प्रेस विज्ञप्ति

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    11-Jan-2023

    इंडिया एक्ज़िम बैंक ने बेंचमार्क साइज़ के संपोषी बॉन्ड के साथ खोले भारतीय बाज़ार

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    08-Dec-2022

    एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भारत का मर्चैंडाइज़ निर्यात 100.5 बिलियन यूएस डॉलर तथा गैर-तेल निर्यात 80.5 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा

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    28-Nov-2022

    गिफ्ट सिटी आधारित आईटीएफएस प्लैटफॉर्म के जरिए निर्यात प्राप्य राशियों के वित्तपोषण के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने आरएक्सआईएल ग्लोबल के साथ किया करार

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    11-Nov-2022

    रिफाइंड पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिवहन, दालें आदि के जरिए भारत से कैरेबिया को बढ़ाया जा सकता है निर्यातः इंडिया एक्ज़िम बैंक और कैरेबएक्सपोर्ट्स का संयुक्त शोध अध्ययन

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    10-Nov-2022

    इंडिया एक्ज़िम बैंक के व्यापार सहायता कार्यक्रम (टैप) से जुड़ा दक्षिण अफ्रीका का अब्सा बैंक लिमिटेड

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    02-Nov-2022

    भारतीय निर्यात-आयात बैंक ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2022

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    02-Nov-2022

    भारत- अफ्रीका व्यापार को बढ़ाने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने दक्षिण अफ्रीका के अग्रणी बैंक के साथ किया करार

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    27-Oct-2022

    भारत-बांग्लादेश व्यापार को सुगम बनाने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 5 बांग्लादेशी बैंकों के साथ किए इशूइंग बैंक करार

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    07-Oct-2022

    एक्ज़िम बैंक ने ईरा पुरस्कार 2021 के विजेता की घोषणा की

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    03-Oct-2022

    एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की सहायता से मालदीव सरकार को प्रदान की 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था

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    12-Sep-2022

    इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत का वस्तु निर्यात 114.4 बिलियन यूएस डॉलर तथा गैर-तेल निर्यात 91.7 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा

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    05-Sep-2022

    भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्था में छिपी हैं निर्यातों की असीम संभावनाएं - इंडिया एक्ज़िम बैंक

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    05-Sep-2022

    दिल्ली में शुरू हुआ एक्ज़िम बाज़ार, भारत के 20 राज्यों और पड़ोसी देशों से आए 75 से ज्यादा दस्तकार

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    25-Jul-2022

    भारत और अफ्रीकी देशों के बीच हैं व्यवसाय अवसरों की अपार संभावनाएं : इंडिया एक्ज़िम बैंक

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    24-Jun-2022

    इंडिया एक्ज़िम बैंक ने की ब्रिक्स आर्थिक शोध वार्षिक पुरस्कार 2022 के विजेता की घोषणा

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    13-Jun-2022

    इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान,वित्तीय वर्ष 2023 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 117.2 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा भारत का वस्तु निर्यात तथा 93 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा गैर-तेल निर्यात

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    10-Jun-2022

    एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की सहायता से श्रीलंका सरकार को प्रदान की 55 मिलियन यूएस डॉलर की अल्पावधि ऋण-व्यवस्था

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    09-Jun-2022

    माननीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने लॉन्च किया इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा विकसित ‘नेत्र’ (न्यू ई-ट्रैकिंग एंड रिमोट एडमिनिस्ट्रेशन) प्लैटफॉर्म

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    27-May-2022

    हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत विकास की चुनौतियों के समाधान के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएंगी ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका की विकासवित्त संस्थाएं और अग्रणी एजेंसियां

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    23-May-2022

    कोविड-19 से निपटने के लिए भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग, इंडिया एक्ज़िम बैंक और जेबिक में 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण करार

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इंडिया एक्ज़िम बैंक ने बेंचमार्क साइज़ के संपोषी बॉन्ड के साथ खोले भारतीय बाज़ार

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 10 जनवरी, 2023 को 144ए/रेग-एस फॉर्मैट में 1 बिलियन यूएस डॉलर का 10 वर्षीय बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किया। बैंक ने यह बॉन्ड अपने पर्यावरणीय सामाजिक गवर्नैंस (ईएसजी) फ्रेमवर्क के तहत जारी किया है। इसके साथ ही इंडिया एक्ज़िम बैंक 2023 में बाज़ारों को डॉलर के लिए खोलने वाला और संपोषी बॉन्ड जारी करने वाला देश का पहला निर्गमकर्ता रहा। इंडिया एक्ज़िम बैंक को साल की अच्छी शुरुआत और प्रलक्षित बाजार के मद्देनज़र इंट्राडे एक्ज़ीक्यूशन के साथ मजबूत मांग का लाभ मिला। बैंक ने प्रारंभिक मूल्य से 30 बीपीएस की टाइटनिंग के साथ CT10+190 बीपीएस की दर पर यह बॉन्ड जारी किया, जो बैंक की सेकेंडरीज़ और कर्व के फेयर वैल्यू पॉइंट के समान रहा। 

भौगोलिक वितरण के लिहाज से देखा जाए तो इसका वितरण एमा (ईएमईए) क्षेत्र में 39% एपेक में 32% और यूएसए में 29% रहा। यह वितरण उच्च गुणवत्ता वाले निवेशकों में रहा, जिनमें से लगभग 70% फंड और असेट मैनेजरों को, 12% बैंकों को और 10% संप्रभु वेल्थ फंड्स को रहा। इसके अलावा अन्य के साथ-साथ बीमा/पेंशन निगमों, निजी बैंकों ने भी बॉन्ड को सब्सक्राइब किया। 

बार्कलेज़, सिटीग्रुप, एचएसबीसी, जेपी मॉर्गन, एमयूएफजी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और बैंक ऑफ अमेरिका ने इस बॉन्ड के लिए जॉइंट लीड मैनेजरों और बुक रनर के रूप में काम किया। इंडिया एक्ज़िम बैंक को मूडीज़ से ‘बीएए3 (स्थिर)’, एस एंड पी से ‘बीबीबी- (स्थिर)’ और फिच से ‘बीबीबी- (स्थिर)’ रेटिंग दी जाती रही है, जो भारत सरकार की रेटिंग के समान है। 

इस अवसर पर इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने कहा, “हमें अपने ईएसजी फ्रेमवर्क के तहत बेंचमार्क साइज़ के अपने पहले संपोषी बॉन्ड के साथ ऋण बाजार को भारतीय निर्गमकर्ताओं के लिए खोलने की खुशी है। इस निर्गम के साथ इंडिया एक्ज़िम बैंक भारत का सबसे बड़ा सिंगल ट्रांच आईजी ईएसजी निर्गमकर्ता बन गया है। 1 बिलियन यूएस डॉलर का यह बॉन्ड, भारत और मित्र विकासशील देशों में संपोषी वित्तपोषण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को बयां करता है और हमें वैश्‍विक सर्वोत्कृष्‍ट पद्धतियों के अनुरूप बनाता है।”

इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने बताया कि “इंडिया एक्ज़िम बैंक निर्गम की संभावनाओं के लिए बाजार पर लगातार निगाह बनाए रखता रहा है। बैंक की क्‍वॉसी-संप्रभु प्रकृति, बॉन्डों की एमबिग इंडेक्स एलिजिबिलिटी और संपोषी वित्तपोषण के लिए प्रतिबद्धता के चलते उच्च गुणवत्ता वाले निवेशकों ने उल्लेखनीय रूप से रुचि दिखाई और निर्गम के लिए एक समय पर 3.7 गुना ऑर्डर मिले। बॉन्ड की अच्छी मांग और तुरंत होती बुक बिल्डिंग को ध्यान में रखते हुए और बड़े बुक साइज़ को देखते हुए हमने प्रारंभिक मूल्य से 30 बीपीएस की उल्लेखनीय मूल्य टाइटनिंग की ओर बढ़ना तय किया।”

इस संपोषी बॉन्ड की निवल प्राप्य राशि को बैंक के ईएसजी फ्रेमवर्क के अंतर्गत पात्र परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जो फ्रेमवर्क में प्रमुख हरित और सामाजिक श्रेणियों के अनुरूप हैं। इनमें अक्षय ऊर्जा; स्वच्छ परिवहन; आवश्यक सेवाओं और मूलभूत बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर; किफायती आवास; और सतत जल तथा अपशिष्‍ट जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। संपोषी बॉन्ड से मिलने वाली इस राशि के इस्तेमाल की वार्षिक रिपोर्टिंग बाह्य सत्यापन पर निर्भर करेगी। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अपनी ईएसजी पहलों को बढ़ाने के लिए पारदर्शी तरीके से और अपने स्टेकहोल्डरों से संवाद स्थापित करते हुए निरंतर काम किया है। बैंक ने हरित, सामाजिक अथवा संपोषी बॉन्ड / ऋणों के लिए एक ईएसजी फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके अतिरिक्त, बैंक ने गत वर्ष बोर्ड से अनुमोदित अपनी ईएसजी नीति – संपोषी विकास / उत्तरदायित्वपूर्ण वित्तपोषण के लिए बैंक की पर्यावरणीय, सामाजिक और गवर्नैंस नीति को भी सुदृढ़ किया है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक संपोषी वित्तपोषण के क्षेत्र में बाजार में अग्रणी रहा है। इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस 2033 संपोषी बॉन्ड ने भारतीय निर्गमकर्ताओं के लिए जी3 बाजार को नौ महीने बाद दोबारा खोलने काम किया है। इसके अलावा, बैंक ने मार्च 2015 में यूएस डॉलर मूल्य वर्ग में भारत का पहला 5 वर्षीय रेग-एस हरित बॉन्ड जारी किया था। यह उस वर्ष एशिया में भी बेंचमार्क साइज का पहला हरित बॉन्ड था, जो अप्रैल 2020 में परिपक्‍व हुआ था। 2019 में बैंक ने यूएस डॉलर मूल्यवर्ग में पहला सामाजिक रूप से उत्तरदायी बॉन्ड जारी किया था।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें 
श्री तरुण शर्मा 
मुख्य वित्तीय अधिकारी  
भारतीय निर्यात-आयात बैंक 
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल 
विश्‍व व्यापार केंद्र कॉम्प्लेक्स कफ़ परेड 
मुंबई 400005
फोन +91-22-22172601
ईमेल: tag@eximbankindia.in

एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भारत का मर्चैंडाइज़ निर्यात 100.5 बिलियन यूएस डॉलर तथा गैर-तेल निर्यात 80.5 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए भारत के कुल मर्चैंडाइज़ निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों के लिए पूर्वानुमान जारी कर दिए हैं। इसके मुताबिक, भारत के कुल मर्चैंडाइज़ निर्यात, वित्तीय वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में, 100 बिलियन यूएस डॉलर से ऊपर (100.5 बिलियन यूएस डॉलर) रहने का पूर्वानुमान है (जोकी पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 5.9% के संकुचन के बावजूद है)। गैर-तेल निर्यात इसी अवधि के दौरान 80.5 बिलियन यूएस डॉलर का रहने का पूर्वानुमान है (पिछले वर्ष की तुलना में 9.7% का संकुचन).  भारत के निर्यात, वैश्‍विक ऊर्जा संकट, सख्त मौद्रिक और वित्तीय स्थितियों, प्रमुख व्यापार भागीदारों में जारी मंदी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के चलते अनिश्‍चितताओं के अध्यधीन हैं।  हालांकि इस तिमाही के पहले दो महीनों के दौरान गिरावट आ सकती है, तथापि हाल ही में घरेलू नीतिगत परिवर्तनों और बाहरी परिवेश में सुधार की संभावनाओं के चलते आने वाले महीनों में भारत के निर्यात में सुधार होने की उम्मीद है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत के कुल मर्चैंडाइज़ निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान तिमाही आधार पर संबंधित तिमाहियों के लिए जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च के पहले सप्ताह में जारी किए जाते हैं। इस मॉडल में निरंतर सुधार का प्रयास किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2023) के लिए भारत के निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में जारी किए जाएंगे।

इस मॉडल तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर एवं संयोजक, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, अर्थशास्त्र  विभाग, जादवपुर विश्‍वविद्यालय कोलकाता; डॉ. सरत धल, निदेशक, अर्थशास्त्र और नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, वाइस चांसलर, बीएएसई यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू; तथा प्रोफेसर सी. वीरामणि, प्रोफेसर, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर), मुंबई शामिल हैं। 

एक्ज़िम बैंक द्वारा अपने निरंतर शोध प्रयासों की कड़ी में भारत के निर्यातों का तिमाही आधार पर ट्रैक रखने तथा वृद्धि में पूर्वानुमान के लिए एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) तैयार करने हेतु यह इन-हाउस मॉडल विकसित किया गया है। इस इंडेक्स को देश के निर्यातों पर प्रभाव डालने वाले विभिन्‍न बाह्य एवं घरेलू कारकों को ध्यान में रखते हुए देश के वस्तु निर्यातों में तिमाही आधार पर वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में विकसित किया गया है।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक/ डॉ. विश्‍वनाथ जंध्याला,
सहायक महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह,
भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV,
जमनालाल बजाज मार्ग, नरीमन पॉइंट,
मुम्बई 400021,
फोनः +91-22-2286 0363/ 0310/ 0311,
ई-मेलः dsinate@eximbankindia.in/viswanath@eximbankindia.in

डिस्क्लेमरः उपर्युक्त परिणाम नीति निर्माताओं, शोधार्थियों और निर्यातकों के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध एवं विश्लेषण समूह द्वारा निकाले गए हैं। इसे इंडिया एक्ज़िम बैंक की राय न माना जाए। उपर्युक्त तिमाही के लिए ईएलआई मॉडल से निकाले गए ये पूर्वानुमान मुख्यतः वैश्‍विक ऊर्जा संकट, सख्त मौद्रिक और वित्तीय स्थितियों, प्रमुख व्यापार भागीदारों में संभावित मंदी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के चलते आई  अनिश्‍चितताओं के अध्यधीन हैं। हालिया उपलब्ध डाटा में सुधार तथा अग्रिम पूर्वानुमान पद्धति को अपनाते हुए तथा विभिन्‍न तिमाहियों में प्राप्त टिप्पणियों, सुझावों और फीडबैक को शामिल करते हुए इस मॉडल में लगातार सुधार किया जाता रहेगा। वास्तविक निर्यात संबंधी आंकड़े आरबीआई के भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी डेटाबेस से लिए गए हैं।

गिफ्ट सिटी आधारित आईटीएफएस प्लैटफॉर्म के जरिए निर्यात प्राप्य राशियों के वित्तपोषण के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने आरएक्सआईएल ग्लोबल के साथ किया करार

मुंबई, 28 नवंबर, 2022 – भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने 28 नवंबर, 2022 को रिसीवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल) की सहायक कंपनी, आरएक्सआईएल ग्लोबल आईएफएससी लिमिटेड (आरएक्सआईएल ग्लोबल) के साथ मास्टर करार पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में आईटीएफएस प्लैटफॉर्म के जरिए निर्यात प्राप्य राशियों का वित्तपोषण करना है। इस करार पर इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश और आरएक्सआईएल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री केतन गायकवाड़ द्वारा हस्ताक्षर किए गए। आईटीएफएस भारत सरकार की एक पहल है, जिसके जरिए निर्यातकों और आयातकों के लिए व्यापार वित्त को सुगम बनाने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। यह प्लैटफॉर्म विभिन्‍न निवेशकों तक इनकी पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही, अन्य के साथ-साथ फैक्टरिंग और अन्य व्यापार वित्त सेवाओं के जरिए वैश्‍विक संस्थानों से निर्यातकों और आयातकों के लिए प्रतिस्पर्धी लागत पर ऋण की व्यवस्था करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

इस करार से इंडिया एक्ज़िम बैंक भारतीय कंपनियों को फैक्टरिंग और अन्य व्यापार वित्त उत्पाद प्रदान कर सकेगा और एमएसएमई तक इन उत्पादों की पहुंच बढ़ाई जा सकेगी। इंडिया एक्ज़िम बैंक, आरएक्सआईएल के प्लैटफॉर्म के सैंडबॉक्स ट्रांज़ैक्शनों में भी शामिल हो सकेगा।    

इस अवसर पर आरएक्सआईएल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री केतन गायकवाड़ ने कहा कि, "इंडिया एक्ज़िम बैंक एक शीर्ष संस्था है और इसने भारत के निर्यातों के संवर्धन और वित्तपोषण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आरएक्सआईएल ग्लोबल के साथ इंडिया एक्ज़िम बैंक की भागीदारी एक सराहनीय पहल है और इससे निश्‍चित रूप से, भारत के अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार के लिए निर्यात ऋण के लिए आईटीएफएस प्लैटफॉर्म के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी।

इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक, श्री एन. रमेश ने कहा कि “हम आरएक्सआईएल ग्लोबल के आईटीएफएस प्लैटफॉर्म के जरिए निर्यातकों को वित्त प्रदान करने के लिए तत्पर हैं और हमें ट्रेड्स (TReDS) में आरएक्सआईएल की विशेषज्ञता का भी लाभ मिलेगा। आईटीएफएस प्लैटफॉर्म में इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रतिभागिता निर्यातों को बढ़ाने और एमएसएमई को सहयोग देने के भारत सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक की स्थापना भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में संसद के एक अधिनियम के तहत 1982 में हुई थी। यह निर्यातों और आयातों का वित्तपोषण करने वाली संस्थाओं के कार्यों का समन्वय करने वाली प्रमुख वित्तीय संस्था है। इंडिया एक्ज़िम बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में भारत के अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार एवं निवेश के संवर्धन, वित्तपोषण और सुगमीकरण के जरिए वैश्‍विक अर्थव्यवस्था में भारत के एकीकरण को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई है। बैंक ने अपने विभिन्‍न कार्यक्रमों के जरिए कई भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनने और वैश्‍विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में योगदान दिया है।

आरएक्सआईएल ग्लोबल, रिसीवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल) की एक सहायक कंपनी (सब्सिडियरी) है। इसका उद्देश्य भारतीय और वैश्‍विक उद्यमों को उनकी वृद्धि और विकास में सहयोग करने के लिए वित्तीय अवसरों के एकीकृत प्रदाता के रूप में काम करना है, ताकि वे वैश्‍विक व्यापार और वाणिज्य में अपनी पूरी क्षमता का दोहन कर सकें।

आईएफएससीए के तत्वावधान में विकसित आरएक्सआईएल ग्लोबल का अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार वित्त सेवा (आईटीएफएस) प्लैटफॉर्म भारत की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए वैश्‍विक वित्तपोषण अवसरों और लिक्‍विडिटी पर केंद्रित एवं दुनियाभर में विभिन्‍न वित्तपोषकों के जरिए संपूर्ण वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाला प्रतिस्पर्धी मंच है। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें: 
इंडिया एक्ज़िम बैंक 
श्री टी.डी. सिवाकुमार
महाप्रबंधक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल,
विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड,
मुंबई 400005, भारत
फोन: +91-22-2217- 2600
ई-मेल: sivakumar@eximbankindia.in 

आरएक्सआईएल ग्लोबल आईएफएससी लिमिटेड
श्री केतन गायकवाड़ 
निदेशक 
यूनिट नंबर 419/ कैबिन नंबर 5,
चौथी मंज़िल, प्रज्ञा बिल्डिंग नंबर 15ए,
रोड 11, जोन 1, गिफ्ट सिटी गांधीनगर
गुजरात 382355 
फोन: +91-22-6903 3000
ई-मेल: ketan.gaikwad@rxil.in

रिफाइंड पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिवहन, दालें आदि के जरिए भारत से कैरेबिया को बढ़ाया जा सकता है निर्यातः इंडिया एक्ज़िम बैंक और कैरेबएक्सपोर्ट्स का संयुक्त शोध अध्ययन

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) और कैरेबियाई निर्यात विकास एजेंसी (सीईडीए) के संयुक्त शोध अध्ययन का विमोचन 11 नवंबर, 2022 को त्रिनिदाद और टोबैगो में “कैरेबियाई निवेश फोरम” के दौरान किया गया। इसका शीर्षक है- “भारत-कैरीफोरम सहयोग के लिए आपसी आर्थिक संबंधों और संभावनाओं को बढ़ाना”। इसका विमोचन श्री राजू शर्मा, उपराजदूत, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय उच्चायोग के कर कमलों से हुआ। इस दौरान श्री लिओ नॉट, उप कार्यकारी निदेशक (दाईं ओर), कैरेबियाई निर्यात विकास एजेंसी (सीईडीए) भौतिक रूप से और इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। 

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) और कैरेबियाई निर्यात विकास एजेंसी (सीईडीए) ने “भारत-कैरीफोरम सहयोग के लिए आपसी आर्थिक संबंधों और संभावनाओं को बढ़ाना” विषय पर एक संयुक्त शोध अध्ययन किया है। इसका विमोचन श्री राजू शर्मा, उपराजदूत, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय उच्चायोग के कर कमलों से हुआ। इस दौरान श्री लिओ नॉट, उप कार्यकारी निदेशक, कैरेबियाई निर्यात विकास एजेंसी (सीईडीए) भौतिक रूप से और इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। इसका विमोचन 11 नवंबर, 2022 को त्रिनिदाद और टोबैगो में व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय, त्रिनिदाद और टोबैगो सरकार के सहयोग से कैरेबियाई निर्यात विकास एजेंसी और कैरेबियाई निवेश संवर्धन एजेंसी संघ (सीएआईपीए) द्वारा  आयोजित “कैरेबियाई निवेश फोरम” के दौरान किया गया।

इस शोध अध्ययन में भारत और कैरेबियाई क्षेत्रों के लिए व्यापार, निवेश और परस्पर सहयोग के क्षेत्रों में मौजूद विभिन्‍न अवसरों का उल्लेख किया गया है।  

शोध अध्ययन में, कैरेबियाई अर्थव्यवस्थाओं में मौजूद व्यापार की उदार प्रकृति को भी रेखांकित किया गया है और साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और कैरेबियाई देशों के बीच व्यापार में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। भारत और कैरेबियाई देशों के बीच 2001 में 52.4 मिलियन यूएस डॉलर का व्यापार था, जो 2021 तक आते-आते बढ़कर 1.7 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंच गया। शोध में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि रिफाइंड पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिवहन, दालें, ऑप्‍टिकल उपकरण, अन्य के साथ-साथ पशुओं अथवा वनस्पति से प्राप्त वसा और तेल इत्यादि के जरिए भारत से कैरेबिया को निर्यात बढ़ाया जा सकता है।       

कैरेबियाई क्षेत्र के देशों के साथ भारत की आर्थिक गतिविधियां अपनी वास्तविक क्षमता से कम रही हैं। इन अर्थव्यवस्थाओं का अलग-अलग आकार तथा इनसे भौगोलिक दूरी और कनेक्टिविटी इसके मुख्य कारण रहे हैं। तथापि, यह उल्लेखनीय है कि कैरेबियाई क्षेत्र में 2021 में 33.4 मिलियन की जनसंख्या और 185.3 बिलियन यूएस डॉलर का कुल सकल घरेलू उत्पाद रहा। कैरेबियाई देशों ने दुनिया के प्रमुख व्यापारिक देशों के साथ कई व्यापार करार किए हुए हैं। इसे देखते हुए भारतीय व्यवसाय जगत के लिए कैरेबियाई क्षेत्र में तो अपार संभावनाएं हैं ही, इसके अलावा यह क्षेत्र भारत के लिए विश्‍व के दूसरे हिस्सों के लिए भी प्रवेश द्वार साबित हो सकता है।

इस शोध अध्ययन में चुनिंदा कैरेबियाई देशों में निवेश ढांचे पर भी फोकस किया गया है और इन देशों में रचनात्मक उद्योग, सेवा उद्योग, विनिर्माण, रिज़ॉर्ट और होटल विकास, कृषि, आईसीटी और व्यवसाय प्रक्रिया आउटसोर्सिंग, लॉजिस्टिक्स और परिवहन, अक्षय ऊर्जा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। 

भारत और कैरेबियाई देशों के बीच आर्थिक संबंधों में सुधार के लिए इस शोध अध्ययन में कई नीतियां भी सुझाई गई हैं; जैसे - व्यापार और निवेश करारों का दायरा बढ़ाना, व्यापार सुगमीकरण के उपाय बढ़ाना, सक्रिय और लक्षित व्यापार संवर्धन गतिविधियां शुरू करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देना, लॉजिस्टिक क्षेत्रों में सुधार लाना, और कैरेबियाई देशों में मिशनों / दूतावासों की संख्या बढ़ाकर राजनयिक संपर्क बढ़ाने जैसे तमाम उपाय शामिल हैं। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, 
मुख्य महाप्रबंधक, 
शोध एवं विश्लेषण समूह, 
भारतीय निर्यात-आयात बैंक, 
मेकर चेंबर्स IV, 8वीं मंज़िल, 
नरीमन पॉइन्ट, मुंबई - 400021, भारत 
फोनः 91-22-22860 333, 
ईमेलः rag@eximbankindia.in
वेबसाइटः www.eximbankindia.in

इंडिया एक्ज़िम बैंक के व्यापार सहायता कार्यक्रम (टैप) से जुड़ा दक्षिण अफ्रीका का अब्सा बैंक लिमिटेड

इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश और अब्सा बैंक के मैनेजिंग एक्ज़ीक्यूटिव श्री आनंद नायडू द्वारा इशूइंग बैंक करार पर हस्ताक्षर किए गए। 

मुंबई, 10 नवंबर, 2022 - इंडिया एक्ज़िम बैंक ने दक्षिण अफ्रीका के अब्सा बैंक लिमिटेड (एबीएसए) के साथ इशूइंग बैंक करार किया है। यह करार अब्सा बैंक के मैनेजिंग एक्ज़ीक्यूटिव श्री आनंद नायडू के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान मुंबई में 10 नवंबर, 2022 को किया गया। इस करार पर इंडिया एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश और श्री आनंद नायडू द्वारा हस्ताक्षर किए गए और इस तरह इंडिया एक्ज़िम बैंक की व्यापार सुगमीकरण की दिशा में की गई नई पहल ‘व्यापार सहायता कार्यक्रम’ (टैप) से अब्सा भी जुड़ गया है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक अपने कार्यालयों के ग्लोबल नेटवर्क और विभिन्‍न वित्तीय, सलाहकारी तथा क्षमता विकास गतिविधियों के जरिए मित्र देशों के साथ भारत के अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के लिए उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है और भारतीय व्यवसायों के वैश्‍वीकरण प्रयासों में उनकी सहायता करता है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने व्यापार सुगमीकरण के लिए हाल ही में ‘व्यापार सहायता कार्यक्रम’ (टैप) के नाम से एक नई पहल की है। टैप के अंतर्गत इंडिया एक्ज़िम बैंक अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार ट्रांज़ैक्शन के सहयोग के लिए वाणिज्यिक बैंकों / वित्तीय संस्थाओं की क्षमता को बढ़ाता है। यह उन बाज़ारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जहां व्यापार के लिए ऋण मिलने में दिक्कत आती है या जहां क्षमताओं का दोहन नहीं किया गया है। 

इस करार पर हस्ताक्षर के दौरान श्री एन. रमेश ने कहा कि, “पिछले कुछ महीनों में, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने इस कार्यक्रम के तहत दक्षिण एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका आदि क्षेत्रों में कई व्यापार ट्रांज़ैक्शनों को सहयोग दिया है। यह सहयोग कृषि सहित ऑटोमोटिव पार्ट्स, पूंजीगत और इंजीनियरिंग सामान, खाद्य, लौह और इस्पात तथा टेक्स्टाइल जैसे कई क्षेत्रों में व्यापार के लिए दिया गया है। विकासशील देशों के साथ बढ़ते भारत के व्यापार के साथ वैश्‍विक व्यापार में भारत की विविधता बढ़ रही है। ऐसे में दक्षिणी-अफ्रीकी देश भारत के लिए महत्त्वपूर्ण व्यापार भागीदार के रूप में उभरे हैं। अब्सा के साथ इशूइंग बैंक करार से भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए नए अवसर बनेंगे। व्यापार सुगमीकरण के लिए इस प्रकार का सहयोग भारत और अफ्रीका के बीच बढ़ती आर्थिक गतिविधियों को और सुदृढ़ करेगा। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के बारे में 

इंडिया एक्ज़िम बैंक की स्थापना भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में संसद के एक अधिनियम के तहत 1982 में हुई थी। यह निर्यातों और आयातों का वित्तपोषण करने वाली संस्थाओं के कार्यों का समन्वय करने वाली प्रमुख वित्तीय संस्था है। इंडिया एक्ज़िम बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में भारत के अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार एवं निवेश के संवर्धन, वित्तपोषण और सुगमीकरण के जरिए वैश्‍विक अर्थव्यवस्था में भारत के एकीकरण को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई है। बैंक ने अपने विभिन्‍न कार्यक्रमों के जरिए कई भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनने और वैश्‍विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में योगदान दिया है।   

अब्सा बैंक के बारे में – अब्सा बैंक लिमिटेड (अब्सा) अब्सा ग्रुप के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (सब्सिडियरी) है। यह दक्षिण अफ्रीका में अपने ग्राहकों को रिटेल, व्यवसायों, संपत्ति प्रबंधन, कॉर्पोरेट और निवेश समाधान प्रदान करती है। अब्सा ग्रुप लिमिटेड जोहांसबर्ग स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है और अफ्रीका के सबसे बड़े विविधीकृत वित्तीय सेवाएं समूहों में से एक है। अफ्रीका महाद्वीप में 15 देशों में इसकी मौजूदगी है और यूके तथा यूएस में भी इसके कार्यालय हैं। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 
इंडिया एक्ज़िम बैंक India Exim Bank
श्री पुष्पेश त्यागी
उप महाप्रबंधक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल,
विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड,
मुंबई 400005, भारत
फोन: +91-22-2217-2821 / 2600
ई-मेल: Tap@eximbankindia.in  

अब्सा बैंक लिमिटेड Absa Bank Ltd.
श्री विनेश कस्सेन 
प्रिंसिपल, कॉर्पोरेट और निवेश बैंकिंग 
अब्सा बैंक लिमिटेड, दक्षिण अफ्रीका Absa Bank Ltd., South Africa
पहली मंज़िल, नॉर्थ कैंपस, 
15 एलिस लेन, सैंडटन,
जोहांस्बर्ग, दक्षिण अफ्रीका
फोन: +27-11-506-7796
ईमेल: vinesh.kassen@absa.africa

भारतीय निर्यात-आयात बैंक ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2022

प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी अंग्रेजी में प्रतिज्ञा दिलाते हुए।

उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश हिन्दी में प्रतिज्ञा दिलाते हुए।

केन्द्रीय सतर्कता आयोग के निर्देशानुसार, भारतीय निर्यात-आयात बैंक में 31 अक्टूबर, 2022 से सतर्कता जागरूकता सप्तारह की शुरुआत की गई, जो 06 नवंबर, 2022 तक मनाया जाएगा। बैंक के प्रधान कार्यालय में प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी तथा उप प्रबंध निदेशक श्री एन. रमेश द्वारा बैंक के स्टाफ सदस्यों को भौतिक रूप से तथा ई-प्लेथटफॉर्म के जरिए सत्ययनिष्ठाश की प्रतिज्ञा दिलाई गई। प्रतिज्ञा समारोह के दौरान प्रबंध निदेशक तथा उप प्रबंध निदेशक ने भारतीय निर्यात-आयात बैंक के कर्मचारियों को उच्चतम स्तर की सत्येनिष्ठाध बनाए रखने और अपने-अपने कार्यक्षेत्रों तथा जीवन के हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की अपील की।    

भारत- अफ्रीका व्यापार को बढ़ाने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने दक्षिण अफ्रीका के अग्रणी बैंक के साथ किया करार

जोहांसबर्ग में इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री विक्रमादित्य उगरा और फर्स्टरैंड बैंक में ऋण एवं व्यापार समाधान के ग्लोबल को-हेड श्री क्रिस एल्डरसन ने मास्टर जोखिम सहभागिता करार पर हस्ताक्षर किए।  इस दौरान मोज़ाम्बिक के माननीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री - श्री सिल्विनो ऑगस्तो खोसे मोरेनो और दक्षिण अफ्रीका में भारत के माननीय उच्चायुक्त - श्री जयदीप सरकार उपस्थित रहे। 

मोज़ाम्बिक के माननीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री सिल्विनो ऑगस्तो खोसे मोरेनो, दक्षिण अफ्रीका में भारत के माननीय उच्चायुक्त श्री जयदीप सरकार और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ साउथ अफ्रीका लिमिटेड की बोर्ड अध्यक्ष एवं ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल की अध्यक्ष सुश्री बुसी माबूज़ा; जोहांसबर्ग में भारत की माननीय महावाणिज्यदूत सुश्री अंजु रंजन; और आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री राजेश शर्मा; और इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री विक्रमादित्य उगरा द्वारा इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध अध्ययन का विमोचन किया गया। इसका विषय है- ‘दक्षिणी-अफ्रीका के साथ भारत के आर्थिक व्यवसाय को और बढ़ाना’। 

जोहांसबर्ग, 31 अक्टूबर, 2022 – भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने दक्षिण अफ्रीका में व्यापार ट्रांज़ैक्शनों को सहयोग के लिए क्षेत्र के अग्रणी फर्स्टरैंड बैंक (एफआरबी) लिमिटेड के साथ मास्टर जोखिम सहभागिता करार किया है। इस करार पर, 31 अक्टूबर, 2022 को जोहांसबर्ग में आयोजित भारत-दक्षिणी अफ्रीका क्षेत्रीय कॉन्क्लेव के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान मोज़ाम्बिक के माननीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री सिल्विनो ऑगस्तो खोसे मोरेनो, दक्षिण अफ्रीका में भारत के माननीय उच्चायुक्त श्री जयदीप सरकार और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ साउथ अफ्रीका लिमिटेड की बोर्ड अध्यक्ष एवं ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल की अध्यक्ष सुश्री बुसी माबूज़ा की विशेष उपस्थिति रही। 

मुंबई में प्रतिनिधि कार्यालय के साथ-साथ बोत्सवाना, एस्वातिनी, घाना, लेसोथो, मोज़ाम्बिक, नामीबिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, तंज़ानिया और ज़ाम्बिया में एफआरबी के कार्यालय हैं। इस करार से भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार के लिए वित्तीय सहयोग की नई राहें खुलेंगी, जिससे भारत और अफ्रीकी देशों के बीच बढ़ते आर्थिक व्यवसाय को और बल मिलेगा। 

इस करार पर इंडिया एक्ज़िम बैंक की नई व्यापार सुगमीकरण पहल यानी ‘व्यापार सहायता कार्यक्रम’ (टैप) के तहत हस्ताक्षर किए गए हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत इंडिया एक्ज़िम बैंक अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार ट्रांज़ैक्शन के सहयोग के लिए वाणिज्यिक बैंकों / वित्तीय संस्थाओं की क्षमता को बढ़ाता है। यह उन बाज़ारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जहां व्यापार के लिए ऋण मिलने में दिक्कत आती है या जहां क्षमताओं का दोहन नहीं किया गया है।

इस करार पर हस्ताक्षर के अवसर पर, इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री विक्रमादित्य उगरा ने कहा कि, “पिछले कुछ महीनों में, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने इस कार्यक्रम के तहत कई व्यापार ट्रांज़ैक्शनों को सहयोग दिया है। यह सहयोग कृषि सहित ऑटोमोटिव पार्ट्स, पूंजीगत और इंजीनियरिंग सामान, खाद्य, लौह और इस्पात तथा टेक्स्टाइल जैसे कई क्षेत्रों में व्यापार के लिए दिया गया है।  

इस कॉन्क्लेव में भारतीय निर्यात-आयात बैंक के शोध अध्ययन ‘दक्षिणी-अफ्रीका के साथ भारत के आर्थिक व्यवसाय को और बढ़ाना  का विमोचन किया गया। विकासशील देशों के साथ बढ़ते भारत के व्यापार के साथ वैश्‍विक व्यापार में भारत की विविधता बढ़ रही है। ऐसे में दक्षिणी-अफ्रीकी देश भारत के लिए महत्त्वपूर्ण व्यापार भागीदार के रूप में उभरे हैं। इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुताबिक पिछले एक दशक में भारत से निर्यातों और दक्षिणी-अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के आयातों में पर्याप्त पूरकता देखने को मिली है। शोध अध्ययन में, ऐसे उत्पादों को चिह्नित किया गया है, जिनकी मांग दक्षिणी-अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ में बनी रहती है और भारत में जिनकी अच्छी निर्यात क्षमता मौजूद है। तरजीही व्यापार करार से भारत और एसएसीयू के बीच व्यापार संबंधी बाधाओं के दूर होने की उम्मीद है। नतीजतन इससे एसएसीयू और दक्षिणी-अफ्रीकी विकास समुदाय (सैडेक) के साथ भारत के व्यापार और निवेश के बढ़ने की भी उम्मीद है। दुनियाभर में बनती नई व्यापार और निवेश भागीदारियों को ध्यान में रखते हुए इस शोध अध्ययन में भारत और दक्षिणी-अफ्रीकी देशों के बीच कई महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग बनाने की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें: 
श्री पुष्पेश त्यागी
उप महाप्रबंधक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल,
विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड,
मुंबई 400005, भारत
फोन: +91-22-2217-2821 / 2600
ई-मेल: Tap@eximbankindia.in  

श्री संजय चौधरी
निवासी प्रतिनिधि
भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
5वां एट्रियम, दूसरी मंज़िल, टॉवर्स ईस्ट, 
सैंडटन सिटी, सैंडटन 2196, 
जोहांस्बर्ग, दक्षिण अफ्रीका
फोनः  +27 11 3265113/103 
ई-मेल: eximjro@eximbankindia.in

भारत-बांग्लादेश व्यापार को सुगम बनाने के लिए इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 5 बांग्लादेशी बैंकों के साथ किए इशूइंग बैंक करार

ढाका, 21 अक्टूबर, 2022 - भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने अपनी नई व्यापार सुगमीकरण पहल, ‘व्यापार सहायता कार्यक्रम’ (टैप) के तहत 16-17 अक्टूबर, 2022 के दौरान 5 बांग्लादेशी बैंकों के साथ इशूइंग बैंक करार किए। ये करार म्यूचुअल ट्रस्ट बैंक लिमिटेड, ढाका बैंक लिमिटेड, बैंक एशिया लिमिटेड, मिडलैंड बैंक लिमिटेड और शाहजलाल इस्लामी बैंक के साथ किए गए। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक, अपने कार्यालयों के वैश्‍विक नेटवर्क और अपनी विभिन्‍न वित्तीय, सलाहकारी तथा क्षमता विकास गतिविधियों के जरिए मित्र देशों के साथ भारत के अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाता रहा है। साथ ही, भारतीय व्यवसायों के वैश्‍वीकरण प्रयासों में सहयोग देता रहा है। 

अपनी इस भूमिका के साथ, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने एक नई व्यापार सुगमीकरण पहल की है, जिसका नाम है-  व्यापार सहायता कार्यक्रम (टैप)। टैप के तहत, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने व्यापार को सुगम बनाने के क्रम में एक नई पहल की है। इस पहल का नाम है- ‘व्यापार सहायता कार्यक्रम’ (टैप)। इसके अंतर्गत अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार के लिए सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता व्यापार लिखतों (ट्रेड इंस्ट्रूमेंट्स) की ऋण सीमा बढ़ाने के रूप में होती है। इसके अंतर्गत इंडिया एक्ज़िम बैंक अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार ट्रांज़ैक्शन के सहयोग के लिए वाणिज्यिक बैंकों / वित्तीय संस्थाओं की क्षमता को बढ़ाता है। यह उन बाज़ारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जहां व्यापार के लिए ऋण मिलने में दिक्कत आती है या जहां क्षमताओं का दोहन नहीं किया गया है। 

इन करारों पर हस्ताक्षर के दौरान, इंडिया एक्ज़िम बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री तरुण शर्मा ने उल्लेख किया कि पिछले कुछ महीनों में, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने बांग्लादेश के साथ करीब 20 मिलियन यूएस डॉलर कई व्यापार ट्रांज़ैक्शनों को सहयोग दिया है। यह सहयोग कृषि सहित ऑटोमोटिव पार्ट्स, पूंजीगत और इंजीनियरिंग सामान, लोहा और इस्पात तथा टेक्स्टाइल जैसे कई क्षेत्रों में व्यापार के लिए दिया गया है। उपरोक्त 5 बैंकों के साथ इशूइंग बैंक करार करने से भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार को सहयोग के और भी द्वार खुलेंगे और इससे इन पांचों बैंकों को भारत में बड़ी संख्या में मौजूद वाणिज्यिक बैंकों के साथ कार्यसंबंध बनाने का मौका मिलेगा। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 17 अक्टूबर, 2022 को ढाका में टैप पर एक चर्चापरक सत्र का भी आयोजन किया, जिसमें भागीदार बैंकों को इसके उद्देश्य, प्रक्रिया और दस्तावेज़ीकरण के बारे में जानकारी दी गई। इस सत्र में बांग्लादेश के स्थानीय बैंकों से लगभग 50 बैंकरों ने हिस्सा लिया। इंडिया एक्ज़िम बैंक की टीम ने टैप के अंतर्गत एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में दिए जाने वाले सहयोग के बारे में जानकारी दी। इनमें (क) ट्रेड फायनैंस इंस्ट्रूमेंट्स; को सहयोग; (ख) इररिवोकेबल रिएम्बर्समेंट अंडरटेकिंग; (ग) फ्रंटिंग गारंटी / काउंटर गारंटी जारी करना; और (घ) जोखिम भागीदारी।

व्यापार सुगमीकरण के लिए इस तरह का सहयोग भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को और बेहतर तथा मजबूत करेगा। इंडिया एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की ओर से, बांग्लादेश में 42 विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए, बांग्लादेश सरकार को कुल 7.862 बिलियन यूएस डॉलर की चार ऋण-व्यवस्थाएं [एलओसी] प्रदान की हैं। इंडिया एक्ज़िम बैंक ने 2X660MW मैत्री सुपर थर्मल विद्युत परियोजना के लिए 1.60 बिलियन यूएस डॉलर का मीयादी ऋण भी प्रदान किया है, जिससे बांग्लादेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ने और इससे औद्योगिक उत्पादन बेहतर होने सहित उल्लेखनीय विकास परिणाम मिलने की उम्मीद है।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
इंडिया एक्ज़िम बैंक
श्री पुष्पेश त्यागी
उप महाप्रबंधक
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल,
विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ परेड,
मुंबई 400005, भारत
फोन: +91-22-2217-2821 / 2600
ई-मेल: Tap@eximbankindia.in  

श्री प्रियांशु तिवारी
निवासी प्रतिनिधि
भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
मोधुमिता प्लाज़ा कॉनकॉर्ड,
12वीं मंजिल, प्लॉट नंबर 11, रोड नंबर 11, ब्लॉक जी, बनानी,
ढ़ाका, बांग्लादेश
फोनः +880-2-5504-2444
ई-मेल: eximdhaka@eximbankindia.in 

एक्ज़िम बैंक ने ईरा पुरस्कार 2021 के विजेता की घोषणा की

इंडिया एक्ज़िम बैंक के अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक शोध वार्षिक (ईरा) पुरस्कार 2021 की विजेता डॉ. कनिका पठानिया रहीं। उन्हें यह पुरस्कार 06 अक्टूबर, 2022 को नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में भारतीय निर्यात-आयात बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री टी.सी.ए. रंगनाथन और दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर, डॉ. आदित्य भट्टाचार्जी द्वारा प्रदान किया गया। इस दौरान कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार, डॉ. अनुराधा गुरु और भारतीय निर्यात-आयात बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी उपस्थित रहीं। 

नई दिल्लीः 06 अक्टूबर, 2022: भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने अपने अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक शोध वार्षिक (ईरा) पुरस्कार 2021 के विजेता की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार डॉ. कनिका पठानिया के नाम रहा। उन्हें यह पुरस्कार “इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर एंड इफेक्टिव रेट ऑफ प्रोटेक्शनः थेओरेटिकल एंड एम्पीरिकल एनालिसिस” शीर्षक वाली उनकी डॉक्टोरल थीसिस के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार की घोषणा नई दिल्ली में 06 अक्टूबर, 2022 को आयोजित पुरस्कार समारोह में इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी द्वारा की गई। पुरस्कार के रूप में 3.50 लाख रुपये तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। श्री टी.सी.ए. रंगनाथन, पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक; डॉ. आदित्य भट्टाचार्जी, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स; डॉ. अनुराधा गुरु, आर्थिक सलाहकार, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. कनिका पठानिया को ईरा पुरस्कार 2021 प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. कनिका पठानिया की पुरस्कृत थीसिस पर आधारित इंडिया एक्ज़िम बैंक के प्रासंगिक आलेख का भी विमोचन किया गया। 

इस अवसर पर श्री टी.सी.ए. रंगनाथन ने भारत में आर्थिक शोध को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत एक्ज़िम बैंक की सराहना की। डॉ. भट्टाचार्जी ने पुरस्कृत थीसिस में उल्लिखित विस्तृत नीतिगत पहलुओं का उल्लेख किया, जो विशेष रूप से भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अहम हो सकती हैं। डॉ. गुरु ने पुरस्कृत थीसिस के बारे में बताया कि यह मुक्त व्यापार करार के बढ़ते प्रभाव वाले वर्तमान परिदृश्य और वैश्‍विक मूल्य शृंखला में भारत के एकीकरण को देखते हुए काफी प्रासंगिक है।

ईरा पुरस्कार के बारे में जानकारी देते हुए सुश्री बंगारी ने बताया कि इस पुरस्कार की स्थापना 1989 में की गई थी। यह पुरस्कार 33 वर्षों से अंतरराष्‍ट्रीय अर्थशास्त्र, व्यापार, विकास तथा संबद्ध वित्तपोषण के क्षेत्र में भारतीय ना‍गरिकों द्वारा भारतीय अथवा विदेशी विश्‍वविद्यालयों में किए गए उत्कृष्‍ट शोध प्रबंधों के लिए प्रदान किया जाता है। 

पुरस्कृत थीसिस 

डॉ. कनिका पठानिया ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, दिल्ली विश्‍वविद्यालय से 2021 में डॉक्टरोल डिग्री हासिल की थी। उन्होंने यह थीसिस दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, दिल्ली विश्‍वविद्यालय के प्रो. आदित्य भट्टाचार्जी और प्रो. उदय भानु सिन्हा के निर्देशन में लिखी थी। 

एक्ज़िम बैंक ईरा पुरस्कार 

एक्ज़िम बैंक ईरा पुरस्कार अंतरराष्‍ट्रीय अर्थव्यवस्था, व्यापार तथा विकास व संबंधित वित्तपोषण के क्षेत्र में शोध एवं विश्लेषण को बढ़ावा देने का बैंक का एक प्रयास है। बैंक द्वारा वर्ष 2022 के पुरस्कार के लिए प्रविष्‍टियां आमंत्रित हैं। 

पिछले विजेताओं के बारे में जानने और ईरा 2022 के लिए आवेदन करने के लिए कृपया क्लिक करें: http://www.eximbankindia.in/iera-award 

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें: 
डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक,
शोध एवं विश्लेषण समूह,
भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
8वीं मंज़िल, मेकर चेंबर IV, जमनालाल बजाज मार्ग, नरीमन पॉइंट,
मुंबई 400 021. फोनः 91-22-22860310;
ईमेलः dsinate@eximbankindia.in 

एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की सहायता से मालदीव सरकार को प्रदान की 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था

मालदीव में विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए प्रदत्त 100 मिलियन यूएस डॉलर के ऋण-व्यवस्था करार पर श्री इब्राहिम अमीर, माननीय वित्त मंत्री, मालदीव सरकार और श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, एक्ज़िम बैंक ने हस्ताक्षर किए। 

मालदीव में विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए प्रदत्त 100 मिलियन यूएस डॉलर के ऋण-व्यवस्था करार पर श्री इब्राहिम अमीर, माननीय वित्त मंत्री, मालदीव सरकार और श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, एक्ज़िम बैंक ने हस्ताक्षर किए। ये करार विदेश मंत्रालय, मालदीव सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस दौरान भारत के विदेश सचिव, श्री विनय मोहन क्‍वात्रा और मालदीव के विदेश सचिव, श्री अहमद लतीफ़ मौजूद रहे।

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्‍ज़िम बैंक) ने भारत सरकार की ओर से मालदीव सरकार को 100 मिलियन यूएस डॉलर की ऋण-व्यवस्था प्रदान की है। यह ऋण-व्यवस्था विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई है। इस ऋण-व्यवस्था करार पर रविवार 02 अक्टूबर, 2022 को विदेश मंत्रालय, मालदीव सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माले, मालदीव में हस्ताक्षर किए गए। इस पर श्री इब्राहिम अमीर माननीय वित्त मंत्री, मालदीव सरकार और श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, एक्ज़िम बैंक ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान भारत के विदेश सचिव श्री विनय मोहन क्‍वात्रा और मालदीव के विदेश सचिव, श्री अहमद लतीफ़ उपस्थित रहे।

इस ऋण-व्यवस्था करार पर हस्ताक्षर के साथ ही एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से मालदीव सरकार को अब तक 1.43 बिलियन यूएस डॉलर की कुल छः (6) ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। मालदीव सरकार को प्रदत्त ये ऋण-व्यवस्थाएं ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना, जल एवं सीवरेज परियोजना, अड्डू विकास परियोजना, अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परियोजना, रक्षा परियोजनाओं, गुलीफल्हु बंदरगाह परियोजना, हनिमाधू हवाई अड्डा परियोजना, गन हवाई अड्डा परियोजना, मत्स्य परियोजना, सड़क निर्माण परियोजना एवं खेल संबंधी बुनियादी ढांचागत विकास के लिए प्रदान की गई हैं।

इस ऋण-व्यवस्था सहित एक्‍ज़िम बैंक द्वारा अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, ओशिआनिया तथा सीआईएस क्षेत्र के 67 देशों को 32.31 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण-प्रतिबद्धता के साथ कुल 311 ऋण-व्‍यवस्‍थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। यह राशि भारत से निर्यातों के वित्तपोषण हेतु उपलब्‍ध है। भारत से निर्यातों को बढ़ावा देने के अतिरिक्त एक्‍ज़िम बैंक की ऋण-व्‍यवस्‍थाएं उभरते बाजारों में भारत की विशेषज्ञता और परियोजना निष्‍पादन क्षमताओं को भी प्रदर्शित करती हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:

श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
ऑफिस ब्लॉक, टावर-1, 7वीं मंज़िल,
एड्जेसेंट रिंग रोड, किदवई नगर (पूर्व),
नई दिल्ली – 110023,
फोन :+91-11-24607700 
ई- मेल: eximloc@eximbankindia.in
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इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान, वित्तीय वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत का वस्तु निर्यात 114.4 बिलियन यूएस डॉलर तथा गैर-तेल निर्यात 91.7 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए भारत के कुल वस्तु निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों के लिए पूर्वानुमान जारी कर दिए हैं। इसके मुताबिक, भारत के कुल वस्तु निर्यात पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 11.4% की वृद्धि के साथ 114.4 बिलियन यूएस डॉलर और गैर-तेल निर्यात 5.4% की वृद्धि के साथ 91.7 बिलियन यूएस डॉलर रहने का पूर्वानुमान है। भारत के निर्यातों में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर वस्तुओं की कीमतों में नरमी आने, प्रमुख व्यापार भागीदारों में संभावित मंदी और दुनिया भर में मुद्रा स्फीति दबावों तथा सख्त मौद्रिक स्थितियों के चलते कुछ कम रही।

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत के कुल वस्तु निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान तिमाही आधार पर संबंधित तिमाहियों के लिए जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च के पहले सप्ताह में जारी किए जाते हैं। इस मॉडल में निरंतर सुधार का प्रयास किया जाता है। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) मॉडल पर आधारित हैं। वित्तीय वर्ष 2023 (अक्तूबर-दिसंबर 2022)की तीसरी तिमाही के लिए भारत के निर्यातों मंक वृद्धि के पूर्वानुमान दिसंबर 2022 के पहले सप्ताहमें जारी किए जाएंगे।

इस मॉडल तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर एवं संयोजक, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, अर्थशास्त्र  विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता; डॉ. सरत धल, निदेशक, अर्थशास्त्रऔर नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, वाइस चांसलर, बीएएसई यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू; तथा प्रोफेसर सी. वीरामणि, प्रोफेसर, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर), मुंबई शामिल हैं। 

एक्ज़िम बैंक द्वारा अपने निरंतर शोध प्रयासों की कड़ी में भारत के निर्यातों का तिमाही आधार पर ट्रैक रखने तथा वृद्धिमें पूर्वानुमान के लिए एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) तैयार करने हेतु यह इन-हाउस मॉडल विकसित किया गया है। इस इंडेक्स को देश के निर्यातों पर प्रभाव डालने वाले विभिन्न बाह्य एवं घरेलू कारकों को ध्यान में रखते हुए देश के वस्तु निर्यातों में तिमाही आधार पर वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में विकसित किया गया है।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक/ डॉ. विश्वेनाथ जंध्याला,
सहायक महाप्रबंधक,शोध एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV,
जमनालाल बजाज मार्ग, नरीमन पॉइंट,
मुम्बई 400021, 
फोनः +91-22-2286 0363/ 0310/ 0311,
ई-मेलः dsinate@eximbankindia.in/viswanath@eximbankindia.in
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डिस्क्लेमरः उपर्युक्त परिणाम नीति निर्माताओं, शोधार्थियों और निर्यातकों के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध एवं विश्लेषण समूह द्वारा निकाले गए हैं। इसे इंडिया एक्ज़िम बैंक की राय न माना जाए। उपर्युक्त तिमाही के लिए ईएलआई मॉडल से निकाले गए ये पूर्वानुमान मुख्यतः वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के चलते कमोडिटी मूल्य में अस्थिरता और वैश्‍विक अर्थव्यवस्था में अनिश्‍चितता के अध्यधीन हैं। हालिया उपलब्ध डाटा में सुधार तथा अग्रिम पूर्वानुमान पद्धति को अपनाते हुए तथा विभिन्न तिमाहियों में प्राप्त टिप्पणियों, सुझावों और फीडबैक को शामिल करते हुए इस मॉडल में लगातार सुधार किया जाता रहेगा। वास्तविक निर्यात संबंधी आंकड़े आरबीआई के भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी डेटाबेस से लिए गए हैं।

भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्था में छिपी हैं निर्यातों की असीम संभावनाएं - इंडिया एक्ज़िम बैंक

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्था पर एक शोध पत्र प्रकाशित किया है। इसमें भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्था में मौजूद अप्रयुक्त निर्यात क्षमता का विश्लेषण किया गया है। ‘भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्थाः चिंतन एवं विकास’ शीर्षक वाले इस शोध पत्र में संयुक्त राष्‍ट्र द्वारा किए गए वर्गीकरण के अनुसार, अन्य के साथ-साथ, कला एवं शिल्प, ऑडियो-विज़ुअल, प्रकाशन तथा विज़ुअल आर्ट्स जैसे 7 विभिन्‍न सृजनात्मक क्षेत्रों का विश्लेषण किया गया है। यह अपनी तरह का पहला शोध पत्र है।

इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस शोध के अनुसार, 2019 में भारत से सृजनात्मक वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात लगभग 121 बिलियन यूएस डॉलर का रहा था। इसमें से सृजनात्मक सेवाओं का निर्यात लगभग 100 बिलियन यूएस डॉलर का था।

भारत में, 2019 में सृजनात्मक वस्तुओं के कुल निर्यातों का 87.5% हिस्सा डिज़ाइन क्षेत्र का रहा। बाकी के 9% में कला और शिल्प क्षेत्र का योगदान रहा। विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय संदर्भ में, सृजनात्मक वस्तु उद्योग में 16 बिलियन यूएस डॉलर का व्यापार सरप्लस है।

सृजनात्मक अर्थव्यवस्था पर आधारित इस शोध पत्र का विमोचन माननीय सांसद, राज्यसभा, पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह द्वारा 03 सितंबर, 2022 को राष्‍ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी, नई दिल्ली में आयोजित एक्ज़िम बाज़ार में किया गया।

भारत में सृजनात्मक अर्थव्यवस्था काफी विविध है। फिल्म जैसे रचनात्मक उद्योगों का इसमें बहुत बड़ा योगदान है। यूएस को छोड़ दिया जाए तो राजस्व के आधार पर शीर्ष अंतरराष्‍ट्रीय बॉक्स ऑफिस बाजारों में भारत छठे स्थान पर आता है।

इस शोध अध्ययन में, सृजनात्मकता के उभरते क्षेत्र में अन्य के साथ-साथ, मानव रचनात्मकता, ज्ञान और बौद्धिक संपदा जैसे क्षेत्र में तकनीक की महत्त्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। साथ ही, सृजनात्मक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, संवर्धित वास्तविकता तथा ब्लॉकचेन की भूमिका का भी विश्लेषण किया गया है।  

इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस अनूठे शोध अध्ययन में भारत में सृजनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विभिन्‍न अनुशंसाएं की गई हैं। इनमें अन्य के साथ-साथ, भारत में सृजनात्मक उद्योगों को परिभाषित और मैप करना, सृजनात्मक उद्योगों के वित्तपोषण के लिए फंड बनाना, संयुक्त कार्यक्रमों पर फोकस करना, कॉपीराइट से जुड़े मसलों का समाधान करना, एमएसएमई और क्षेत्रीय दस्तकारों को बढ़ावा देना, सृजनात्मक जिलों और केंद्रों की स्थापना करना और सृजनात्मक उद्योगों के लिए एक विशेष संस्था बनाने जैसे सुझाव शामिल हैं।

इस शोध अध्ययन में, यूके, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और थाइलैंड जैसे देशों में सृजनात्मक अर्थव्यवस्था की नीतियों का भी विश्लेषण किया गया है, जहां सृजनात्मक अर्थव्यवस्था अहम भूमिका अदा कर रही है और इसके लिए अलग से मंत्रालय या संस्थान बनाए गए हैं।

हालांकि भारत ने सृजनात्मक अर्थव्यवस्था से जुड़े उद्योगों में प्रगति की है, तथापि देश में सृजनात्मक अर्थव्यवस्था का योगदान बढ़ाने की अभी काफी संभावनाएं हैं। इंडिया एक्ज़िम बैंक ने अपने इस शोध अध्ययन में, देश में सृजनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए कोई एक परिभाषा निरूपित करने और इसके लिए एक अलग संस्थान बनाने की संस्तुति की है, जो इसकी अप्रयुक्त क्षमता का दोहन कर सके।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 
श्री एस. प्रहलादन,
मुख्य महाप्रबंधक, शोध एवं विश्लेषण समूह
भारतीय निर्यात-आयात बैंक, 
ईमेलः prahalathan@eximbankindia.in  

दिल्ली में शुरू हुआ एक्ज़िम बाज़ार, भारत के 20 राज्यों और पड़ोसी देशों से आए 75 से ज्यादा दस्तकार

माननीय सांसद (राज्यसभा), पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने किया नौवें एक्ज़िम बाज़ार का उद्घाटन

माननीय सांसद (राज्यसभा), पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने आज नई दिल्ली में नौवें एक्ज़िम बाज़ार का उद्घाटन किया। इस मौके पर इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी के साथ-साथ वस्‍त्र मंत्रालय के सचिव श्री यू.पी. सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह बाज़ार नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित राष्‍ट्रीय शिल्प एवं हस्तकला अकादमी (वस्‍त्र मंत्रालय) में सजा है। इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा आयोजित यह बाज़ार शनिवार, 3 सितंबर से मंगलवार, 6 सितंबर, 2022 तक चलेगा। इसमें न केवल देशभर के, बल्कि पड़ोसी देशों के भी पारंपरिक और समकालीन कला एवं शिल्प उत्पाद मिलेंगे। 

भारत सरकार की ‘पड़ोसी देश प्रथम’ नीति के अनुरूप, पहली बार बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका के दस्तकारों को भी इसमें आमंत्रित किया गया है। बाज़ार की रौनक भारत के पड़ोसी देशों की शिल्प कलाओं से और बढ़ गई है।  

यह प्रदर्शनी इस मायने में भी महत्त्वपूर्ण है कि यह विभिन्‍न राज्यों के स्थानीय दस्तकारों को बढ़ावा देती है। भारत के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को सुदृढ़ करने में एक्ज़िम बाज़ार की भूमिका की सराहना करते हुए पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने कहा कि ““महामारी के कारण दस्तकारों के व्यवसाय बहुत प्रभावित हुए और उन्हें काफ़ी नुकसान झेलना पड़ा। तालाबंदी के दौरान वित्तीय और घरेलू तनाव को संभालना महिलाओं और उनके परिवारों के लिए विशेष रूप से मुश्किल रहा। दस्तकारों के काम और अपने पुरातन कला-शिल्प को प्रदर्शित करने के लिए एक्ज़िम बाज़ार जैसे अवसरों को बढ़ावा देना चाहिए।”

इस प्लैटफॉर्म के जरिए ग्रासरूट उद्यम किस तरीके से लाभान्वित हो सकते हैं, इस पर सुश्री बंगारी ने कहा, “हमें खुशी है कि हम, भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में आज़ादी का अमृत महोत्सव को यादगार बनाने के क्रम में, भारतीय उप महाद्वीप के 75 दस्तकारों को एक साथ ला रहे हैं। दिल्ली के लोगों से मिली यह उत्सहाजनक प्रतिक्रिया हमारे लिए प्रेरणास्पद है। इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा एक्ज़िम बाज़ार का आयोजन व्यक्तिगत स्तर पर काम करने वाले दस्तकारों के साथ-साथ सूक्ष्म और ग्रासरूट स्तर के उद्यमों के लिए व्यवसाय संभावनाएं बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है। इस प्रदर्शनी से दस्तकारों को अपने उत्पादों के लिए बाजार बढ़ाने और अपने ब्रांड को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलती है। दस्तकारों का ग्राहकों से सीधे संपर्क स्थापित होता है और भविष्य में बिक्री के रास्ते खुलते हैं। साथ ही, उपभोक्ताओं की पसंद को समझने, उद्योग जगत से जुड़ी जानकारियां हासिल करने और नए रुझानों को जानने में भी मदद मिलती है।“ 

महामारी के दौरान बहुत से दस्तकारों और ग्रामीण उद्यमों की आय में गिरावट आई। ऐसे समय में, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने उस कठिन समय में भी दस्तकारों को डिजाइन, उत्पाद और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के जरिए सहायता प्रदान करते हुए एक उत्तरदायी वित्तीय संस्था के रूप में इन्हें सहयोग जारी रखा। यह एक्ज़िम बाज़ार भी दस्तकारों को अपना काम बढ़ाने के लिए मंच प्रदान करने में मदद करने की पहलों के क्रम में ही एक और प्रयास है। 

दिल्ली में चल रहे इस एक्ज़िम बाज़ार में देशभर से विभिन्‍न दस्तकार और बुनकर अपने कला कौशल, प्रतिभाओं और तकनीकों से अपने हाथों से बनाई चीजें लेकर उपस्थित हुए हैं। इनमें से बहुत से दस्तकार तो राष्‍ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कृत हैं। 

इस प्रदर्शनी में अन्य के साथ-साथ मधुबनी पेंटिंग, चमड़े की कठपुतली, वारली पेंटिंग, पिछवाई पेंटिंग, फुलकारी कढ़ाई, पट्टचित्र पेंटिंग, फड़ पेंटिंग, बनारसी सिल्क के कपड़े, लाख की चूड़ियां, कावड़ पेंटिंग, सरैमिक ब्लू पॉटरी, ढोकरा कला, टेराकोटा, जामदानी साड़ियां, घढ़वा धातु शिल्प जैसे कलात्मक उत्पाद प्रदर्शन और बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इंडिया एक्ज़िम द्वारा निरूपित हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की यह प्रदर्शनी-सह-बिक्री अपनी शुरुआत के बाद से पहली बार दिल्ली में लगी है। 

एक्ज़िम बैंक को उम्मीद है कि इस प्रदर्शनी के जरिए बहुत से व्यक्तिगत स्तर पर काम करने वाले और सूक्ष्म तथा ग्रासरूट उद्यमों को अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिलेगी। हजारों की संख्या में आने वाले लोग इन दस्तकारों के काम से और अधिक वाकिफ होंगे और यह इन्हें अपने उत्पादों के ब्रांड को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही इनके लिए बिक्री के भावी रास्ते भी खुलेंगे। 

 इस अवसर पर, पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह ने ‘भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्थाः चिंतन एवं विकास’ शीर्षक वाले एक्ज़िम बैंक के एक शोध पत्र का भी विमोचन किया, जिसमें भारत की सृजनात्मक अर्थव्यवस्था में व्यापार की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है। यह अपनी तरह का पहला शोध पत्र है। एक आकलन के अनुसार, यदि इस क्षेत्र का समुचित रूप से सदुपयोग किया जाए तो भारत से सृजनात्मक वस्तुओं का कुल निर्यात 20 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक का हो सकता है, यानी इस क्षेत्र में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। डॉ. मानसिंह ने भारत की पारंपरिक कलाओं के पुनरुत्थान के लिए एक्ज़िम बैंक द्वारा ग्रासरूट उद्यमों को प्रदान की गई सहायता पर आधारित सफलता की कहानियों के एक प्रकाशन का भी विमोचन किया। 

“इंडिया एक्ज़िम बैंक अपने ग्रासरूट उद्यम विकास एवं मार्केटिंग सलाहकारी सेवाएं जैसे कार्यक्रमों के तहत दस्तकारों, मास्टर कारीगरों, बुनकरों, क्लस्टरों, स्वयं सहायता समूहों, गैर-सरकारी संगठनों, ग्रासरूट और सूक्ष्म उद्यमों को क्षमता विकास तथा विदेश में खरीदारों और वितरकों का पता लगाते हुए सहायता प्रदान करता है। इन कार्यक्रमों के तहत प्रदान की गई सहायता के जरिए वित्तीय सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और दस्तकारों में उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद मिली है। साथ ही, ये कार्यक्रम सदियों पुराने पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को सहेजे रखने तथा इन्हें आगे बढ़ाने में भी सहायक हैं। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:  
श्री धर्मेंद्र सचान, महाप्रबंधक, ग्रिड एवं मास, इंडिया एक्ज़िम बैंक
8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV, नरीमन पॉइंट, मुंबई 400 021
ई-मेल: grid@eximbankindia.in 

 

भारत और अफ्रीकी देशों के बीच हैं व्यवसाय अवसरों की अपार संभावनाएं : इंडिया एक्ज़िम बैंक

परियोजना भागीदारी पर 17वें सीआईआई-एक्ज़िम बैंक कॉन्क्लेव में 19 जुलाई, 2022 को “सुदृढ़ अफ्रीका का निर्माणः भारत का बढ़ता सहयोग” विषय पर इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध प्रकाशन का विमोचन किया गया। इस दौरान भारत के माननीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल, मॉरीशस के माननीय उप राष्‍ट्रपति श्री मैरी साइरिल एडी बोइसीज़ॉन, जीओएसके, गाम्बिया के माननीय उप राष्‍ट्रपति श्री बदारा ए. जोफ़, दक्षिण सूडान के माननीय उप राष्‍ट्रपति डॉ. जेम्स वानी इग्गा, ज़ाम्बिया की माननीय उप राष्‍ट्रपति सुश्री डब्ल्यू. के. मुटाले नलुमैंगो, नामीबिया की माननीय उप प्रधानमंत्री और अंतरराष्‍ट्रीय संबंध एवं सहयोग मंत्री सुश्री नेतुम्बो नांदी न्दाइत्वा और कॉर्पोरेट जगत के वरिष्‍ठ अधिकारियों सहित इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी उपस्थित रहीं। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस शोध प्रकाशन में भारत और अफ्रीका के बीच मौजूद परस्पर व्यापार की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया गया है। 2021 में भारत-अफ्रीका का कुल व्यापार 82.5 बिलियन यूएस डॉलर का रहा। दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार का यह अब तक का सर्वोच्च स्तर रहा है। आईटीसी की निर्यात संभावना पद्धति रा उपयोग कर इस शोध में बताया गया है कि भारत और अफ्रीका के बीच 48 बिलियन यूएस डॉलर के द्विपक्षीय निर्यात की संभावनाएं हैं। इंडिया एक्ज़िम बैंक के इस शोध प्रकाशन में अफ्रीका के साथ भारत के द्विपक्षीय व्यापार और निवेश की वर्तमान स्थिति और आने वाले समय में दोनों क्षेत्रों से निर्यातों की संभावनाओं का अध्ययन किया गया है। साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीका के विकास में भारत के बढ़े सहयोग को भी रेखांकित किया गया है। इसके अलावा, विशेष रूप से हाल में बदलते वैश्‍विक परिवेश को ध्यान में रखते हुए भारत द्वारा इस विकास भागीदारी को और बढ़ाने की ज़रूरत का भी उल्लेख किया गया है। अफ्रीका में भारत के परियोजना निर्यातों के मौजूदा भौगोलिक और क्षेत्रवार विस्तार को समझने के लिए, एएफडीबी और विश्‍व बैंक जैसे बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं में भारतीय कॉन्ट्रैक्टरों को मिलने वाले कॉन्ट्रैक्टों का भी विश्लेषण किया गया है। इसके अलावा, इसमें महामारी के बाद सुदृढ़ अफ्रीका के निर्माण में भारत का सहयोग बढ़ाने तथा अन्य के साथ-साथ अफ्रीका के कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छ व हरित प्रौद्योगिकी जैसे बेहतर संभावना वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर निर्यात बढ़ाने वाली रणनीतियां भी सुझाई गई हैं, ताकि यह पुनः उच्च वृद्धि वाले क्षेत्रों में शामिल हो सके। इस शोध अध्ययन में बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने और व्यापार वित्त की उपलब्धता बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है।    

कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र के दौरान भारत के माननीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अफ्रीका को ‘प्रगति का साथी’ मानता है। उन्होंने कहा कि भारत-अफ्रीका भागीदारी के चार आधार स्तंभ हैं- दोनों देशों के लोग, व्यवसाय, व्यापार और सरकार। उन्होंने भविष्य में भारत-अफ्रीका भागीदारी की महती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इस भागीदारी से विकासशील विश्‍व को खाद्य असुरक्षा के गर्त से निकाल कर समृद्धि की ओर ले जाने में मदद मिलेगी।

इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने कहा कि व्यापार वित्त की उपलब्धता बढ़ाकर भारत और अफ्रीका की अब तक अप्रयुक्त निर्यात क्षमता का उपयोग किया जा सकता है और वैश्‍विक निर्यात भागीदारी में दोनों क्षेत्रों की हिस्सेदारी को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने व्यापार वित्त के अंतर को कम करने के उपाय प्रदान करने में बहुपक्षीय विकास बैंकों और विकास वित्त संस्थाओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया। सुश्री हर्षा बंगारी ने अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र करार में भारत के लिए मौजूद अपार अवसरों पर ज़ोर देते हुए कहा कि इन अवसरों के भुनाने के लिए जरूरी है कि भारत, इस महाद्वीप की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने और अफ्रीका को दिए जाने वाले सहयोग में डायनैमिक रहे। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 

श्री डेविड सिनाटे,
मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
केन्द्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्‍व व्यापार केन्द्र संकुल, कफ़ परेड,
मुंबई 400005
फोन +91-22-22182511;
फैक्सः +91-22-2218 0743;
ईमेल: dsinate@eximbankindia.in 

इंडिया एक्ज़िम बैंक ने की ब्रिक्स आर्थिक शोध वार्षिक पुरस्कार 2022 के विजेता की घोषणा

चाइना डेवलपमेंट बैंक (सीडीबी) की मेजबानी में 17 जून, 2022 को ऑनलाइन आयोजित किए गए वार्षिक ब्रिक्स वित्तीय फोरम के दौरान डॉ. अपूर्व गुप्ता को इंडिया एक्ज़िम बैंक के ब्रिक्स आर्थिक शोध वार्षिक पुरस्कार 2022 का विजेता घोषित किया गया। इस दौरान ब्रिक्स अंतरबैंक सहयोग व्यवस्था के सदस्य विकास बैंकों के प्रमुख भी उपस्थित रहे।

17 जून, 2021: भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने 17 जून, 2022 को इंडिया एक्ज़िम बैंक के ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार 2022 के विजेता की घोषणा की। यह पुरस्कार डॉ. अपूर्व गुप्ता को प्रदान किया गया है। इसकी घोषणा चाइना डेवलपमेंट बैंक (सीडीबी) की मेजबानी में ऑनलाइन आयोजित किए गए वार्षिक ब्रिक्स वित्तीय फोरम के दौरान की गई। इस दौरान, ब्रिक्स अंतरबैंक सहयोग व्यवस्था के सदस्य विकास बैंकों अर्थात ब्राजीलियन डेवलपमेंट बैंक (बीएनडीईएस); वीईबी.आरएफ; चाइना डेवलपमेंट बैंक (सीडीबी); भारतीय निर्यात-आयात बैंक और डेवलपमेंट बैंक ऑफ सदर्न अफ्रीका (डीबीएसए) तथा न्यू डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख उपस्थित रहे। ब्रिक्स आर्थिक शोध वार्षिक पुरस्कार के अंतर्गत 15 लाख रुपये (लगभग 20,000 यूएस डॉलर) की राशि, पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

पुरस्कृत थीसिस

डॉ. अपूर्व गुप्ता को यह पुरस्कार “वित्त और विकास पर आलेख” शीर्षक वाली उनकी डॉक्टोरल थीसिस के लिए दिया गया है। डॉ. गुप्ता ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, यूएसए से 2020 में अपनी डॉक्टोरल डिग्री हासिल की थी। वह फिलहाल डार्टमाउथ कॉलेज, यूएसए में अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। 

ब्रिक्स आर्थिक शोध वार्षिक पुरस्कार 

वर्ष 2016 में ब्रिक्स फोरम की अध्यक्षता भारत ने की थी और उसी साल इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा ब्रिक्स अंतरबैंक सहयोग तंत्र की अध्यक्षता की गई थी। मार्च 2016 में ही इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार की स्थापना की गई थी। इस पुरस्कार का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों के लिए प्रासंगिक अर्थशास्त्र संबंधी विषयों पर शोध को बढ़ाना और प्रोत्साहन देना है।   

ब्रिक्स आर्थिक शोध वार्षिक पुरस्कार अंतरराष्‍ट्रीय अर्थशास्त्र, व्यापार और विकास तथा संबंधित वित्तपोषण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के इंडिया एक्ज़िम बैंक के प्रयासों को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। इस पुरस्कार के लिए ब्रिक्स देशों के नागरिकों द्वारा लिखी गई ऐसी डॉक्टोरल थीसिस प्रविष्‍टि के रूप में स्वीकार की जाती हैं, जिन्हें किसी भी प्रतिष्‍ठित वैश्‍विक विश्‍वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि दे दी गई है या डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करने के लिए उन्हें स्वीकार कर लिया गया है। इसकी सूचना प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए वैश्‍विक स्तर पर प्रसारित की गई थी। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक,
भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400 005,
फोनः +91-22-2286-0363, फैक्सः 022-2218 0743,
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इंडिया एक्ज़िम बैंक का पूर्वानुमान,वित्तीय वर्ष 2023 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 117.2 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा भारत का वस्तु निर्यात तथा 93 बिलियन यूएस डॉलर का रहेगा गैर-तेल निर्यात

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने भारत के कुल वस्तु निर्यात लगातार चौथी तिमाही में भी 100 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक रहने का अनुमान जताया है।वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए भारत के कुल वस्तु निर्यात 22.7% की वृद्धि दर्ज करते हुए 120 बिलियन के करीब (117.2 बिलियन) रहने का अनुमान है तथा गैर-तेल निर्यात के दोहरे अंक(12.6%) की वृद्धि दर्ज करते हुए 93 बिलियन यूएस डॉलर रहने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही के दौरान कुल निर्यात क्रमशः 95.5 बिलियन यूएस डॉलर और 82.6 बिलियन यूएस डॉलर के रहे थे। भारत के निर्यातों में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में बाधाओं के चलते वस्तुओं की कीमतों में निरंतर वृद्धि, विनिमय दर में परिवर्तन के कारण बढ़ती मूल्य प्रतिस्पर्धा और संभावित व्यापार में बदलाव से होने वाले लाभ हैं। ये पूर्वानुमान मुख्यतः वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के चलते कमोडिटी मूल्य में अस्थिरता और वैश्विलक अर्थव्यवस्था में अनिश्चिरतताओं के अध्यधीन हैं।

इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत के कुल वस्तु निर्यातों और गैर-तेल निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान तिमाही आधार पर संबंधित तिमाहियों के लिए जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च के पहले सप्ताह में जारी किए जाते हैं। इस मॉडल में निरंतर सुधार का प्रयास किया जाता है। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) मॉडल पर आधारित हैं। वित्तीय वर्ष 2023 (जुलाई-सितंबर 2022)की दूसरी तिमाही के लिए भारत के निर्यातों में वृद्धि के पूर्वानुमान सितंबर 2022 के पहले सप्ताह में जारी किए जाएंगे।

इस मॉडल तथा इससे प्राप्त पूर्वानुमान संबंधी परिणामों की समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्थायी तकनीकी समिति द्वारा की गई है। इस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर सैकत सिन्हा रॉय, प्रोफेसर एवं संयोजक, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, अर्थशास्त्र  विभाग, जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता; डॉ. सरत धल, निदेशक, अर्थशास्त्रऔर नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई; प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति, वाइस चांसलर, बीएएसई यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू; तथा प्रोफेसर सी. वीरामणि, प्रोफेसर, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर), मुंबई शामिल हैं। 

एक्ज़िम बैंक द्वारा अपने निरंतर शोध प्रयासों की कड़ी में भारत के निर्यातों का तिमाही आधार पर ट्रैक रखने तथा वृद्धिमें पूर्वानुमान के लिए एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ईएलआई) तैयार करने हेतु यह इन-हाउस मॉडल विकसित किया गया है। इस इंडेक्स को देश के निर्यातों पर प्रभाव डालने वाले विभिन्न बाह्य एवं घरेलू कारकों को ध्यान में रखते हुए देश के वस्तु निर्यातों में तिमाही आधार पर वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में विकसित किया गया है।  

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री डेविड सिनाटे, मुख्य महाप्रबंधक/ डॉ. विश्विनाथ जंध्याला, सहायक महाप्रबंधक,
शोध एवं विश्लेषण समूह, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
8वीं मंज़िल, मेकर चैंबर IV, जमनालाल बजाज मार्ग, नरीमन पॉइंट,मुम्बई 400021,
फोनः +91-22-2286 0363/ 0310/ 0311, 
ई-मेलःdsinate@eximbankindia.in/viswanath@eximbankindia.in
वेबसाइटः  www.eximbankindia.in

डिस्क्लेमरः उपर्युक्त परिणाम नीति निर्माताओं, शोधार्थियों और निर्यातकों के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। ये पूर्वानुमान इंडिया एक्ज़िम बैंक के शोध एवं विश्लेषण समूह द्वारा निकाले गए हैं। इसे इंडिया एक्ज़िम बैंक की राय न माना जाए। उपर्युक्त तिमाही के लिए ईएलआई मॉडल से निकाले गएये पूर्वानुमान मुख्यतःवर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के चलते कमोडिटी मूल्य में अस्थिरता और वैश्विगक अर्थव्यवस्था में अनिश्चि तता के अध्यधीन हैं। हालिया उपलब्ध डाटा में सुधार तथा अग्रिम पूर्वानुमान पद्धति को अपनाते हुए तथा विभिन्न तिमाहियों में प्राप्त टिप्पणियों, सुझावों और फीडबैक को शामिल करते हुए इस मॉडल में लगातार सुधार किया जाता रहेगा। वास्तविक निर्यात संबंधी आंकड़े आरबीआई के भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी डेटाबेस से लिए गएहैं।

 

एक्ज़िम बैंक ने भारत सरकार की सहायता से श्रीलंका सरकार को प्रदान की 55 मिलियन यूएस डॉलर की अल्पावधि ऋण-व्यवस्था

55 मिलियन यूएस डॉलर के ऋण-व्यवस्था करार पर 10 जून, 2022 को कोलंबो में हस्ताक्षर किए गए। इस पर श्री महिंदा सिरिवरदाना, सचिव, वित्त, आर्थिक स्थिरीकरण एवं राष्ट्रीय नीति मंत्रालय, श्रीलंका सरकार और श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, एक्ज़िम बैंक ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्रीलंका के माननीय और श्रीलंका में भारत के माननीय उच्चायुक्त श्री गोपाल बागले उपस्थित रहे।

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्‍ज़िम बैंक) ने भारत सरकार की ओर से श्रीलंका सरकार को 55 मिलियन यूएस डॉलर की अल्पावधि ऋण-व्यवस्था प्रदान की है। यह ऋण-व्यवस्था यूरिया खाद की खरीद के लिए प्रदान की गई है। 

इस अल्पावधि ऋण-व्यवस्था करार पर 10 जून, 2022 को कोलंबो में हस्ताक्षर किए गए। इस पर श्री के. एम. महिंदा सिरिवरदाना, सचिव, वित्त, आर्थिक स्थिरीकरण एवं राष्ट्रीय नीति मंत्रालय, श्रीलंका सरकार और श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, एक्ज़िम बैंक ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्रीलंका के माननीय और श्रीलंका में भारत के माननीय उच्चायुक्त श्री गोपाल बागले उपस्थित रहे।

55 मिलियन यूएस डॉलर के इस ऋण-व्यवस्था करार पर हस्ताक्षर के साथ ही एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से श्रीलंका सरकार को अब तक 2.73 बिलियन यूएस डॉलर की कुल 11 ऋण-व्यवस्थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। श्रीलंका सरकार को प्रदत्त ये ऋण-व्यवस्थाएं पेट्रोलियम उत्पादों, रेलवे परियोजनाओं, रक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आपूर्ति के वित्तपोषण के लिए प्रदान की गई हैं।

इस ऋण-व्यवस्था सहित एक्‍ज़िम बैंक द्वारा अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका तथा सीआईएस क्षेत्र के 61 देशों को 27.81 बिलियन यूएस डॉलर की ऋण-प्रतिबद्धता के साथ कुल 274 ऋण-व्‍यवस्‍थाएं प्रदान की जा चुकी हैं। यह राशि भारत से निर्यातों के वित्तपोषण हेतु उपलब्‍ध है। भारत से निर्यातों को बढ़ावा देने के अतिरिक्त एक्‍ज़िम बैंक की ऋण-व्‍यवस्‍थाएं उभरते बाजारों में भारत की विशेषज्ञता और परियोजना निष्‍पादन क्षमताओं को भी प्रदर्शित करती हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री निर्मित वेद, महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक,
ऑफिस ब्लॉक, टावर-1, 7वीं मंज़िल, एड्जेसेंट रिंग रोड,
किदवई नगर (पूर्व), नई दिल्ली – 110023,
फोन :+91-11-24607710 
ई- मेल: eximloc@eximbankindia.in वेबसाइट: www.eximbankindia.in

माननीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने लॉन्च किया इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा विकसित ‘नेत्र’ (न्यू ई-ट्रैकिंग एंड रिमोट एडमिनिस्ट्रेशन) प्लैटफॉर्म

भारत सरकार की हालिया पहलों ने भारतीय विकास एवं आर्थिक सहायता योजना (आयडियाज़) को नए आयाम दिए हैं और इस अमृत काल में देश को विकास भागीदारी के लिए नए सिरे से तैयार करते हुए एक नई राह बनाई है। माननीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती निर्मला सीतारामन ने नई दिल्ली में 8 जून, 2022 को विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। वह ‘भारत की आर्थिक यात्रा @ 75’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के अवसर पर वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा मनाए जा रहे ऐतिहासिक सप्ताह के क्रम में किया गया। 

इस अवसर पर, श्रीमती सीतारामन ने भारत सरकार की ओर से भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) द्वारा आयडियाज़ के अंतर्गत दी जाने वाली रियायती ऋण-व्यवस्थाओं और इनसे भारत तथा भागीदार देश, दोनों को होने वाले विभिन्‍न फायदों के बारे में बात की। उन्होंने भागीदार देशों को आर्थिक और बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए सहायता देने और उनसे सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्‍पन्‍न करने, द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, और क्षमता विकास एवं कौशल हस्तांतरण में सहयोग के लिए भारत के विकास अनुभवों को साझा करने में आयडियाज़ की सफलता का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने व्यापार में विस्तार और उससे होने वाली आर्थिक वृद्धि तथा देश में रोजगार सृजन के जरिए आयडियाज़ से होने वाले समसामयिक लाभों को भी रेखांकित किया। 

कार्यक्रम के दौरान, आयडियाज़ के अंतर्गत दी गई ऋण-व्यवस्थाओं के प्रभाव पर इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा बनाए गए एक वीडियो में आयडियाज़ के बढ़ते स्कोप और स्तर को दिखाया गया। साथ ही, भागीदार देशों में लगाई गई कुछ चुनिंदा परियोजनाएं भी दिखाई गईं, जिनसे बहु-आयामी सामाजिक-आर्थिक लाभ मिले हैं। इस वीडियो से आयडियाज़ दिशानिर्देशों और इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा तैयार किए गए मॉडल दस्तावेज़ों की जानकारी भी मिलती है, जिससे खरीद प्रक्रिया आसान हुई है और आयडियाज़ के अंतर्गत परियोजनाओं के क्रियान्वयन और गुणवत्ता में भी सुधार आया है। 

ऐसे समय में जब देश अमृत महोत्सव से अमृत काल की ओर बढ़ रहा है, श्रीमती सीतारामन ने विकास भागीदारी के लिए भारत की प्रतिबद्धता की तरफ ओर एक और कदम के रूप में ‘नेत्र’ (न्यू ई-ट्रैकिंग एंड रिमोट एडमिनिस्ट्रेशन) नाम का एक प्लैटफॉर्म भी लॉन्च किया। यह डायनैमिक मॉनिटरिंग प्लैटफॉर्म इंडिया एक्ज़िम बैंक ने विकसित किया है। इस ‘नेत्र’ पर आयडियाज़ के अंतर्गत विभिन्‍न परियोजनाओं के बारे में तमाम जानकारियों के साथ-साथ उनके रियल-टाइम अपडेट मिलेंगे। साथ ही, परियोजनाओं की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उन्हें तीव्र गति से पूरा किया जा सकेगा। ‘नेत्र’ प्लैटफॉर्म पर 200 से ज्यादा डेटा पॉइंट कैप्चर किए जा सकते हैं, ताकि भारत सरकार द्वारा रियायती ऋण-व्यवस्था की घोषणा करने से लेकर अनुमोदन प्रक्रिया की निगरानी और परियोजना के क्रियान्वयन तक हर चरण की जानकारी सुलभ हो सके। संशोधित आयडियाज़ दिशानिर्देशों और मॉडल दस्तावेजों के साथ-साथ यह ‘नेत्र’ प्लैटफॉर्म भारत के लिए विकास सहयोग के नए युग का अगुआ होगा। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः 

सुश्री दीपाली अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय निर्यात-आयात बैंक, केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल, विश्‍व व्यापार केंद्र संकुल, कफ़ परेड, मुंबई 400005, फोन: +91-22-22172700 
ई-मेल : ccg@eximbankindia.in 

 

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत विकास की चुनौतियों के समाधान के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएंगी ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका की विकासवित्त संस्थाएं और अग्रणी एजेंसियां

टोक्यो–ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका की विकास वित्त संस्थाएं –एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया (ईएफए), ऑस्ट्रेलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फायनैंसिंग फैसिलिटी ऑपर द पैसिफिक (एआईएफएफपी), भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक), जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन (जेबिक) और यूएस इंटरनैशनल डेवलपमेंट फायनैंस कॉर्पोरेशन (यूएस - डीएफसी) के प्रमुख,चतुर्भुज राष्ट्रों  के नेताओं के सम्मेलन से पहले 23 मई, 2022 को टोक्यो में व्यक्तिगत और वर्चुअल रूप से जुड़े तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। 

वित्तीय संस्थाओं और एजेंसियों के प्रमुखों ने जलवायु परिवर्तन; सुरक्षित और विश्वेसनीय दूरसंचार नेटवर्क; ऊर्जा की सतत आपूर्ति; खाद्य और चिकित्सा सुरक्षा; और वैश्वि क आपूर्ति शृंखला से सापेक्षता सहित अन्य अनिवार्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्शकिया। 

हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत विकास के लिए सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सभी के बीच मिलकर काम करने को लेकर सहमति बनी। उन्होंने 5जी शुरू करने सहित दूरसंचार नेटवर्क परियोजनाओं जैसी सुरक्षित और विश्वमसनीय प्रौद्योगिकी और स्वच्छ हाइड्रोजन सहित हरित परिवर्तन प्रौद्योगिकी प्रदान करने के लिए नवोन्मेष को बढ़ावा देने के एकीकृत प्रयास करने पर ज़ोर दिया। आपूर्ति शृंखला सापेक्षता के संबंध में प्रतिभागी संस्थाएं और एजेंसियां चर्चा जारी रखेंगी और आपूर्ति शृंखला संबंधी बाधाओं और जोखिमों को चिह्नित करेंगी। साथ ही, महत्त्वपूर्ण वस्तुओं और संबंधित आपूर्ति शृंखलाओं के स्रोतों का विविधीकरण करने के लिए निजी क्षेत्र सहित व्यापक स्टेकहोल्डरों के साथ सहयोग के जरिए समुचित उपाय तलाशने पर भी काम करेंगी। 

इस सम्मेलन की मेजबानी जेबिक द्वारा की गई। जेबिक के गवर्नर तादाशी माइदा ने कहा, “चतुर्भुज राष्ट्रों  के नेताओं की बैठक से अलग, चारों विकास संस्थाओं और एजेंसियों का आज का यह सम्मेलन एक प्रतीकात्मक पहल है। ये वित्तीय संस्थाएं और एजेंसियां इस नए युग में वैश्वि क चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया के बारे में

एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया (ईएफए), ऑस्ट्रेलिया की निर्यात ऋण एजेंसी है। ईएफए ऑस्ट्रेलियाई निर्यातकों को और विदेशी बुनियादी ढांचागत विकास के लिए वाणिज्यिक ऋण प्रदान करती है। ईएफए ऑस्ट्रेलियाई लघु और मध्यम उद्यमों और बड़ी कंपनियों को निर्यात अवसरों को भुनाने तथा निर्यात आपूर्ति शृंखला में योगदान देने या उन्हें निर्यातों से राजस्व बढ़ाने में भी मदद करती है। 

एआईएफएफपी के बारे में

ऑस्ट्रेलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फायनैंसिंग फैसिलिटी फॉर द पैसिफिक (एआईएफएफपी), पूरे प्रशांत क्षेत्र और तिमोर लेस्ते में दूरसंचार, ऊर्जा, परिवहन और जल जैसे प्रमुख आर्थिक बुनियादी ढांचों में निवेश करती है। यह निवेश वित्तीय ऋण और ओडीए अनुदान दोनों प्रकार का होता है। 2019 में अपनी स्थापना के बाद से एआईएफएफपी द्वारा 10 प्रमुख बुनियादी ढांचागत कार्यों के लिए 950 मिलियन यूएस डॉलर से अधिक (730 मिलियन यूएस डॉलर के ऋण सहित) के वित्तपोषण के लिए मंजूरी दी जा चुकी है।ऋणों के संबंध में एआईएफएफपी को एक्सपोर्ट फायनैंस ऑस्ट्रेलिया का बैक-ऑफिस सहयोग मिलता है। 

इंडिया एक्ज़िम बैंक के बारे में 

भारतीय संसद के एक अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 1982 में भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में स्थापित इंडिया एक्ज़िम बैंक, भारत के वैश्विषक व्यापार और निवेश के वित्तपोषण, सुगमीकरण और संवर्धन में संलग्नत एक वित्तीय संस्था है। इंडिया एक्ज़िम बैंक अपनी स्थापना के समय से ही भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है और भारतीय कंपनियों को उनकी स्पर्धात्मकता बढ़ाने और उनके अंतरराष्ट्रीयकरण के प्रयासों में उनकी मदद करता है। बैंक विकासशील भागीदार देशों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है, ताकि विविध क्षेत्रों में तमाम परियोजनाओं में सकारात्मक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन परिलक्षित हो सकें। इंडिया एक्ज़िम बैंक, वैश्विेक व्यापार के डायनैमिक्स को ध्यान में रखते हुए तमाम क्षेत्रों में भागीदार देशों के साथ परस्पर लाभ के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं में नियमित रूप से नवाचार करता रहा है। 

जेबिक के बारे में 

जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन (जेबिक) जापान सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली पॉलिसी-आधारित वित्तीय संस्था है। इसका उद्देश्य जापानी और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था तथा समाज के विकास में योगदान देना, विदेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय कार्यकलापों का उत्तरदायित्व संभालना, जापान के लिए रणनीतिक महत्त्व के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, जापानी उद्योगों की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धात्मकता को बनाए रखना और उसे बढ़ाना, वैश्विंक पर्यावरण संरक्षण का प्रयोजन रखने वाले विदेशी व्यवसायों को बढ़ावा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में बाधाओं को रोकने या इस प्रकार की बाधाओं के प्रभाव के संबंध में समुचित उपायों को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सेवाएं प्रदान करना भी है। 

डीएफसी के बारे में 

यूएस इंटरनैशनल डेवलपमेंट फायनैंस कॉर्पोरेशन (डीएफसी) विकासशील देशों के सामने खड़ी सबसे गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर वित्तीय समाधान प्रदान करता है।  डीएफसी ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे तमाम क्षेत्रों में निवेश करता है। डीएफसी उभरते बाजारों में रोजगार सृजन के लिए लघु व्यवसायों और महिला उद्यमियों को भी वित्तपोषण प्रदान करता है। डीएफसी के निवेशों में उच्च मानकों का पालन किया जाता है और पर्यावरण, मानवाधिकारों तथा श्रमिक अधिकारों का सम्मान किया जाता है। 

कोविड-19 से निपटने के लिए भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग, इंडिया एक्ज़िम बैंक और जेबिक में 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण करार

(इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक सुश्री हर्षा बंगारी ने जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन के इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एन्वायर्नमेंट फायनैंस ग्रुप के प्रबंध कार्यकारी अधिकारी और ग्लोबल हेड श्री माकोतो उचिदा के साथ 100 मिलियन यूएस डॉलर का ऋण सुविधा करार किया)

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने कोविड-19 महामारी से संबंधित भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग करने के लिए जापान बैंक फॉर इंटरनैशनल कॉपरेशन (जेबिक) के साथ वर्चुअल रूप से 100 मिलियन यूएस डॉलर के एक ऋण करार पर हस्ताक्षर किए। यह ऋण करार 23 मई, 2022 को टोक्यो, जापान में हुए चतुर्भुज राष्ट्रों  के नेताओं के सम्मेलन के दौरान अलग से किया गया। बैंक ने यह ऋण करार तीन और जापानी निजी वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर किया है। ये संस्थाएं हैं- एमयूएफजी बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ क्योटो लिमिटेड और हाचीजुनी बैंक लिमिटेड। इन निजी वित्तीय संस्थाओं द्वारा सह-वित्तपोषित हिस्से के लिए जेबिक द्वारा गारंटी भी दी जाएगी। इस ऋण सुविधा का उद्देश्य कोविड-19 से मुकाबले के लिए भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सहयोग करने के साथ-साथ, टीका विनिर्माताओं, फार्मासूटिकल कंपनियों, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) विनिर्माताओं, चिकित्सा ऑक्सीजन या अन्य मेडिकल डिवाइस विनिर्माताओंऔर अस्पतालों तथा संबंधित अन्य गतिविधियों को सहयोग करना है। 

इस क्षेत्र की बाजार जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने के लिए, इंडिया एक्ज़िम बैंक ने भारतीय औषधि निर्यात संवर्धन परिषद (फार्मेक्सिल) के साथ मिलकर जुलाई 2021 में एक वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया। इसमें जेबिक और भारत की कुछ सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा और फार्मासूटिकल कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने हिस्सा लिया। भारत में इस तरह की कंपनियों के लिए उपलब्ध फंडिंग सुविधाओं के और अधिक प्रचार-प्रसार के मकसद से इंडिया एक्ज़िम बैंक ने सितंबर 2021 में फार्मेक्सिल के साथ मिलकर एक वेबिनार भी आयोजित किया। 

इस ऋण सुविधा के जरिए इंडिया एक्ज़िम बैंक और जेबिक, भारत में कोविड-19 के टीकों और संबंधित फार्मासूटिकल तथा स्वास्थ्य सेवा संबंधी उत्पादों के सुरक्षित और प्रभावी विनिर्माण को विस्तार देने की दिशा में संयुक्त रूप से काम करेंगे।  

इंडिया एक्ज़िम बैंक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और फार्मासूटिकल वैल्यू चेन में सभी खंडों को सहयोग प्रदान करता रहा है। बैंक ने इन क्षेत्रों में कंपनियों की घरेलू विस्तार परियोजनाओं को सहयोग प्रदान करने के अलावा, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र (अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं, पैथोलॉजिकल लैब और संबंधित प्रशिक्षण  / शिक्षा सेवाओं सहित) में विभिन्नथ भारतीय कंपनियों के वैश्वीिकरण के प्रयासों में भी मदद की है। साथ ही, बैंक ने फार्मासूटिकल कंपनियों (दवा और फॉर्मुलेशन विनिर्माताओं सहित) और बायोसिमिलर / बायोफार्मा (जीवन विज्ञान सहित) कंपनियों को भी सहयोग प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, इंडिया एक्ज़िम बैंक अनुसंधान एवं विकास, नए उत्पाद विकास और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी सहयोग प्रदान करता रहा है। 

वर्ष 1982 में स्थापित इंडिया एक्ज़िम बैंक भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक भारतीय कंपनियों को अपने विभिन्न  उत्पादों और सेवाओं के व्यापक विकल्प मुहैया कराता है। साथ ही, उनकी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए शोध एवं विश्लेषण जैसे सहयोग भी प्रदान करता है। बैंक भारतीय निर्यातक कंपनियों, विशेष रूप से मध्यम आकार के उद्यमों को अपने विभिन्ना ऋण कार्यक्रमों के जरिए उनके वैश्वीकरण के प्रयासों में तत्परता से सहयोग प्रदान करता है। इंडिया एक्ज़िम बैंक, वैश्वििक व्यापार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पादों और सेवाओं को नियमित रूप से नवोन्मेषी बनाता रहा है, ताकि वे तमाम क्षेत्रों में भागीदार देशों के लिए परस्पर लाभदायी स्थिति में हों। 

विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क कीजिएः
श्री तरुण शर्मा
मुख्य वित्तीय अधिकारी
भारतीय निर्यात-आयात बैंक
केंद्र एक भवन, 21वीं मंज़िल
विश्वर व्यापार केंद्र संकुल कफ़ परेड
मुंबई 400005
फोन:+91-22-22172601
ईमेल: tag@eximbankindia.in