, 8वीं मंज़िल, मेकर चैम्बर्स IV, नरीमन पॉइंट, मुंबई 400 021.
फोनः +91 22-2286 0333, ईमेलः prahalathan@eximbankindia.in

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अपनाई वैकल्पिक संदर्भ दरें

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने नववर्ष से वैकल्पिक संदर्भ दरों (एआरआर) में ट्रांज़ैक्शन शुरू कर दिया है। लाइबोर के समाप्त होने के साथ, बैंक अपने दैनिक परिचालनएआरआर में करने के लिए तैयार है। 

यूके फायनैंशल कंडक्ट अथॉरिटी ने 2017 में घोषणा की थी कि सतत ब्याज दर बेंचमार्क प्रदान करने के लिए वे बाजार अब इतने सक्रिय नहीं रहे हैं, जिनसे लाइबोर ली गई है। इसलिए घोषणा की गई कि सभी लाइबोर व्यवस्थाएं या तो किसी एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा प्रदान की जाएंगी या फिर 31 दिसंबर, 2021 के बाद से इसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। तदनुसार, विनियामकों ने नए उत्पादों और मौजूदा कॉन्ट्रैक्टों को भी वैकल्पिक बेंचमार्क दरों की ओर मोड़ने के लिए वित्तीय बाजारों को निरंतर तैयार किया। 

भारत की शीर्ष वित्तीय संस्था के रूप में, इंडिया एक्ज़िम बैंक भारतीय कंपनियों को उनकी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए विभिन्न उत्पाद और सेवाएं प्रदान करता है और बैंक की मुख्यतः डॉलराइज्ड बैलेंस शीट प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाइबोर से लिंक्ड है। तदनुसार, बैंक ने वैकल्पिक बेंचमार्क दरों को अपनाने के लिए उल्लेखनीय कदम उठाए हैं और इस संबंध में उल्लेखनीय प्रगति की है। 

प्रारंभिक कदम के रूप में, इंडिया एक्ज़िम बैंक लाइबोर से लिंक्ड अपने एक्सपोज़र की निरंतर निगरानी करता रहा है। बैंक ने लाइबोर ट्रांज़िशन के लिए एक बहु-आयामी आंतरिक संचालन समिति भी गठित की है, ताकि यह परिवर्तन सहजता से हो सके और बैंक के व्यवसाय में वैकल्पिक संदर्भ दरों को सुव्यवस्थित रूप से लागू किया जा सके। तदनंतर, लाइबोर ट्रांज़िशन से उत्पन्न होने वाले जोखिमों से निपटने के लिए बैंक के बोर्ड ने एक नीतिगत फ्रेमवर्क को भी मंजूरी दी है। 

वर्तमान में, बैंक अपने मौजूदा वित्तीय कॉन्ट्रैक्ट, रीनिगोशिएट करने और अपडेट करनेतथा वर्तमान कॉन्ट्रैक्टों और ट्रांजैक्शनों को जारी रखने के लिए एआरआर निर्धारित करने की एडवांस स्टेज में है। बैंक ने विशेष रूप से डेरिवेटिव, उधारियों और ऋण देने संबंधी ट्रांजैक्शनों में इस परिवर्तन के चलते किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अपने आईटी सिस्टम्स को अपग्रेड कर लिया है।   

इस परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने आईएसडीए 2020 आईबोर फालबैक प्रोटोकॉल का भी पालन किया है। इससे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्टों के लिए वैकल्पिक बेंचमार्क ट्रांज़िशन से जुड़े जोखिम उत्पन्न होने की आशंका अत्यल्प रह गई है।

इस परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने और अपने मौजूदा तथा नए ग्राहकों को सहयोग करने के अपने प्रयास में, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने सामान्यतया पूछे जाने वाले प्रश्नों (यहां क्लिक करें) के जरिए तैयार किए हैं। बैंक ने अपने घरेलू और विदेश स्थित कार्यालयों के जरिए एआरआर आधारित उत्पाद प्रदान करना भी शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए, एआरआर के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए बैंक ने जुलाई 2021 में एक जीबीपी ऋण ट्रांज़ैक्शन को ओवरनाइट सोनिया (स्टर्लिंग ओवरनाइट इंटरबैंक एवरेज रेट) में करते हुए अपने एआरआर सफ़र की शुरुआत कर दी थी। इस ट्रांज़ैक्शन के साथ ही इंडिया एक्ज़िम बैंक भारत में सबसे पहले सोनिया-लिंक्ड ऋण प्रदान करने वाली कुछ संस्थाओं की फेहरिस्त में शामिल हो गया।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री तरुण शर्मा
मुख्य वित्तीय अधिकारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल,
विश्व व्यापार केंद्र संकुल
कफ़ परेड
मुंबई 400005
फोन+91-22-22172601
ईमेल: tag@eximbankindia.in

इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भारत का वस्तु निर्यात 105.8 बिलियन यूएस डॉलर तथा गैर-तेल निर्यात 89.1 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) द्वारा जारी पूर्वानुमानों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए भारत का कुल मर्चैंडाइज़ निर्यात 39.6% की वृद्धि दर्ज करते हुए 105.8 बिलियन यूएस डॉलर और गैर-तेल निर्यात 26.8% की वृद्धि दर्ज करते हुए 89.1 बिलियन यूएस डॉलर के रहेंगे। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही के दौरान ये निर्यात क्रमशः 75.8 बिलियन यूएस डॉलर और 70.3 बिलियन यूएस डॉलर के रहे थे। भारत के निर्यातों में यह वृद्धि मुख्य रूप से उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि बने रहने तथा इसके परिणामस्वरूप वैश्विक आयात मांग में बढ़ोत्तरी के चलते देखी गई है। भारत के निर्यातों में बढ़ोत्तरी का एक कारण वैश्विक कमोडिटी कीमतों का अनुकूल बने रहना भी है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत के कुल वस्तु निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान तिमाही आधार पर संबंधित तिमाहियों के लिए जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च के पहले सप्ताह में जारी किए जाते हैं। इस मॉडल में निरंतर सुधार का प्रयास किया जाता है। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) मॉडल पर आधारित हैं, जिसमें इस तिमाही मेंवृद्धि देखी गई है। जनवरी-मार्च 2022की चौथी तिमाही के लिए भारत के निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान मार्च 2022 के पहले सप्ताह में जारी किए जाएंगे।

इस मॉडल तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर एवं संयोजक, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, अर्थशास्त्र  विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता; डॉ. सरत धल, निदेशक, अर्थशास्त्रऔर नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, वाइस चांसलर, बीएएसई यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू; तथा प्रोफेसर सी. वीरामणि, प्रोफेसर, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर), मुंबई शामिल हैं। 

एक्ज़िम बैंक द्वारा अपने निरंतर शोध प्रयासों की कड़ी में भारत के निर्यातों का तिमाही आधार पर ट्रैक रखने तथा वृद्धिमें पूर्वानुमान के लिए एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) तैयार करने हेतु यह इन-हाउस मॉडल विकसित किया गया है। इस इंडेक्स को देश के निर्यातों पर प्रभाव डालने वाले विभिन्न बाह्य एवं घरेलू कारकों को ध्यान में रखते हुए देश के वस्तु निर्यातों में तिमाही आधार पर वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में विकसित किया गया है।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक/ डॉ. विश्वनाथ जंध्याला, सहायक महाप्रबंधक,शोध एवं विश्लेषण समूह,भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केन्द्र एक भवन, 21वीं मंजिल, विश्व व्यापार केन्द्र संकुल, कफ़ परेड, मुम्बई 400005, फोनः +91-22-2286 0363/ 0310/ 0311, 
ई-मेलःdsinate@eximbankindia.in/viswanath@eximbankindia.in
वेबसाइटः  www.eximbankindia.in

डिस्क्लेमरः उपर्युक्त परिणाम नीति निर्माताओं, शोधार्थियों और निर्यातकों के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध एवं विश्लेषण समूह द्वारा निकाले गए हैं। इसे इंडिया एक्ज़िम बैंक की राय न माना जाए। उपर्युक्त तिमाही के लिए ईएलआई से निकाली गई गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि कमोडिटी की कीमतों की अस्थिरता और मुख्य रूप से वैश्विक महामारी और इसके चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के अध्यधीन है। हालिया उपलब्ध डाटा में सुधार तथा अग्रिम पूर्वानुमान पद्धति को अपनाते हुए तथा विभिन्न तिमाहियों में प्राप्त टिप्पणियों, सुझावों और फीडबैक को शामिल करते हुए इस मॉडल में लगातार सुधार किया जाता रहेगा। वास्तविक निर्यात डाटा आरबीआई के भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी डेटाबेस से लिया गया है।

भारत से कृषि निर्यातों के लिए वरदान साबित होगी सुदृढ़ व्यापार नीतिः इंडिया एक्ज़िम बैंक का शोध अध्ययन

भारत में कृषि नीतियां उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित रही हैं, ताकि हम आत्मनिर्भर हो सकें, आयातों पर निर्भरता कम हो और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इन प्राथमिक उद्देश्यों के साथ भारत में कीमतों में स्थिरता लाने के अल्पावधि लक्ष्यों को हासिल करने के लिए व्यापार नीति को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा हाल ही में किए गए एक शोध अध्ययन के अनुसार, इस संबंध में भारत सरकार का रुख बदला है। सरकार अब एक सुदृढ़ व्यापार नीति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत विश्व पटल पर एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर सके।  

इंडिया एक्ज़िम बैंक के “भारत से कृषि निर्यातों का संवर्धन” शीर्षक वाले इस शोध अध्ययन का विमोचन 12 नवंबर, 2021 को आयोजित “भारत से कृषि निर्यातः संभावनाएं और अवसर” विषयक वेबिनार के दौरान किया गया। इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा इस वेबिनार का आयोजन भारत की आजादी के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे आज़ादी का अमृत महोत्सव श्रृंखला के अंतर्गत किया गया। इस वेबिनार में वक्ताओं के रूप में इंडिया एक्ज़िम बैंक, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), शिक्षाविद और कृषि व्यवसायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वेबिनार में 150 से अधिक लोग उपस्थित रहे।     

इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि भारत 2019 में 34.8 बिलियन यूएस डॉलर के निर्यातों के साथ कृषि और संबंधित उत्पादों का 14वां सबसे बड़ा निर्यातक रहा। भारत में कृषि क्षेत्र से निर्यात योग्य सरप्लस धीरे-धीरे बढ़ा है और कृषि व्यापार धनात्मक होने के साथ-साथ इसमें व्यापार संतुलन बढ़ा है। लेकिन, बड़ा बुवाई क्षेत्र और कई कृषि वस्तुओं में सबसे बड़ा उत्पादक देश होने के बावजूद विभिन्न कृषि वस्तुओं के वैश्विक निर्यातों में भारत का हिस्सा काफी कम है। उदाहरण के लिए, गेहूं उत्पादन के मामले में वैश्विक स्तर पर भारत दूसरे नंबर पर है, किन्तु गेहूं के वैश्विक निर्यातों में देश का 34वां स्थान है। इसी तरह वैश्विक सब्जी उत्पादन में भी भारत दूसरे स्थान पर है, किन्तु इनके निर्यातों में इसका 14वां स्थान है। इसी प्रकार, वैश्विक फलोत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है, किन्तु वैश्विक निर्यातों में 22वें स्थान पर है। बेल्जियम, इटली और नीदरलैंड जैसे भौगोलिक रूप से छोटे देशों का निर्यात भारत के निर्यातों से कहीं अधिक है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक के अध्ययन में भारत में कृषि नीतियों को अन्य विकसित और विकासशील बाजारों के अनुरूप बनाने का सुझाव दिया गया है और वहां की श्रेष्ठतम पद्धतियों को चिह्नित करने के साथ-साथ देश से कृषि निर्यातों को बढ़ाने के लिए विभिन्न रणनीतियां सुझाई गई हैं। इन रणनीतियों में अन्य के साथ-साथ निर्यात बाजार अपेक्षाओं के अनुसार गुणवत्ता उन्नयन, उन्नत प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करते हुए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं में सुधार करना, योजनाओं को विश्व व्यापार संगठन के अनुरूप बनाना, कृषि क्षेत्र में पीपीपी मॉडल को अपनाना, ब्रांड इंडिया को मजबूत करना शामिल हैं। अध्ययन में कृषि उत्पादों में व्यापार के लिए बाजार पहुंच संबंधी मसलों के समाधान के लिए एकीकृत निकाय बनाने की सिफारिश भी की गई है।  

वेबिनार के दौरान अपने संबोधन में इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने कृषि क्षेत्र में तकनीक उद्यमियों को इंडिया एक्ज़िम के सहयोग का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र से निर्यातों को बढ़ाने में तकनीकी उपायों के महत्त्व को रेखांकित किया। इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश ने इस पर प्रकाश डाला कि भारत का कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था के लिए किस प्रकार आशा की किरण के रूप में उभर रहा है। श्री एन. रमेश द्वारा संचालित पैनल चर्चा के दौरान, पैनल विशेषज्ञों ने कृषि निर्यातों में सामने आने वाली चुनौतियों और भारत से 100 बिलियन यूएस डॉलर के कृषि निर्यातों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत के कृषि व्यापार को बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। पूर्ण सत्र के दौरान डॉ. सी. वनलालरामसंगा, आर्थिक सलाहकार, वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने हालिया दौर में भारत से कृषि निर्यातों में हुई तीव्र वृद्धि और इस क्षेत्र को मदद के लिए भारत सरकार द्वारा की गई पहलों का उल्लेख किया।  

अंतरराष्ट्रीय खाद्य अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ रिसर्च फेलो डॉ. देवेश रॉय ने कृषि क्षेत्र से निर्यातों की अदोहित उल्लेखनीय संभावनाओं, अन्य देशों की कृषि नीतियों के बारे में बताया और इस क्षेत्र से भारत से निर्यातों को बढ़ाने के लिए रणनीतियां भी सुझाईं। एपीडा के निदेशक डॉ. तरुण बजाज ने प्रतिभागियों को बताया कि महामारी के दौरान भी एपीडा ने किस तरह कृषि निर्यातों में वृद्धि को बनाए रखने के प्रयास किए। साथ ही, कृषि व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावनाएं तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

वेबिनार में कृषि कारोबार से जुड़े प्रतिनिधि भी वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कृषि उत्पादों की स्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही, कृषि वैल्यू चेन के एकीकरण और ब्रांड वैल्यू को सुदृढ़ करने की जरूरत पर जोर दिया। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः श्री एस. प्रहलादन, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र संकुल, कफ परेड, मुंबई 400 005. फोनः +91-22- 2286 0333; ईमेल: prahalathan@eximbankindia.in 

एफ्रीनेक्स के साथ लिस्ट हुआ इंडिया एक्ज़िम बैंक का 1 बिलियन यूएस डॉलर का 10 वर्षीय बॉन्ड

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने एफ्रीनेक्स के साथ अपने 1 बिलियन यूएस डॉलर के 10 वर्षीय बॉन्ड की वर्चुअल लिस्टिंग, 25 अक्टूबर, 2021 को एफ्रीनेक्स के शुभारंभ के दौरान की। श्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, माननीय प्रधानमंत्री, मॉरीशस सरकार; सुश्री के. नंदिनी सिंगला, मॉरीशस में भारत की माननीय उच्चायुक्त और सुश्री हर्षा बंगारी, प्रबंध निदेशक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक ने एफ्रीनेक्स केशुभारंभ के दौरान वर्चुअल माध्यम से इंडिया एक्ज़िम बैंक के 1 बिलियन यूएस डॉलर के 10 वर्षीय बॉन्ड की लिस्टिंग की। 

[फोटो कैप्शनः श्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, माननीय प्रधानमंत्री, मॉरीशस सरकार; सुश्री के. नंदिनी सिंगला, मॉरीशस में भारत की माननीय उच्चायुक्त और सुश्री हर्षा बंगारी, प्रबंध निदेशक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक (स्क्रीन पर)]

जनवरी 2021 में 144/ए रेग एस फॉर्मैट में जारी किया गया इंडिया एक्ज़िम बैंक का1 बिलियन यूएस डॉलर का यह 10 वर्षीय बॉन्डबैंक का चौथा ट्रांजैक्शन है।2.25% कूपन प्रति वर्ष की दर से किया गया यह ट्रांजैक्शन किसी भी भारतीय संस्था द्वारा 10 वर्षीय यूएस डॉलर बॉन्ड में सबसे कम कूपन दर पर जारी बॉन्ड है।इस निर्गम को प्रतिष्ठित निवेशकों द्वारा 3.5 गुना ज्यादा सबस्क्राइब किया गया। डॉलराइज्ड बैलेंस शीट रखने वाला यहबैंक, भारत में अंतरराष्ट्रीय ऋण पूंजी बाजारों में दीर्घावधि ऋण प्रदान करने वाले सबसे बड़े जारीकर्ताओं में से एक है और इसके दस्तावेजों को प्रायः स्वायत्त माना जाता है। इस प्रकार जुटाई गई राशि का उपयोग बैंक द्वारा दीर्घकालिक ऋण प्रदान करने के जरिए विदेशी निवेशों और ऋण पोर्टफोलियो की निर्यात ऋण-व्यवस्थाओं के जरिएभारतीय परियोजना निर्यातों को सहायता प्रदान करने के लिए किया जाता है।यह लिस्टिंग एफ्रीनेक्स में इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा बॉन्ड के साथ पहली लिस्टिंग है। इंडिया एक्ज़िम बैंकके बॉन्ड सिंगापुर एक्सचेंज सिक्योरिटीज़ ट्रेडिंग लिमिटेड (SGX-ST), लंदन स्टॉक एक्सचेंजेज़ इंटरनैशनल सिक्योरिटीज़ मार्केट (LSE-ISM), और इंडिया इंटरनैशनलएक्सचेंज (IFSC) लिमिटेड (India INX) में भी लिस्टेड हैं। 

एफ्रीनेक्स को बधाई देते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि “यह बहुत ही संतोषजनक और गर्व की बात है कि मैं एफ्रीनेक्स के शुभारंभ के लिए आज मैं आप सबके साथ हूं। आज लगभग 30 साल बाद हमारे पास एक और सिक्योरिटीज़ एक्सचेंज है, इससे पता चलता है कि हमारा पूंजी बाजार बढ़ रहा है और विकास की तरफ जा रहा है। उम्मीद है कि यह क्षेत्रीय पूंजी बाजार के विकास और अखंडता में महती भूमिका निभाएगा। मुझे विश्वास है कि एफ्रीनेक्स निश्चय ही मॉरीशस के विकास में योगदान देगा और इसे क्षेत्र में नए उभरते पूंजी बाजारों के रूप में स्थापित करेगा।  

इसके सफलतापूर्वक शुभारंभ और लिस्टिंग पर प्रकाश डालते हुए, सुश्री के. नंदिनी सिंगला, मॉरीशस में भारत की माननीय उच्चायुक्त ने कहा “चूंकि इसका उपयोग मॉरीशस में रहने वाले पैन अफ्रीकन भी करेंगे, इसलिए एफ्रीनेक्स सिर्फ मॉरीशस ही नहीं बल्कि अफ्रीका और उससे आगे के क्षेत्रों में भी बड़े परिवर्तन लाने में सक्षम सिद्ध होगा। कल के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र अब भौतिक बुनियादी ढांचे नहीं रह जाएंगे, बल्कि अब ये लेनदेन करने वाले मंचों की पेशकश के लिए उपलब्ध रहेंगे। जो निवेश और व्यापार में वैश्विक वित्तीय लेनदेन को मूल रूप से कैप्चर करता है। एफ्रीनेक्स का शुभारंभ मॉरीशस और भारत के बीच गहरे वित्तीय और आर्थिक संबंधों की संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है।“

इस अवसर पर सुश्री  कृष्णा गंगोपाध्याय, सीईओ और प्रबंध निदेशक एफ्रीनेक्स ने कहा “हम सिक्योरिटीज़ ऑफिशियल लिस्ट के पहले जारीकर्ता के रूप में हम इंडिया एक्ज़िम बैंक का स्वागत करते हैं।“बैंक हमारे लिस्टिंग प्लैटफॉर्म सिक्योरिटीज की आधिकारिक सूची के लचीलेपन और दक्षता को प्रमाणित  करता है, और इससे हमें आशा है कि स्वायत्त जारीकर्ताहमारे नियमों की पारदर्शिता और मजबूती से आकर्षित होंगे।

इंडिया एक्ज़िम बैंककी प्रबंध निदेशकसुश्री हर्षा बंगारी, ने कहा "आज एफ्रीनेक्स का गौरवमयी शुभारंभ है। यह एक अभूतपूर्व क्षण है। हमारे लिए ख़ुशी की एक बात यह भी है कि आज इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 1 बिलियन यूएस डॉलर के एक्ज़िम 2031 बॉन्ड को एफ्रीनेक्स केशुभारंभ के अवसर पर लिस्टिंग किया है। एफ्रीनेक्स अफ्रीकी महाद्वीप के साथ-साथ दुनिया भर के जारीकर्ताओं के निवेशकों के आधार को व्यापक बनाने के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगा।"

एफ्रीनेक्स मॉरीशस सरकार की एक पहल है, जिसके जरिएएक पैन अफ्रीकी एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा औरमॉरीशस एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नई पहल को भारत सरकार द्वारा सहयोग दिया जा रहा हैऔर बीएसई टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, इस एक्सचेंज की तकनीकी और कौशल पार्टनरहै। एफ्रीनेक्सका उद्देश्य इष्टतम लागत पर एक प्राथमिकमार्केट प्लैटफॉर्म और उचित मूल्य की पेशकश करना है।

1982 में स्थापित इंडिया एक्ज़िम बैंक का उद्देश्य भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। बैंक भारतीय कंपनियों को अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धिता को बढ़ाने के उद्देश्य से शोधएवं विश्लेषण के जरिए समर्थित उत्पादों और सेवाओं की एक व्यापक श्रृंखला प्रदान करता है । बैंक विभिन्न ऋणकार्यक्रमों के माध्यम से अपने वैश्वीकरण के प्रयासों में भारतीय निर्यातक कंपनियों, विशेषकर मध्यम आकार के उद्यमों का सक्रिय रूप से सहयोग करता है।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री तरुण शर्मा 
मुख्य वित्तीय अधिकारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
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भारत और आसियान के बीच क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखला विकास के अवसरः इंडिया एक्ज़िम बैंक

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 18 अक्टूबर 2021 को “भारत-आसियान संबंधों का विस्तारः व्यवसाय के लिए नए क्षेत्र तलाशना” विषयक अपने वेबिनार के दौरान “मूल्य श्रृंखला विकासः भारत और आसियान देशों के लिए अवसर” विषयक अपने शोध अध्ययन का विमोचन किया। इस शोध अध्ययन का विमोचन सुश्री रीवा गांगुली दास, सचिव (पूर्व), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया। इस दौरान इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी, आसियान-भारत व्यवसाय परिषद के को-चेयर श्री दातो रमेश कोडामल और प्रो. सचिन चतुर्वेदी, महानिदेशक, शोध एवं विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) उपस्थित रहे। 

आसियान-भारत केंद्र (AIC) और आसियान-भारत व्यवसाय परिषद के साथ मिलकर, इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा18वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन 2021 के क्रम में, 18 अक्टूबर, 2021 को “भारत-आसियान संबंधों का विस्तारः व्यवसाय के लिए नए क्षेत्र तलाशना” विषय पर एक वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री रीवा गांगुली दास, सचिव (पूर्व), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार ने भारत और आसियान देशों के बीच एक विविध और लचीली आपूर्ति श्रृंखला के विकास की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। सुश्री दास ने भारत और आसियान देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने के अलावा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और दवाओं के क्षेत्र में सहयोग, सतत विकास और बढ़ती कनेक्टिविटी की महत्त्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया।   

वेबिनार के दौरान, सुश्री रीवा गांगुली दास, सचिव (पूर्व), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार ने “मूल्य श्रृंखला विकासः भारत और आसियान देशों के लिए अवसर” विषयक इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध अध्ययन का विमोचन किया। इस दौरान इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी, आसियान-भारत व्यवसाय परिषद के को-चेयर श्री दातो रमेश कोडामल और प्रो. सचिन चतुर्वेदी, महानिदेशक, शोध एवं विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) उपस्थित रहे। 

शोध अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि आसियान, हमेशा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र बिंदु रहने के साथ-साथ भारत -प्रशांत आसियान संबंधित भारत के विज़न का भी केंद्र बिंदु रहा है। इस शोध अध्ययन के अनुसार 2025 तक आसियान और भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद के 8 ट्रिलियन यूएस डॉलर से भी ज्यादा हो जाने की उम्मीद है। शोध अध्ययन के अनुसार, माल करार में आसियान भारत व्यापार (AITIGA) के परिणामस्वरूप पिछले दशक में आसियान अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत का व्यापार लगभग दोगुना हो गया है, तथापि भारत के मामले में निर्यात के मुकाबले आयात में बहुत अधिक वृद्धि हुई है। द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए बढ़ता व्यापार घाटा चिंता का विषय है। भारत को आसियान देशों में कई मुख्य गैर-टैरिफ अवरोधों (एनटीबी) का भी सामना करना पड़ता है, जिसके चलते इस क्षेत्र में भारत का निर्यात सीमित हो गया है। परिणामस्वरूप इन समस्याओं पर विचार-विमर्श कर AITIGA में तत्काल समीक्षा की जरूरत है। इस शोध अध्ययन में भारत, चीन और आसियान देशों में वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (GVCs) के रुझानों का तुलनात्मक विश्लेषण भी किया गया है। और ऐसे प्रमुख क्षेत्रों की भी अनुशंसा की गई है, जिनमें आसियान देशों के साथ क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर भारत को स्वाभाविक रूप से लाभ मिल सकता है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने अपने संबोधन में इस बात का उल्लेख किया कि भारत और आसियान देशों के आपसी संबंध हमेशा से ही मजबूत और सौहार्दपूर्ण रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत और आसियान अर्थव्यवस्थाएं अब वापस  सामान्य स्थिति  की ओर लौट रहे हैं, तो अब हमें पारस्परिक व्यापार को सुदृढ़ बनाने के लिए यथाशीघ्र कार्रवाई करने की आवश्यकता है। 

इसके बाद, आसियान-भारत केंद्र (एआईसी), आरआईएस के प्रोफेसर एवं समन्वयक, डॉ. प्रबीर दे की अध्यक्षता में आयोजित पैनल चर्चा में उपस्थित पैनलिस्टों ने भारत-आसियान व्यापार को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों और आपसी संबंधों को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा-परिचर्चा की। पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं के रूप में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इनमें व्यापार, निवेश और मूल्य श्रृंखला क्षेत्र से डॉ. राजन रत्न, उप प्रमुख और आर्थिक मामले के वरिष्ठ अधिकारी, यूनेस्कैप, नई दिल्ली; इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी क्षेत्र से प्रो. रूथ बनोमयोंग, अधिष्ठाता, थमासात बिज़नेस स्कूल; स्वास्थ्य, वैक्सीन और सहयोग क्षेत्र से कारलितो जी गाल्वेस, सेक्रेटरी, कनिष्ठ, ऑफिस ऑफ द प्रेसीडेंशियल एडवाइज़र ऑन द पीस प्रोसेस, चीफ इम्प्लीमेंटर एंड वैक्सीन ज़ार, कोविड -19 के खिलाफ राष्ट्रीय टास्क फोर्स, फिलीपींस सरकार; और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से श्री मोहम्मद इरशाद, आसियान के कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ शामिल रहे।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई - 400005, फोनः 91-22-22860 363, ईमेलः dsinate@eximbankindia.in

एक्ज़िम बैंक ने गयाना सरकार को प्रदान की 7.29 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िंम बैंक) ने भारत सरकार की ओर से गयानासरकारको7.29 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था प्रदान की है। यह ऋण-व्यवस्था आंतरिकइलाके में बसे समुदायोंके 30,000 घरोंके लिएसौर गृह विद्युत प्रणाली की खरीदऔरइसकीस्थापना के लिए प्रदान की गई है। 

इस ऋण-व्यवस्था करार पर एक्ज़िम बैंक के महाप्रबंधक श्री निर्मित वेद और गयाना सरकार की ओर से प्रेसीडेंट कार्यालय में माननीय वरिष्ठ मंत्री डॉ. आशनी सिंह द्वारा हस्ताक्षर किए गए। 

इस ऋण-व्यवस्था करार पर हस्ताक्षर के साथ ही एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से गयाना सरकार को अब तक 117.17 मिलियन यूएस डॉलर की कुल 9 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। गयाना सरकार को प्रदत्त, ये ऋण-व्यवस्थाएं गयाना में एक क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण, ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम संबंधी उपकरणों की आपूर्ति एवं स्थापना, स्थायी एवंकहीं भी लाने ले जाने वाली सिंचायी पंपों, अस्पतालों, रोड लिंकेज परियोजनाओं, यात्री- कार्गो जहाज की आपूर्ति, उच्च क्षमता वाले जलनिकास पंपों की आपूर्ति और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई हैं।

इस ऋण-व्यवस्था सहित एक्ज़ि म बैंक द्वारा अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका तथा सीआईएस क्षेत्र के 62 देशों को 27.03 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण-प्रतिबद्धता के साथ कुल 277 ऋण-व्य वस्थाथएं प्रदान की जा चुकी हैं। यह राशि भारत से निर्यातों के वित्तपोषण हेतु उपलब्धए है। भारत से निर्यातों को बढ़ावा देने के अतिरिक्तएक्ज़िहम बैंक की ऋण-व्यपवस्थाधएं उभरते बाजारों में भारत की विशेषज्ञता और परियोजना निष्पा्दन क्षमताओं को भी प्रदर्शित करती हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें: श्री निर्मितवेद,महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, ऑफिस ब्लॉक, टावर-1, 7वीं मंज़िल, एड्जेसेंट रिंग रोड, किदवई नगर (पूर्व), नई दिल्ली – 110023, फोन :+91-11-24607700  ई- मेल: eximloc@eximbankindia.inवेबसाइट: www.eximbankindia.in

बेहतर सहयोग के जरिए व्यापार और निवेश के परे और मजबूत किए जा सकते हैं भारत-जापान संबंधः इंडिया एक्ज़िम बैंक

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा 08 अक्टूबर, 2021 को ‘भारत-जापान आर्थिक साझेदारी: व्यापार और अन्य संभावनाएं’विषय पर एक वेबिनार आयोजित किया गया। इस दौरान श्री दम्मू रवि, सचिव [आर्थिक संबंध], विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारावर्चुअल रूप से इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध अध्ययन “भारत जापान व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए संभावनाएं” का विमोचन किया गया। इस अवसर परश्री संजय कुमार वर्मा,जापान में भारत के माननीय राजदूत, श्री शिंगो मियामोटो, मंत्री (आर्थिक एवं विकास), भारत में जापान का दूतावास, इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी तथा उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश उपस्थित रहे।   

इस शोध अध्ययन में कहा गया है कि पिछले एक दशक में जापान के साथ भारत का कुल व्यापार 2019 में 5 बिलियनयूएस डॉलर के निर्यात तथा 13 बिलियनयूएस डॉलर के आयात के साथ 10 बिलियनयूएस डॉलर से बढ़कर लगभग 18 बिलियन यूएस डॉलर हो गया है।हालांकि, जापान के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी करार (सीईपीए) के बावजूद जापान के साथ भारत का निरंतर व्यापार घाटा चल रहा हैऔर इस दशक के दौरान दोगुने से भी अधिक यानी 2019 में लगभग 8 बिलियन यूएस डॉलर हो गया है।इस अध्ययन में, व्यापार पूरकता विश्लेषण के जरिए उन उत्पाद श्रेणियों की अनुशंसा की गई है, जिनके निर्यातों में भारत की स्थिति बेहतर है। इस शोध अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि खनिज ईंधन और तेल, विद्युत मशीनरी और उपकरण, मशीनरी और यांत्रिक उपकरण, ऑप्टिकल, फोटोग्राफिक उपकरण, दवा उत्पाद, अपैरलऔर कपड़े आदि जैसी समग्रियों में भारत के निर्यात की महत्त्वपूर्ण संभावनाएं हैं।

इस शोध अध्ययन में इस बात परभी प्रकाश डाला गया है कि भारत को जापान में निर्यात करने के लिए टैरिफ और गैर-टैरिफ दोनों प्रकार कीबाधाओं का सामना करना पड़ता है और इससे पता चलता है कि बाद की सीईपीए समीक्षा वार्ताओं में भारत इन मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकता है।

शोध अध्ययन में इस बात को भी नोट किया गया है कि भारत-जापान संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार से कहीं अधिक संभावनाएं हैं।भारत और जापान का उद्देश्य भारत की "एक्ट ईस्ट" नीति और जापान के स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण का समन्वय करना है।इस नीति समन्वय सेमेगा रीजनल कार्यक्रम यानी एशिया-अफ्रीका विकास कॉरिडोर (AAGC) की अवधारणाविकसित हुई, जिसका उद्देश्य  एशिया और अफ्रीका के बीच संबंधों में सुधार लाना है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी नेअपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत और जापान के बीच एक मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंध है। जापान अपनी विकास गाथा में भारत के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक भागीदारों में से एक रहा है।पैनलिस्टों नेअन्य के साथ-साथ जापान के साथ द्विपक्षीय व्यापार में भारत के संबंधों और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग और वित्तपोषण संयुक्त परियोजनाओं, भारत-जापान सीईपीए, एशिया-अफ्रीका विकास कॉरिडोरजैसे मुद्दों की वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। 

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र कॉम्प्लेक्स, कफ़ परेड, मुंबई-400005, टेलीफोन:91-22-22860 363, ई-मेल: dsinate@eximbankindia.in

इंडिया एक्ज़िम बैंक का लक्ष्यः 7 बिलियन यूएस डॉलर के परियोजना निर्यातोंके लक्ष्य को प्राप्त करना

हाल ही में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते (NEIA)में परियोजना निर्यातों को बढ़ावा देने के लिए `1,650 करोड़ राशि की घोषणा केसाथ भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) का अगले पांच वर्षों में 7 बिलियनयूएस डॉलर के परियोजना निर्यातों के वित्तपोषण करने का लक्ष्य है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मार्च2006 में स्थापित NEIA ट्रस्ट भारत सेमध्यम और दीर्घकालिक परियोजना निर्यातों को बढ़ावा देने के लिए निर्यात ऋण बीमा कवर प्रदान करता है। इस निधि सेअगले पांच वर्षों में NEIA द्वारा कवर किए जाने वाले परियोजना निर्यातों की संभाव्यता में लगभग `33,000 करोड़ (4.5 बिलियन यूएसडॉलरकेबराबर)की वृद्धिहोगी।इस पूँजी से चिह्नित बाजारों में परियोजना निर्यातों की अपार संभावनाओं का दोहन करने में मदद मिलेगी।बैंक ने वर्तमान में NEIA कार्यक्रम के अंतर्गतक्रेता ऋण के तहत 14 देशों में 2.74 बिलियनयूएस डॉलर मूल्य की 31 परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदानकीहै।

भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई राशि से लाभों के दोहन के लिए भारतीय परियोजना निर्यातकों के साथ अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने हाल ही में मुंबई में “परियोजना निर्यातकों के लिए वैश्विक अवसरोंको बढ़ाना”विषय पर एक चर्चापरक सत्र काआयोजन किया।इस कार्यक्रम में अप्रयुक्त क्षेत्रों एवं बाज़ारों के अनुभवों को साझा करने तथा चर्चा करने के लिए भारत की मुख्य 45 भारतीय परियोजना निर्यातक कंपनियों ने हिस्सा लिया।   

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने कहा कि “एक्ज़िम बैंक भारतीय परियोजना निर्यातों को वित्तपोषण और सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा आगे रहा है और NEIA ट्रस्ट में निधि के साथ-साथ भारतीय परियोजना निर्यातों को भी बढ़ाने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।“ उन्होंने आगे कहा कि “भारतीय निर्यातकों के लिए ये अवसर इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि परियोजना निर्यातकों ने पहले ही कई क्षेत्रों में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा विकसित कर ली है और इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा प्रदान किए गए वित्तपोषण विकल्पों को अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त है।“

प्रतिभागियों ने इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा प्रदान किए गए सहायताऔर वित्तपोषण समाधान की सराहना की।बैंक ने वित्तीय वर्ष 2021-22में भारत सरकार के 400 बिलियन यूएसडॉलर के निर्यात लक्ष्य का समर्थन करने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा विभिन्न निर्यात क्षमता सृजन कार्यक्रमों और संभावित वित्तपोषण विकल्पों की संभावनाएं प्रदान की गई हैं। 

इस कार्यक्रम में परियोजना निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा एक सत्र और कुछ विशेष भारतीय परियोजना निर्यातकों द्वारा अनुभव साझा करने के लिए एक सत्र भी रखा गया था,जिसनेविदेशी परियोजना निर्यात कांट्रैक्टों को हासिल करने और इन्हें निष्पादित करते हुए उनकी गतिविधियों, संभावनाओं और चुनौतियों पर अपने विचार रखे। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के बारे में

इंडिया एक्ज़िम बैंक की स्थापना भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में संसद के एक अधिनियम के तहत 1982 में हुई थी। यह निर्यातों और आयातों का वित्तपोषण करने वाली संस्थाओं के कार्यों का समन्वय करने वाली प्रमुख वित्तीय संस्था है। इंडिया एक्ज़िम बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश के संवर्धन, वित्तपोषण और सुगमीकरण के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के एकीकरण को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई है। बैंक ने अपने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कई भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनने और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में योगदान दिया है।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:  

सुश्री शिल्पा वाघमारे, महाप्रबंधक, बीसी-एनईआईए समूह 
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र कॉम्प्लेक्स, कफ़ परेड, मुंबई-400007
फोनः +91-22-22172320; ईमेल: shilpa.w@eximbankindia.in

 

सूक्ष्म एवं ग्रासरूट उद्यमों की व्यवसाय संभावनाएं बढ़ाता एक्ज़िम बाज़ार शुरू

इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में होंगे भारत के 20 राज्यों के 75 दस्तकार

अहमदाबाद, 01 अक्टूबर, 2021 : सुविख्यात मानवतावादी और पद्मश्री से सम्मानित, सुश्री रीमा नानावटी ने इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी के साथ आज अहमदाबाद के वस्त्रपुर स्थित अहमदाबाद हाट में सातवें ‘एक्ज़िम बाज़ार’ का उद्घाटन किया। इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा आयोजित इस बाजार में शुक्रवार से सोमवार, 01 से 04 अक्टूबर, 2021 तक देश भर के पारंपरिक और समकालीन कला और शिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।    

यह प्रदर्शनी इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के स्थानीय, स्वदेशी कारीगरों को सहायता प्रदान करना है। सुश्री नानावटी ने महिला दस्तकारों को सशक्त बनाने में एक्ज़िम बाजार की भूमिका की सराहना की और कहा “महामारी के कारण दस्तकारों के व्यवसाय क्षेत्र पर काफी असर पड़ा है, जिसकी वजह से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। तालाबंदी के चलते महिलाओं तथा उनके परिजनों के लिए वित्तीय और पारिवारिक तनाव को झेलना काफी मुश्किल रहा। ऐसे में उनके काम को प्रदर्शित करने और उन्हें उनके अतीत से निकालने के लिए इस तरह के बाजार जैसे अवसरों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।“

इस प्लैटफॉर्म के जरिए ग्रासरूट उद्यमों को लाभ क्यों मिलना चाहिए, इसके जवाब में सुश्री बंगारी ने कहा “हमें ख़ुशी है कि हम, भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में आज़ादी का अमृत महोत्सव को यादगार बनाने के लिए, देश भर के 75 कारीगरों को एक साथ ला रहे हैं। अहमदाबाद के दस्तकारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया हमारे लिए प्रेरणादायक है। इससे देश की स्थानीय कलाओं के प्रति राज्य के लोगों की रुचि साफ झलकती है। इंडिया एक्ज़िम बैंक, इस एक्ज़िम बाज़ार का आयोजन व्यक्तिगत स्तर पर काम करने वाले दस्तकारों के साथ-साथ सूक्ष्म और ग्रासरूट स्तर के उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करता है। इसका उद्देश्य दस्तकारों के उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाना और उनके ब्रांड को आगे बढ़ाना है। इससे इन दस्तकारों का ग्राहकों से सीधे संपर्क स्थापित हो सकेगा और भविष्य में बिक्री के रास्ते खुलेंगे। साथ ही उपभोक्ताओं की पसंद को समझने, उद्योग जगत से जुड़ी जानकारियां हासिल करने और नए रुझानों को जानने में भी मदद मिलेगी।“

इस प्रदर्शनी में गुजरात के ही 10 से अधिक दस्तकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनी में आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, कश्मीर, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों के दस्तकार भी उपस्थित हैं। इस प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले कुछ दस्तकारों और बुनकरों को राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जा चुका है, जिनके उत्पादों में उनका कौशल, प्रतिभा और तकनीक स्पष्ट दिखलाई पड़ती है। 

इस प्रदर्शनी में मधुबनी पेंटिंग, चमड़े की कठपुतली, वारली पेंटिंग, पिछवाई पेंटिंग, फुलकारी कढ़ाई, पट्टचित्र पेंटिंग, फड़ पेंटिंग, बनारसी सिल्क के कपड़े, लाख की चूड़ियां, कावड़ पेंटिंग, कलमकारी पेंटिंग, चंदेरी बुनाई, चीनी-मिट्टी के बर्तन, बिदर कला जैस कलात्मक उत्पाद प्रदर्शन और बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।  

उद्घाटन के अवसर पर इंडिया एक्ज़िम बैंक के महाप्रबंधक श्री धर्मेंद्र सचान ने कहा कि 'इंडिया एक्ज़िम बैंक अपने ग्रासरूट पहलें तथा विकास एवं मार्केटिंग सलाहकारी सेवाएं कार्यक्रमों के तहत दस्तकारों, मास्टर कारीगरों, बुनकरों, क्लस्टरों, स्वयं सहायता समूहों, गैर-सरकारी संगठनों, ग्रासरूट और सूक्ष्म उद्यमों को क्षमता निर्माण के जरिए भारत और विदेशों में व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी करने तथा विदेश में खरीदारों और वितरकों का पता लगाने में सहायता प्रदान करता है। इन कार्यक्रमों के तहत प्रदान की गई सहायता के जरिए वित्तीय सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और दस्तकारों में उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद मिली है। साथ ही ये कार्यक्रम सदियों पुराने पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को सहेजे रखने और इन्हें आगे बढ़ाने में भी सहायक हैं।“

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:  

श्री धर्मेंद्र सचान, महाप्रबंधक, ग्रिड एवं मास, इंडिया एक्ज़िम बैंक

8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV, नरीमन पॉइंट, मुंबई 400 021

फोन : +91-22-22861300;  ई-मेल: grid@eximbankindia.in

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते के अंतर्गत मालदीव सरकार को प्रदान कीं कुल 226.95 मिलियन यूएस डॉलर की क्रेता ऋण सुविधाएं

भारतीयनिर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने फाही दिरिउलहुन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एफडीसीएल), मालदीव सरकार को राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते के अंतर्गत 226.95 मिलियन यूएस डॉलर की दो क्रेता ऋण सुविधाएं प्रदान की हैं। ये सुविधाएं मालदीव के हुलहुमाले में 4000 घरों के निर्माण के लिए दी गई हैं। यह निर्माण कार्य एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड (एनबीसीसी) और जेएमसी प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (जेएमसी) द्वारा किया जाना है। इन सुविधाओं के लिए क्रेता ऋण करारों पर एफडीसीएल, मालदीव की प्रबंध निदेशक सुश्री साल्फिया अनवर द्वारा एक वर्चुअल हस्ताक्षर समारोह के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर इंडिया एक्ज़िम बैंक की महाप्रबंधक सुश्री शिल्पा वाघमारे, मालदीव में भारत के उच्चायुक्त श्री संजय सुधीर, मालदीव के माननीय वित्तमंत्री श्री इब्राहिम अमीर, मालदीव के माननीय आर्थिक विकास मंत्री श्री फैय्याज़ इस्माइल, मालदीव के माननीय राष्ट्रीय आयोजना, आवास और अवसंरचना राज्य मंत्री श्री अकरम विशेष रूप से उपस्थित रहे। उम्मीद की जा रही है कि इन परियोजनाओं से मालदीव के नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण की दिशा में और सकारात्मक परिवर्तन आएंगे।

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा इससे पहले, एनईआईए योजना के अंतर्गत मालदीव के हुलहुमाले में सड़क नेटवर्क विकास के लिए सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने एनईआईए योजना के अंतर्गत अफ्रीका में घाना, ज़ाम्बिया, कैमरून, कोत दि’वार, मॉरिटानिया, मेडागास्कर, तंज़ानिया और सेनेगल; एशिया में श्रीलंका; और लैटिन अमेरिका में सूरीनाम में जल, विद्युत, रेलवे, परिवहन तथा सड़क क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाओं के लिए सहायता प्रदान की है। यह एनईआईए ट्रस्ट से कवर प्राप्त अनूठी योजना है, जिससे भारतीय परियोजना निर्यातकों को वित्तपोषण का सुरक्षित विकल्प मिलता है। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः सुश्री शिल्पा वाघमारे, महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्व व्यापार केंद्र कॉम्प्लेक्स, कफ़ परेड, मुंबई 400 005
फोनः 022-22172320 / 022-22172725
ईमेलः shilpa.w@eximbankindia.in /bcneia@eximbankindia.in
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